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Gold Silver Price Today: तीसरे दिन भी सोना-चांदी सस्ता, चांदी में 3000 की बड़ी गिरावट

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सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। सोना 200 रुपये सस्ता हुआ है, जबकि चांदी में 3000 रुपये की बड़ी गिरावट आई है।

नई दिल्ली/आलम की खबर:देश के सर्राफा बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जहां सोने और चांदी दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई, राजधानी दिल्ली के बाजार में सोना मामूली गिरावट के साथ सस्ता हुआ, जबकि चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली, बाजार के जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बना हुआ है, यही वजह है कि घरेलू बाजार में भी इनकी चमक फीकी पड़ती नजर आ रही है और निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, उच्च शुद्धता वाले सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है और यह पिछले सत्र के मुकाबले नीचे आ गया है, वहीं चांदी की कीमत में और भी तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में फिलहाल बिकवाली का दबाव ज्यादा है, विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट केवल घरेलू कारणों से नहीं बल्कि वैश्विक संकेतों का भी परिणाम है, खासकर अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोने की मांग पर सीधा असर पड़ता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना डॉलर में ही ट्रेड होता है, ऐसे में डॉलर के मजबूत होने पर सोना महंगा हो जाता है और मांग कम हो जाती है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने भी बाजार को प्रभावित किया है, हालांकि आमतौर पर ऐसे हालात में सोने की मांग बढ़ती है, लेकिन इस बार डॉलर इंडेक्स में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में स्थिरता के कारण निवेशकों का रुझान अन्य विकल्पों की ओर बढ़ा है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है, वहीं चांदी, जो औद्योगिक उपयोग में भी आती है, उस पर वैश्विक मांग और सप्लाई के संतुलन का भी असर देखने को मिल रहा है, यही कारण है कि इसमें ज्यादा उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो वहां सोने और चांदी की कीमतों में हल्की मजबूती देखी गई है, लेकिन इसका असर भारतीय बाजार पर सीमित रहा है, घरेलू बाजार में रुपये और डॉलर के बीच विनिमय दर का प्रभाव भी काफी महत्वपूर्ण होता है, जब रुपया कमजोर होता है तो आयातित धातुएं महंगी हो जाती हैं, लेकिन इस समय वैश्विक कारकों का असर ज्यादा प्रमुख नजर आ रहा है, जिससे कीमतों में गिरावट बनी हुई है, निवेशकों के लिए यह स्थिति थोड़ी जटिल बनी हुई है, क्योंकि एक ओर अंतरराष्ट्रीय संकेत मिश्रित हैं, वहीं दूसरी ओर घरेलू मांग में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कई अहम कारकों पर निर्भर करेगी, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण अमेरिका की मौद्रिक नीति और फेडरल रिजर्व के फैसले होंगे, यदि ब्याज दरों में कोई बदलाव होता है या सख्ती के संकेत मिलते हैं, तो इसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ेगा, इसके अलावा वैश्विक राजनीतिक स्थिति, खासकर पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति, भी बाजार को प्रभावित करती रहेगी, निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय बाजार के संकेतों को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर निवेश करें।

इस बीच, सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि शादी-विवाह के सीजन और त्योहारी मांग के आधार पर आने वाले समय में कीमतों में कुछ स्थिरता देखने को मिल सकती है, हालांकि फिलहाल गिरावट का रुख बना हुआ है, जिससे खरीदारों के लिए यह एक अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है, जो लोग लंबे समय के निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं, उनके लिए मौजूदा स्तर आकर्षक हो सकते हैं, लेकिन बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए सतर्क रहना भी जरूरी है।

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