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शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच 6 बड़ी कंपनियों की चमक, रिलायंस और टीसीएस ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा

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पिछले हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिलायंस, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, एलआईसी, बजाज फाइनेंस और एलएंडटी जैसी छह बड़ी कंपनियों की मार्केट वैल्यू में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि चार कंपनियों को नुकसान हुआ।

पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला, जहां निवेशकों के बीच असमंजस और वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी, अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले मिश्रित संकेत और महंगाई व ब्याज दरों को लेकर बनी चिंताओं के बीच पूरा सप्ताह शेयर बाजार एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे होता रहा। हालांकि इन चुनौतियों के बावजूद देश की कुछ बड़ी और मजबूत कंपनियों ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा और बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने में अहम भूमिका निभाई।

पिछले सप्ताह के कारोबार में देश की शीर्ष 10 कंपनियों में से छह कंपनियों ने कुल मिलाकर अच्छा प्रदर्शन किया और इनकी संयुक्त मार्केट कैप में 74,111.57 करोड़ रुपये का जबरदस्त इजाफा दर्ज किया गया। वहीं चार बड़ी कंपनियों को नुकसान भी उठाना पड़ा, जिससे पूरे बाजार में संतुलित लेकिन अस्थिर माहौल बना रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस उतार-चढ़ाव के बावजूद सेंसेक्स 177 अंकों की बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा, जो बाजार की मजबूती का संकेत माना जा रहा है।

बाजार विशेषज्ञ अजीत मिश्रा के अनुसार, इस दौरान निवेशकों के बीच सबसे बड़ी चिंता वैश्विक आर्थिक स्थिति और घरेलू महंगाई का रुख रहा। इसके अलावा ब्याज दरों को लेकर भविष्य की नीति को लेकर भी बाजार में अनिश्चितता बनी रही। इन्हीं कारणों से निवेशक बड़े फैसले लेने से बचते नजर आए और बाजार में सीमित दायरे में ट्रेडिंग होती रही।

तमाम दबावों के बावजूद छह बड़ी कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन किया, जिनमें Reliance Industries, Tata Consultancy Services, ICICI Bank, Life Insurance Corporation of India, Bajaj Finance और Larsen & Toubro शामिल रहीं। इन कंपनियों ने अपने मजबूत फंडामेंटल्स और निवेशकों के भरोसे के दम पर बाजार में सकारात्मक योगदान दिया।

सबसे अधिक फायदा रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ, जिसकी मार्केट वैल्यू में 24,696.89 करोड़ रुपये का इजाफा दर्ज किया गया और इसका कुल मूल्य अब 18,33,117.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके बाद टीसीएस ने 19,338.68 करोड़ रुपये का उछाल दर्ज किया, जबकि आईसीआईसीआई बैंक की वैल्यूएशन में 14,515.93 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। एलआईसी ने भी 9,076.37 करोड़ रुपये का लाभ हासिल किया। बजाज फाइनेंस ने 3,797.83 करोड़ रुपये और लार्सन एंड टुब्रो ने 2,685.87 करोड़ रुपये की बढ़त दर्ज कर निवेशकों को राहत दी।

हालांकि दूसरी ओर चार बड़ी कंपनियों में गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार का संतुलन थोड़ा कमजोर हुआ। Bharti Airtel को सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ा, जिसकी मार्केट वैल्यू 20,229.67 करोड़ रुपये घट गई। इसके अलावा Hindustan Unilever की वैल्यू 16,212.18 करोड़ रुपये कम हुई। सरकारी बैंक State Bank of India को भी 12,784.4 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank को 2,094.35 करोड़ रुपये की गिरावट का सामना करना पड़ा।

इन उतार-चढ़ावों के बीच सबसे बड़ी बात यह रही कि कंपनियों की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक बार फिर देश की सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान बरकरार रखा। इसके बाद एचडीएफसी बैंक दूसरे स्थान पर, भारती एयरटेल तीसरे स्थान पर और आईसीआईसीआई बैंक चौथे स्थान पर बनी रही। पांचवें से दसवें स्थान तक क्रमशः एसबीआई, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी ने अपनी स्थिति बनाए रखी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति बताती है कि भारतीय बाजार अभी भी मजबूत बुनियादी ढांचे पर खड़ा है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू आर्थिक संकेतों के कारण अल्पकालिक उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और दीर्घकालिक रणनीति अपनाने का है, न कि तात्कालिक लाभ के पीछे भागने का।

बाजार के इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि मजबूत कंपनियां किसी भी अस्थिरता में भी अपनी स्थिति बनाए रखने में सक्षम हैं, जबकि कमजोर सेक्टर दबाव में आ सकते हैं। आने वाले हफ्तों में यदि वैश्विक संकेत स्थिर रहते हैं, तो बाजार में फिर से मजबूती देखने को मिल सकती है।

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