:
Breaking News

शेयर बाजार में लौटेगा ओपन मार्केट बायबैक, गोल्ड और सिल्वर ETF के लिए बदले नियम

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

सेबी बोर्ड ने शेयर बायबैक नियमों में बड़ा बदलाव किया है। कंपनियों को फिर से खुले बाजार से शेयर खरीदने की अनुमति मिलेगी। गोल्ड और सिल्वर ETF के लिए भी नया ट्रेडिंग सिस्टम लागू होगा।

भारतीय शेयर बाजार से जुड़े निवेशकों और कंपनियों के लिए बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शुक्रवार को कई अहम फैसले लिए हैं। सेबी की बोर्ड बैठक में शेयर पुनर्खरीद यानी बायबैक के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए कंपनियों को दोबारा खुले बाजार के जरिए अपने शेयर खरीदने की अनुमति देने का फैसला किया गया है। इसके अलावा म्यूचुअल फंड के लिए इंट्रा-डे उधारी से जुड़े नियमों में राहत और निवेशक की मृत्यु के बाद प्रतिभूतियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी निर्णय लिया गया है।

सेबी के इस फैसले के बाद कंपनियों के पास शेयर बायबैक करने के लिए पहले की तुलना में अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे। नया ओपन मार्केट बायबैक सिस्टम 1 अगस्त से लागू किया जाएगा। इसके तहत कंपनियां निर्धारित समय सीमा के अंदर शेयर बाजार से सीधे अपने शेयर खरीद सकेंगी।

लंबे समय बाद वापस आया ओपन मार्केट बायबैक

शेयर बायबैक किसी कंपनी की ऐसी प्रक्रिया होती है जिसमें कंपनी अपने ही जारी किए गए शेयरों को निवेशकों से वापस खरीदती है। कंपनियां इसका इस्तेमाल आमतौर पर अपनी अतिरिक्त नकदी का बेहतर उपयोग करने, शेयरधारकों को फायदा पहुंचाने और बाजार में कंपनी के प्रति भरोसा बढ़ाने के लिए करती हैं।

पहले कंपनियों को खुले बाजार से शेयर खरीदने की सुविधा थी, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया था। इसकी मुख्य वजह पारदर्शिता और छोटे निवेशकों की समान भागीदारी को लेकर उठे सवाल थे। नियामक को चिंता थी कि खुले बाजार में खरीदारी के दौरान सभी शेयरधारकों को समान अवसर नहीं मिल पाता और कंपनियां बाजार भाव को प्रभावित कर सकती हैं।

अब सेबी ने नए नियमों और निगरानी व्यवस्था के साथ इस व्यवस्था को फिर से लागू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था में ओपन मार्केट बायबैक की अवधि 60 दिन निर्धारित की गई है।

कंपनियों को मिलेगा पूंजी प्रबंधन का नया विकल्प

सेबी के इस फैसले से उन कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है जो अपने पास मौजूद अतिरिक्त नकदी को शेयरधारकों तक पहुंचाना चाहती हैं। कई बार कंपनियां अपने कारोबार में जरूरी निवेश के बाद बची रकम का इस्तेमाल बायबैक के जरिए करती हैं।

बायबैक से बाजार में कंपनी के शेयरों की संख्या कम हो सकती है, जिससे प्रति शेयर आय यानी EPS में सुधार देखने को मिल सकता है। इसके अलावा यह कदम निवेशकों को कंपनी की भविष्य की योजनाओं और वित्तीय मजबूती के प्रति सकारात्मक संकेत भी दे सकता है।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ओपन मार्केट बायबैक में पारदर्शिता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि इसमें कंपनी बाजार से अलग-अलग समय पर शेयर खरीदती है, इसलिए निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत रहनी जरूरी है।

गोल्ड और सिल्वर ETF के नियमों में बदलाव

सेबी ने सोने और चांदी से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ETF के लिए भी नई ट्रेडिंग व्यवस्था को मंजूरी दी है। यह नया सिस्टम 1 सितंबर से लागू होगा।

इस बदलाव का उद्देश्य ETF की कीमतों को उनके वास्तविक मूल्य के करीब बनाए रखना और निवेशकों को बेहतर ट्रेडिंग अनुभव देना है। सेबी का कहना है कि नई व्यवस्था से कीमतों की सही खोज यानी प्राइस डिस्कवरी में सुधार होगा और घरेलू कमोडिटी ETF वैश्विक बाजारों के साथ बेहतर तालमेल बना सकेंगे।

नए नियमों के तहत गोल्ड और सिल्वर ETF में कारोबारी सत्र की शुरुआत प्री-ओपन कॉल ऑक्शन से होगी। इसके साथ ही डायनामिक प्राइस बैंड की व्यवस्था भी लागू की जाएगी।

इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में रातभर होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार में अधिक व्यवस्थित तरीके से दिखाई देगा। खासकर सोने और चांदी जैसे उत्पादों में जहां वैश्विक कीमतों का बड़ा प्रभाव होता है।

निवेशकों के हित में आसान होगी प्रक्रिया

सेबी ने निवेशकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतिभूतियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाने का भी फैसला किया है। किसी निवेशक की मृत्यु के बाद उसके शेयर, म्यूचुअल फंड और अन्य निवेश को नामित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी तक पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

इससे परिवार के सदस्यों को दस्तावेजी प्रक्रिया और लंबी औपचारिकताओं से राहत मिलने की उम्मीद है। बाजार नियामक लगातार कोशिश कर रहा है कि निवेशकों को बेहतर सुविधा मिले और भारतीय पूंजी बाजार में लोगों का भरोसा मजबूत हो।

भारतीय बाजार को मजबूत बनाने की दिशा में कदम

सेबी के ताजा फैसलों को भारतीय शेयर बाजार में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ कंपनियों को शेयर बायबैक के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ ETF निवेशकों के लिए ट्रेडिंग व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी।

भारतीय शेयर बाजार में लगातार नए निवेशक जुड़ रहे हैं। ऐसे में बाजार के नियमों को आसान, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना जरूरी है। सेबी के ये फैसले इसी दिशा में उठाए गए कदम माने जा रहे हैं।

आने वाले समय में इन बदलावों का असर कंपनियों की रणनीति और निवेशकों के अनुभव पर दिखाई दे सकता है। हालांकि नए नियमों के प्रभाव को समझने के लिए इनके लागू होने के बाद बाजार की प्रतिक्रिया पर नजर रखनी होगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *