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डायमंड हार्बर में मतदान गड़बड़ी के आरोप: अमित मालवीय ने उठाए सवाल, पुनर्मतदान की मांग

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पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर क्षेत्र में मतदान के दौरान गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कई बूथों पर पुनर्मतदान की मांग की है। जानिए पूरा मामला।

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता Amit Malviya ने यहां कई मतदान केंद्रों पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप करते हुए प्रभावित बूथों पर पुनर्मतदान कराने की मांग की है। आरोपों के सामने आने के बाद राज्य की सियासत में एक बार फिर चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर बहस तेज हो गई है।भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, डायमंड हार्बर के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देने में बाधा पहुंचाई गई। आरोप है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम में कुछ बटनों को टेप लगाकर ढक दिया गया था, जिससे मतदाता विशेष विकल्पों का चयन नहीं कर पा रहे थे। इस तरह की कथित गड़बड़ी को लेकर भाजपा ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ बताया है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

Amit Malviya ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए इन आरोपों को विस्तार से रखा। उन्होंने दावा किया कि यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया गया है ताकि चुनाव परिणाम को प्रभावित किया जा सके। उनके अनुसार, यह केवल एक-दो बूथों की समस्या नहीं है, बल्कि कई स्थानों पर एक जैसे पैटर्न में ऐसी शिकायतें सामने आई हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने अपने बयान में राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी All India Trinamool Congress पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए इस तरह की रणनीतियां अपनाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह तरीका पहले भी अपनाया गया था और इसे ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा नेता का कहना है कि अगर इन आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो मतदाताओं का विश्वास चुनाव प्रक्रिया से कमजोर हो सकता है।

इस पूरे मामले में Mamata Banerjee और उनके नेतृत्व वाली पार्टी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं। भाजपा ने आयोग से मांग की है कि जिन बूथों पर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, वहां तत्काल जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर पुनर्मतदान कराया जाए। पार्टी का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है और इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

स्थानीय प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा है कि शिकायतों की जांच की जा रही है और यदि कहीं भी गड़बड़ी पाई जाती है, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।

डायमंड हार्बर क्षेत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जाता है और यहां होने वाले चुनाव परिणामों पर पूरे राज्य की नजर रहती है। ऐसे में इस तरह के आरोप चुनावी माहौल को और संवेदनशील बना देते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य की राजनीति पर असर डाल सकता है।

इस बीच, मतदाताओं के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि चुनाव आयोग को तुरंत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।

फिलहाल, पूरा मामला जांच के अधीन है और सभी पक्षों की ओर से अपनी-अपनी दलीलें सामने आ रही हैं। आने वाले समय में चुनाव आयोग और प्रशासन की कार्रवाई यह तय करेगी कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

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