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देशभर में बदला मौसम का मिजाज: पूर्वोत्तर में मूसलाधार बारिश, बिहार-झारखंड में राहत के आसार, कई राज्यों में IMD का अलर्ट

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भारतीय मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों के लिए भारी बारिश, आंधी-तूफान और लू को लेकर चेतावनी जारी की है। मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है, लेकिन पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत में मौसम लगातार सक्रिय है।

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति इस वर्ष उम्मीद के मुताबिक तेज नहीं दिख रही है। जून का आधा महीना बीतने को है, लेकिन मानसून अभी भी कई इलाकों में अपनी पूरी रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। इसके बावजूद देशभर में मौसम की गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं। कहीं भारी बारिश लोगों के लिए राहत लेकर आ रही है तो कहीं तेज आंधी, बिजली गिरने की घटनाएं और लू जैसी परिस्थितियां चिंता बढ़ा रही हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को देश के विभिन्न हिस्सों के लिए अलग-अलग मौसम संबंधी चेतावनियां जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में तेज आंधी, गरज-चमक और धूल भरी हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में गर्मी अभी भी लोगों की परीक्षा ले रही है और वहां लू की स्थिति बरकरार रहने की आशंका जताई गई है।

मानसून की धीमी रफ्तार बढ़ा रही चिंता

हर वर्ष जून के मध्य तक मानसून देश के बड़े हिस्से में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी प्रगति अपेक्षाकृत धीमी मानी जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक मौसमीय परिस्थितियों का असर मानसून की चाल पर दिखाई दे रहा है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में मानसून कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दक्षिण छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और आसपास के कुछ अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है। हालांकि उत्तर भारत के बड़े हिस्से को अभी भी मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने का इंतजार करना पड़ सकता है।

सक्रिय मौसमीय सिस्टम बढ़ा रहे बारिश की संभावना

देशभर में मौसम को प्रभावित करने वाले कई सिस्टम इस समय सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बना हुआ है। इसके अलावा पाकिस्तान और राजस्थान के आसपास चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति मौसम को प्रभावित कर रही है। बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत के ऊपर सक्रिय सिस्टम भी लगातार नमी पहुंचा रहे हैं, जिसके कारण कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यही सिस्टम आने वाले दिनों में कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी-तूफान की वजह बन सकते हैं।

पूर्वोत्तर भारत में बारिश बनी चुनौती

पूर्वोत्तर भारत इस समय सबसे अधिक बारिश प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।

लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

बिहार और झारखंड में राहत देने वाला मौसम

बिहार और झारखंड के लोगों के लिए मौसम राहत लेकर आ सकता है। दोनों राज्यों के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी के बीच बारिश लोगों को राहत पहुंचा सकती है।

हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खेतों में काम कर रहे किसानों और खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।

ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी सक्रिय रहेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी मौसम पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। यहां कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। बारिश के कारण जहां तापमान में गिरावट आएगी, वहीं कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में इन राज्यों में मानसून और मजबूत हो सकता है, जिससे बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।

दक्षिण भारत में बेहतर स्थिति में मानसून

दक्षिण भारत इस समय मानसून के लिहाज से सबसे बेहतर स्थिति में दिखाई दे रहा है। केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में लगातार बारिश की संभावना बनी हुई है।

केरल और कर्नाटक के कई हिस्सों में पहले से ही अच्छी बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग का मानना है कि दक्षिण भारत में मानसून अगले कुछ दिनों में और मजबूत होगा, जिससे कृषि गतिविधियों को भी फायदा मिलेगा।

दिल्ली में अभी और इंतजार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसून का इंतजार अभी जारी है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है, लेकिन इससे लंबे समय तक राहत मिलने की संभावना कम है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में दिल्ली के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसका मतलब है कि राजधानी में गर्मी और उमस एक बार फिर लोगों को परेशान कर सकती है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मिला-जुला असर

उत्तर प्रदेश में मौसम का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश और गरज-चमक की संभावना अधिक है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत शांत रह सकता है।

उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। चारधाम यात्रा मार्गों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने यात्रियों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में तेज आंधी का खतरा

राजस्थान के कई हिस्सों में तेज आंधी और धूल भरी हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी राजस्थान में हवाओं की गति काफी तेज रहने का अनुमान है। इसके साथ गरज-चमक और हल्की बारिश भी हो सकती है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मौसम तेजी से बदल सकता है। यहां तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां लोगों को सतर्क रहने का संकेत दे रही हैं।

महाराष्ट्र में लू से राहत नहीं

जहां देश के कई हिस्से बारिश का आनंद ले रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में गर्मी अभी भी कम नहीं हुई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में हीटवेव जैसी स्थिति बने रहने की संभावना जताई है।

हालांकि कोंकण और गोवा क्षेत्र में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन उमस लोगों को परेशान करती रहेगी।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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• कृषि और मानसून से जुड़ी विशेष रिपोर्ट – alamkikhabar.com

मानसून केवल मौसम नहीं बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था, कृषि और करोड़ों लोगों की आजीविका से जुड़ा विषय है। इस बार मानसून की धीमी प्रगति ने किसानों और मौसम विशेषज्ञों दोनों की चिंता बढ़ाई है। हालांकि अच्छी बात यह है कि देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं और अगले कुछ दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

सरकार और प्रशासन को चाहिए कि भारी बारिश वाले इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से निपटने की तैयारी पहले से मजबूत रखी जाए। वहीं जिन क्षेत्रों में लू का असर जारी है, वहां लोगों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं और जागरूकता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

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