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खरमास 2025 की शुरुआत आज से, डेढ़ महीने तक थम जाएंगे शुभ कार्य

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नई दिल्ली/पटना।आज से खरमास की अवधि आरंभ हो गई है, जिसके साथ ही हिंदू धर्म में विवाह, गृहप्रवेश और अन्य शुभ-मांगलिक कार्यों पर लगभग डेढ़ महीने का विराम लग जाएगा। इस बार का खरमास कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि करीब आठ साल बाद इस दौरान शुक्र ग्रह का अस्त होना भी हो रहा है। ऐसे में मांगलिक कार्यों की शुरुआत सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद ही संभव होगी।

ज्योतिषाचार्य पंडित शशिकांत मिश्रा ने पंचांगों का हवाला देते हुए बताया कि मंगलवार दोपहर 01:24 बजे सूर्य धनु राशि में प्रवेश कर चुके हैं। इसी के साथ खरमास की गणना शुरू हो गई है। यह अवधि 14 जनवरी 2026 की रात 09:19 बजे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने तक रहेगी। मकर संक्रांति के साथ ही खरमास समाप्त होगा और फिर से शुभ कार्यों की अनुमति मिलेगी।

मौसम और ऋतु पर भी दिखता है असर

सूर्य के धनु राशि में रहने के दौरान दिन अपेक्षाकृत छोटे और रातें लंबी हो जाती हैं। इस समय हेमंत ऋतु का प्रभाव रहता है, जिसमें ठंड, धुंध, बादल और कुछ क्षेत्रों में बारिश या बर्फबारी की संभावना बढ़ जाती है। वहीं सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही उत्तरायण का आरंभ होता है, दिन बड़े होने लगते हैं और मौसम में धीरे-धीरे बदलाव दिखाई देता है। यह परिवर्तन धार्मिक ही नहीं, बल्कि कृषि और प्राकृतिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

खरमास में क्या करें, क्या न करें
इस अवधि में विवाह, मुंडन, गृहप्रवेश, नया व्यापार शुरू करना जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। हालांकि धार्मिक दृष्टि से यह समय साधना और पुण्य के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इस दौरान दान-पुण्य, रामायण और भागवत कथा, मंत्र जाप, व्रत, स्नान और शास्त्रों का पाठ करना फलदायी बताया गया है।

खरमास से जुड़ी पौराणिक मान्यता
धार्मिक कथाओं के अनुसार, भगवान सूर्य अपने सात घोड़ों के रथ पर आकाश की यात्रा करते हैं। जब घोड़े थक गए, तो रथ को कुछ समय के लिए गधों से खिंचवाया गया, जिससे गति मंद हो गई। इसी मंद गति की अवधि को खरमास कहा गया और इसे एक मास तक सीमित माना गया।

साल में दो बार क्यों लगता है खरमास

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वर्ष में दो बार खरमास आता है—पहला धनु राशि में और दूसरा मीन राशि में। ये दोनों राशियां गुरु की मानी जाती हैं। मान्यता है कि इस दौरान बृहस्पति की शक्ति क्षीण हो जाती है, इसलिए विवाह जैसे मांगलिक कार्य शुभ नहीं माने जाते। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद ही विवाह और अन्य संस्कार दोबारा आरंभ होते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां एक नजर में

सूर्य का धनु राशि में प्रवेश: 16 दिसंबर 2025, दोपहर 01:24 बजे

खरमास की अवधि: लगभग एक माह

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश: 14 जनवरी 2026, रात 09:19 बजे


इस तरह, खरमास 2025 धार्मिक आस्था, संयम और साधना का समय लेकर आया है, जिसमें नियमों का पालन कर लोग शुभ फल की कामना कर सकते हैं।

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