:
Breaking News

कैग रिपोर्ट का बड़ा खुलासा: बिहार में ₹4844 करोड़ राजस्व बकाया, योजनाओं और विभागों में भारी अनियमितताएं उजागर

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार की वित्तीय व्यवस्था पर बड़ा सवाल: नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की ताजा रिपोर्ट ने सरकारी तंत्र की वसूली क्षमता, विभागीय निगरानी और योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बजट सत्र के दौरान बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव द्वारा पेश इस रिपोर्ट में सामने आया कि राज्य सरकार हजारों करोड़ रुपये का राजस्व समय पर वसूल ही नहीं कर पा रही है, जिससे वित्तीय अनुशासन पर गहरी चोट पड़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2023 तक राज्य पर कुल ₹4844.46 करोड़ का राजस्व बकाया था, जिसमें से ₹1430 करोड़ से अधिक राशि पांच वर्षों से लंबित पड़ी है, जो वसूली तंत्र की सुस्ती और प्रशासनिक लापरवाही का संकेत देती है। कर वसूली की स्थिति भी चिंताजनक है—माल व यात्री कर के रूप में ₹248.58 करोड़, राज्य उत्पाद से ₹54.30 करोड़, जीएसटी से ₹3.25 करोड़ तथा विद्युत कर से संबंधित लाखों रुपये अब तक वसूले नहीं जा सके हैं। परिवहन विभाग में अनियमितता का स्तर और गंभीर पाया गया, जहां स्वचालित परीक्षण प्रक्रिया का पालन किए बिना हजारों वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में भी नियमों की अनदेखी सामने आई—डेटाबेस के अनुसार सैकड़ों आवेदकों को बिना शारीरिक सत्यापन लाइसेंस दे दिया गया। वाहन पंजीकरण के दौरान डीलरों द्वारा दी गई जानकारी का समुचित सत्यापन नहीं होने से करोड़ों रुपये का राजस्व कम वसूला गया और भारी जुर्माना भी नहीं लगाया गया। कृषि क्षेत्र में भी स्थिति संतोषजनक नहीं रही—बाढ़ प्रभावित घोषित न किए गए जिलों में करोड़ों की सब्सिडी बांट दी गई, जबकि कई ऐसे लाभार्थियों को भी राशि मिली जो आपदा क्षेत्र में आते ही नहीं थे। फसल क्षति के चिन्हित क्षेत्र से कहीं अधिक भूभाग में सब्सिडी वितरण ने निगरानी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। कैग रिपोर्ट के सार्वजनिक होते ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और माना जा रहा है कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर सकता है, जबकि प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बकाया राजस्व की वसूली और वित्तीय पारदर्शिता बहाल करने की होगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *