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दिल्ली एक्साइज घोटाले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया आरोपमुक्त, फैसले के बाद पार्टी नेताओं के साथ हनुमान मंदिर में करेंगे पूजा-अर्चना

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दिल्ली के एक्साइज पॉलिसी घोटाले में राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले का कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया है। इनमें प्रमुख रूप से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष कविता कल्वाकुंटला शामिल हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष जज जितेंद्र सिंह ने कहा कि मामले में सीबीआई द्वारा प्रस्तुत मुख्य और पूरक चार्जशीट में अपराध के कोई ठोस सबूत नहीं हैं। अदालत ने जांच को विरोधाभासी, अपर्याप्त और साजिश आधारित बताया और अभियोजन पक्ष की दलीलों को कमजोर करार दिया।
598 पृष्ठों के विस्तृत आदेश में जज ने कहा कि मामला आपराधिक अभियोजन की बुनियादी शर्तों को भी पूरा नहीं करता। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि आरोपी मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन और अरविंद केजरीवाल कुल 156 दिन जेल में रह चुके हैं। अदालत ने जेल में बिताए समय का जिक्र करते हुए कहा कि आरोप तय करने की प्रक्रिया में न्याय का ध्यान नहीं रखा गया। जज ने सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश करते हुए कहा कि जांच एजेंसी ने दस्तावेजों और गवाहों के बयानों में विरोधाभास पैदा किया।
अदालत के फैसले के बाद आज केजरीवाल और सिसोदिया पार्टी नेताओं के साथ दिल्ली के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। यह कदम उनके राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में एक नई दिशा का प्रतीक माना जा रहा है।
घोटाले की जांच 2022 में शुरू हुई थी। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने निजी शराब कारोबारियों के साथ मिलीभगत कर नीति में बदलाव किया, जिससे थोक विक्रेताओं को 12% मार्जिन दिया गया, जो कथित रूप से रिश्वत के रूप में साझा किया गया। हालांकि, अदालत ने कहा कि जांच पूर्वनिर्धारित दिशा में आगे बढ़ी और इसमें किसी प्रकार की साजिश या अपराध का ठोस प्रमाण नहीं है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों को केवल प्रामाणिक और ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही मुकदमे दायर करने चाहिए, न कि अनुमान या धारणा पर। इस फैसले के साथ ही 23 आरोपियों में विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, समीर महेंद्रू, अरुण रामचंद्र पिल्लई, मूथा गौतम, अमनदीप सिंह ढल, अर्जुन पांडे, बुच्चिबाबू गोरंटला, राजेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद कुमार सिंह, चनप्रीत सिंह रायत, दुर्गेश पाठक, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष चंद माथुर और सरथ चंद्र रेड्डी भी शामिल हैं।
विशेष जज ने सीबीआई द्वारा आरोपी संख्या 1 से 23 तक का चयन और चार्जशीट प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पर आश्चर्य व्यक्त किया और सिफारिश की कि एजेंसी की कार्यप्रणाली की विभागीय जांच की जाए। इस फैसले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर हलचल मचा दी है, जबकि आरोपियों ने लंबे समय से झेलते न्यायिक दबाव से राहत की सांस ली है।

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