:
Breaking News

IRCTC घोटाला: लालू परिवार के लिए आज अहम दिन, अदालत में होगी ट्रायल प्रक्रिया की दिशा तय

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

नई दिल्ली: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके पूरे परिवार के लिए आज एक निर्णायक दिन है। आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े इस मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल सीबीआई जज की अदालत में सुनवाई होने जा रही है। पिछली सुनवाई में अदालत ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप तय किए थे।
आईआरसीटीसी घोटाले में आरोप है कि रेलवे के खानपान से जुड़े ठेके कुछ निजी कंपनियों को दिए गए और इसके बदले में लालू परिवार को जमीन और आर्थिक लाभ मिला। अदालत ने माना कि यह साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई और परिवार को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाया गया। राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को बेहद कम कीमत पर जमीन दी गई, जिसे रिश्वत के तौर पर देखा जा सकता है। अदालत ने आरोपों के आधार पर कहा कि सभी आरोपी एक व्यापक साजिश का हिस्सा थे और उनकी दलीलें उसे संतुष्ट नहीं कर सकीं।
अदालत ने आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120बी (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) एवं 13(1)(डी) के तहत आरोप तय किए हैं। राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ 120बी और 420 आईपीसी के तहत ट्रायल चलाया जाएगा। आरोप तय होने के बाद लालू यादव ने अदालत में स्पष्ट किया कि वे आरोपों को स्वीकार नहीं करते और मुकदमे का सामना करेंगे। तेजस्वी यादव ने भी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वे कानूनी रूप से मुकदमे का सामना करेंगे।
यह मामला उस समय का है जब लालू यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे। आरोप है कि आईआरसीटीसी के तहत रेलवे के खानपान से जुड़े ठेके कुछ निजी कंपनियों को दिए गए और इसके बदले लालू परिवार को जमीन के रूप में लाभ मिला। सीबीआई ने इस मामले में पहले ही विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी। आरोप तय होने के बाद अब ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी। अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय की जाएगी।
सुनवाई से पहले लालू यादव और राबड़ी देवी दिल्ली में मौजूद हैं, वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। अदालत ने पिछली सुनवाई में 28 फरवरी को अगली सुनवाई की तारीख तय की थी, लेकिन आज की सुनवाई से यह साफ हो जाएगा कि ट्रायल कब से शुरू होगा और आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आईआरसीटीसी घोटाला केवल लालू परिवार के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी एक अहम मामला है। इस सुनवाई के परिणाम से न केवल ट्रायल की दिशा तय होगी, बल्कि इससे बिहार की राजनीति पर भी असर पड़ेगा।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में भ्रष्टाचार की साजिश रची गई थी और आरोपियों को इससे प्रत्यक्ष लाभ हुआ। कोर्ट ने माना कि यह साजिश लालू यादव की जानकारी में हुई और उनके परिवार को लाभ मिला। सीबीआई ने मामले में सबूतों की पूरी श्रृंखला पेश की है, जिससे प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट होता है कि सभी आरोपी साजिश में शामिल थे।
आईआरसीटीसी घोटाला 2000 के दशक में रेलवे खानपान ठेके वितरण से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी ठेके निजी कंपनियों को दिए गए और इसके बदले लालू परिवार को भूमि और अन्य लाभ प्राप्त हुए। सीबीआई की चार्जशीट में आरोपियों की संलिप्तता के ठोस साक्ष्य पेश किए गए हैं। कोर्ट ने आरोप तय करने के बाद ट्रायल की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया है।
आज की सुनवाई में अदालत यह भी तय करेगी कि किस तरह से ट्रायल शुरू होगा और आरोपियों के खिलाफ सबूतों की समीक्षा किस तरीके से होगी। इससे पहले अदालत ने लालू परिवार और अन्य आरोपियों को नोटिस जारी कर सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
इस मामले में राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि आईआरसीटीसी घोटाला बिहार की राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय रहा है। लालू परिवार के लिए आज की सुनवाई महत्वपूर्ण है, क्योंकि अदालत के फैसले से ट्रायल की दिशा तय होगी और आरोपियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई की शुरुआत होगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *