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रंगों में रंगा देश: गली-गली गूंजा ‘होली है’, सद्भाव और समरसता का संदेश लेकर आया रंगोत्सव

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फाल्गुन की नरम धूप के साथ आज पूरा देश रंगों की बारिश में भीग उठा। सुबह होते ही शहरों की सड़कों, कस्बों की चौपालों और गांवों की गलियों में गुलाल की लालिमा और अबीर की खुशबू तैरने लगी। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते कदम, बच्चों की खिलखिलाहट और बुजुर्गों की स्नेहभरी मुस्कान—हर चेहरे पर उत्सव का उजास साफ दिखाई दिया। कहीं मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण हुआ तो कहीं युवा टोली बनाकर रंगों के साथ गीत-संगीत का आनंद लेते नजर आए। ‘बुरा न मानो, होली है’ की गूंज के बीच लोग गले मिलकर आपसी मनमुटाव भूलते दिखे, मानो यह पर्व रिश्तों की नई शुरुआत का बहाना बन गया हो।
राष्ट्र स्तर पर भी रंगोत्सव की गूंज सुनाई दी। द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व प्रेम, आशा और एकता को मजबूत करता है तथा विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा देता है। नरेंद्र मोदी ने संदेश में होली को वातावरण में नई ऊर्जा भरने वाला उत्सव बताया, जो समाज को उल्लास से सराबोर कर देता है। अमित शाह ने इसे उन्नति, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक बताया, वहीं मल्लिकार्जुन खरगे ने होली को भारत की बहुरंगी, बहु-सांस्कृतिक विरासत का उत्सव कहा जो विविधताओं में एकता की भावना को पुष्ट करता है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे मेलजोल और बंधुत्व का महापर्व बताते हुए सभी से प्रेम से गले मिलने का आह्वान किया। राज्यों में भी उत्सव की झलक दिखी—योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की, जबकि ममता बनर्जी ने हर घर में खुशियों के रंग भरने की शुभेच्छा दी।
इस बार कई शहरों में पर्यावरण-अनुकूल होली का संदेश भी प्रमुख रहा। प्राकृतिक रंगों के उपयोग और पानी की बचत को लेकर युवाओं और सामाजिक संगठनों ने जागरूकता अभियान चलाए। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त बल तैनात किया, ताकि त्योहार शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हो।
होली केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि मन के मैल को धोने का अवसर है। यह वह क्षण है जब सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक भेद मिटाकर लोग एक-दूसरे के करीब आते हैं। रंगों की यह छटा याद दिलाती है कि विविधता ही भारत की पहचान है और यही विविधता हमारे समाज को जीवंत और मजबूत बनाती है। शाम ढलने तक ढोल की थाप धीमी पड़ सकती है, लेकिन रिश्तों में घुली मिठास और मन में बसी खुशियों के रंग लंबे समय तक बने रहेंगे।

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