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मध्य पूर्व संकट के बीच उड़ानों की नई उड़ान: 4 मार्च को 58 फ्लाइट्स का ब्लूप्रिंट, वैकल्पिक रूट से सफर बहाल करने की कवायद

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पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात की रफ्तार थाम दी है। कई देशों द्वारा हवाई क्षेत्र बंद या प्रतिबंधित किए जाने के बाद भारत से खाड़ी और उससे आगे जाने वाली उड़ानों पर व्यापक असर पड़ा। ऐसे में केंद्र सरकार ने 4 मार्च के लिए 58 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन तय कर हालात को संभालने की रणनीति पेश की है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक, फंसे यात्रियों की सुरक्षित वापसी और आवागमन सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइनों के साथ समन्वय तेज किया गया है, और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उड़ानें भी चलाई जाएंगी।
योजना के तहत 30 उड़ानें IndiGo संचालित करेगी, जबकि 23 उड़ानें Air India और Air India Express के जिम्मे होंगी। खाड़ी क्षेत्र से विदेशी एयरलाइंस की सीमित उड़ानें भी जारी हैं, जिनमें Emirates और Etihad Airways की हालिया सेवाएं शामिल हैं। मंत्रालय का कहना है कि उड़ानें उन संवेदनशील हवाई क्षेत्रों से बचते हुए वैकल्पिक मार्गों से संचालित की जा रही हैं, ताकि सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
संकट की गंभीरता का अंदाजा रद्द उड़ानों के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। अब तक भारतीय एयरलाइनों की 1,221 और विदेशी एयरलाइनों की 388 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। केवल मंगलवार को 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें स्थगित करनी पड़ीं। 28 फरवरी से तीन दिनों में 1,100 से ज्यादा उड़ानें रद्द होना बताता है कि हालात कितने चुनौतीपूर्ण हैं। इस बीच Directorate General of Civil Aviation ने एयरलाइनों को यात्रियों को समय पर सूचना देने, रिफंड और री-शेड्यूलिंग नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
एयर इंडिया ने एहतियातन संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इस्राइल और कतर के लिए अपनी अधिकांश सेवाएं 4 मार्च की रात तक स्थगित करने की घोषणा की है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्रीय हालात की लगातार समीक्षा कर रही है और उसी आधार पर आगे का फैसला लेगी। सरकार ने भी भरोसा दिलाया है कि एयरलाइनों, एयरपोर्ट ऑपरेटरों और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी गई है।
किरायों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि संकट की घड़ी में टिकट दरों में अनावश्यक उछाल न आए। मंत्रालय का कहना है कि स्थिति सामान्य होते ही सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा। फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन से ताजा अपडेट अवश्य लें। मध्य पूर्व की अस्थिरता ने आसमान में अनिश्चितता जरूर बढ़ाई है, लेकिन समन्वित प्रयासों से हवाई सेवाओं को पटरी पर लाने की कोशिशें तेज हो चुकी हैं।

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