:
Breaking News

राज्यसभा नामांकन के साथ राष्ट्रीय राजनीति में वापसी की तैयारी, अमित शाह ने नीतीश कुमार के फैसले का किया स्वागत

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना: बिहार की राजनीति इन दिनों तेज हलचल के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के साथ ही राज्य की सियासत में नया अध्याय शुरू होता दिख रहा है। पटना में आयोजित नामांकन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मौके पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि नीतीश कुमार का राष्ट्रीय राजनीति में फिर से सक्रिय होना स्वागतयोग्य कदम है और उनके लंबे सार्वजनिक जीवन का अनुभव संसद के उच्च सदन में भी देश को दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
पटना पहुंचे अमित शाह ने बताया कि वे भाजपा और एनडीए के अन्य नेताओं के राज्यसभा नामांकन के अवसर पर यहां आए हैं। उन्होंने नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, शिवेश राम और रामनाथ ठाकुर के नामांकन का जिक्र करते हुए कहा कि यह सभी नेता लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं और अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। शाह ने विशेष रूप से नितिन नवीन को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई है और अब राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारियां निभाने की क्षमता रखते हैं।
अमित शाह ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2005 से अब तक उन्होंने बिहार का नेतृत्व किया है और इस दौरान राज्य में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। उनके अनुसार, नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास और सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि एक समय जिस राज्य को “जंगलराज” की छवि से जोड़ा जाता था, वहां आज आधारभूत संरचना का व्यापक विस्तार हुआ है। गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछा, बिजली की उपलब्धता बढ़ी और विकास की नई संभावनाएं खुलीं।
शाह ने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में इतने लंबे समय तक सक्रिय रहने के बावजूद नीतीश कुमार पर व्यक्तिगत स्तर पर कोई आरोप नहीं लगा है, जो उनकी राजनीतिक साख और साफ छवि को दर्शाता है। उन्होंने जेपी आंदोलन के दिनों को याद करते हुए कहा कि नीतीश कुमार लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े रहे हैं और अब राज्यसभा के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर नीति-निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर पटना में राजनीतिक गतिविधियां पूरे दिन तेज रहीं और कई वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में मौजूद रहे। राज्यसभा नामांकन के साथ ही बिहार की राजनीति में संभावित बदलावों को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
उधर, नीतीश कुमार ने भी राज्यसभा चुनाव लड़ने के अपने फैसले को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के नाम एक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से बिहार की जनता ने उन पर भरोसा जताया है और उसी विश्वास के बल पर उन्होंने राज्य की सेवा करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि जनता के समर्थन और विश्वास के कारण ही बिहार आज विकास और सम्मान की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अपने संदेश में उन्होंने यह भी बताया कि सार्वजनिक जीवन की शुरुआत से ही उनके मन में एक इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। वे पहले ही विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं, लेकिन राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा अब जाकर पूरी होने जा रही है।
नीतीश कुमार ने अपने संदेश में यह भरोसा भी दिलाया कि बिहार की जनता के साथ उनका संबंध आगे भी उतना ही मजबूत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही उन्होंने विकसित बिहार के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात भी दोहराई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक निर्णय नहीं बल्कि बिहार और राष्ट्रीय राजनीति दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। लगभग दो दशकों तक राज्य की सत्ता के केंद्र में रहने के बाद उनका दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होना आने वाले समय में नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि बिहार में आगे सत्ता की कमान किसे सौंपी जाती है और एनडीए गठबंधन राज्य की राजनीति को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *