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राष्ट्रपति का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई राज्यों के राज्यपाल और उपराज्यपाल बदले; बिहार समेत कई राज्यों में नई नियुक्तियां

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नई दिल्ली: देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गुरुवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर कई राज्यों के राज्यपाल और लेफ्टिनेंट गवर्नर के तबादले और नई नियुक्तियों की घोषणा की। इस बदलाव के तहत कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ मौजूदा राज्यपालों को दूसरे राज्यों में स्थानांतरित किया गया है।
इस फेरबदल में सबसे महत्वपूर्ण नियुक्ति दिल्ली के लिए की गई है, जहां भारत के पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को नया लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया गया है। वहीं कई राज्यों में भी राज्यपालों के पद पर बदलाव किया गया है।
तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि को अब पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उन्होंने सी.वी. आनंद बोस का स्थान लिया है, जिन्होंने गुरुवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बोस के इस्तीफे के बाद यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू किया गया।
इसी क्रम में केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। दूसरी ओर तेलंगाना के मौजूदा राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल पद को लेकर पहले से ही अतिरिक्त व्यवस्था चल रही थी। दरअसल, पूर्व राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को सितंबर में महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। अब नए आदेश के साथ वहां स्थायी नियुक्ति कर दी गई है।
बिहार के लिए भी इस फेरबदल में अहम निर्णय लिया गया है। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया है। उन्होंने आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लिया है, जिन्होंने पिछले वर्ष 2 जनवरी को बिहार के राज्यपाल पद की शपथ ली थी।
इसी के साथ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नंद किशोर यादव को नगालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। फिलहाल मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला नगालैंड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में भी बदलाव किया गया है। लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि दिल्ली के मौजूदा लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया गया है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि ये सभी नियुक्तियां और तबादले तब प्रभावी होंगे जब संबंधित अधिकारी अपने नए पदों का कार्यभार संभाल लेंगे।
उधर पश्चिम बंगाल में राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। राष्ट्रपति भवन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस इस्तीफे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि चुनाव से पहले किसी खास राजनीतिक उद्देश्य से यह कदम उठाया गया होगा और संभव है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से दबाव डाला गया हो।
इधर तमिलनाडु में भी आर.एन. रवि के तबादले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उनके कार्यकाल के दौरान राज्य की डीएमके सरकार और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के साथ कई मुद्दों पर खुला टकराव देखने को मिला था।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस फेरबदल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आर.एन. रवि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक तंत्र का हिस्सा माने जाते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए तंज कसा कि तमिलनाडु में विवादों के बाद अब उन्हें पश्चिम बंगाल भेज दिया गया है, जहां भी राजनीतिक टकराव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
कुल मिलाकर राष्ट्रपति द्वारा किए गए इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल ने देश की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचलों को एक बार फिर तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इन नई नियुक्तियों के बाद राज्यों की राजनीति और प्रशासनिक कामकाज पर इसके असर को लेकर भी चर्चा जारी रहने की संभावना है।

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