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जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन: पीएम मोदी के दौरे से पहले अभेद्य सुरक्षा, 5000 जवान तैनात
- Reporter 12
- 28 Mar, 2026
पीएम मोदी के जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन कार्यक्रम से पहले 5-स्तरीय सुरक्षा, 5000 जवानों की तैनाती, 20 हजार वाहनों के लिए पार्किंग और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यापक व्यवस्था
ग्रेटर नोएडा। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने अभूतपूर्व तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित मौजूदगी को देखते हुए पूरे आयोजन क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इसी के मद्देनज़र एयरपोर्ट परिसर, जनसभा स्थल, संपर्क मार्गों और आसपास के इलाकों में सुरक्षा, यातायात, निगरानी, आपदा प्रबंधन और मेडिकल सेवाओं की बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, सुरक्षा चूक या यातायात दबाव से बचने के लिए पहले से ही व्यापक ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। इसमें पांच-स्तरीय सुरक्षा घेरा, हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती, रियल-टाइम निगरानी, ड्रोन-रोधी सिस्टम, बम निरोधक टीमों की सक्रियता, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है।
पूरे आयोजन क्षेत्र को बनाया गया हाई-सिक्योरिटी ज़ोन
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए जेवर एयरपोर्ट और उससे जुड़े पूरे इलाके को विशेष सुरक्षा दायरे में लाया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में विभाजित किया है, ताकि किसी भी बिंदु पर संदिग्ध गतिविधि या भीड़ नियंत्रण में कोई कमी न रहे। एयरपोर्ट परिसर, वीवीआईपी मूवमेंट रूट, जनसभा स्थल, प्रवेश द्वार और पार्किंग क्षेत्रों पर अलग-अलग सुरक्षा घेरे बनाए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पूरे कार्यक्रम क्षेत्र में लगभग 5000 पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। इसमें स्थानीय पुलिस के साथ-साथ विशेष बलों और केंद्रीय एजेंसियों की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा व्यवस्था का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कर रहे हैं और सभी इकाइयों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
SPG के साथ तालमेल, हर प्रवेश बिंदु पर सघन जांच
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के मद्देनज़र स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया गया है। आयोजन स्थल पर आने वाले हर व्यक्ति की पहचान और सामान की जांच को अनिवार्य किया गया है। इसके लिए 100 से अधिक प्रवेश द्वारों पर 200 से ज्यादा डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं, ताकि किसी भी अवांछित वस्तु या संदिग्ध गतिविधि को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।
महिलाओं की सुविधा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए अलग से स्क्रीनिंग कक्ष भी बनाए गए हैं, जहां महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। इससे जांच प्रक्रिया को तेज, व्यवस्थित और संवेदनशील बनाया गया है।
केंद्रीय और विशेष बलों की संयुक्त तैनाती
कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए केवल स्थानीय पुलिस बल पर निर्भर नहीं रहा गया है, बल्कि कई विशेष इकाइयों को भी मैदान में उतारा गया है। सुरक्षा व्यवस्था में PAC, RAF, ATS और CISF जैसी एजेंसियों की संयुक्त भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इससे किसी भी संभावित खतरे, उपद्रव या आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
एयरपोर्ट परिसर के आसपास पहले से मौजूद पुलिस चौकियों और निगरानी बिंदुओं पर भी अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर मोबाइल पेट्रोलिंग यूनिट्स और त्वरित प्रतिक्रिया दलों को भी सक्रिय रखा गया है।
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एंटी-ड्रोन सिस्टम और बम निरोधक दस्तों की कड़ी निगरानी
आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर एंटी-ड्रोन सिस्टम पूरी तरह सक्रिय किया गया है। पूरे इवेंट ज़ोन को नो-फ्लाई ज़ोन घोषित कर दिया गया है, जिससे किसी भी अनधिकृत उड़ने वाली वस्तु या ड्रोन की गतिविधि पर तत्काल रोक लगाई जा सके।
इसके साथ ही बम निरोधक दस्ता (BDDS), स्निफर डॉग स्क्वॉड, एंटी-सबोटाज टीम और माइन डिटेक्शन यूनिट्स को भी तैनात किया गया है। आयोजन स्थल, वीआईपी रूट, पार्किंग एरिया और आसपास के खुले इलाकों की गहन तलाशी ली जा रही है। हर संदिग्ध वस्तु, वाहन और गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
CCTV नेटवर्क और कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नज़र
सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए पूरे क्षेत्र को CCTV निगरानी नेटवर्क से जोड़ा गया है। एयरपोर्ट कॉम्प्लेक्स, जनसभा स्थल, प्रवेश मार्ग, पार्किंग एरिया और सार्वजनिक आवाजाही वाले हिस्सों में कैमरे लगाए गए हैं। इन सभी कैमरों की निगरानी के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से हर गतिविधि पर रियल-टाइम नजर रखी जा रही है।
यह कंट्रोल रूम केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां से सुरक्षा बलों और प्रशासनिक इकाइयों को त्वरित निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं। इससे किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में मौके पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से अफवाहों पर सख्त नजर
प्रशासन ने केवल ज़मीनी स्तर पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल स्पेस में भी निगरानी को बेहद सख्त कर दिया है। कार्यक्रम के दौरान अफवाह, भ्रामक सूचना या उकसावे वाली पोस्टों को रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है।
खुफिया एजेंसियों और साइबर निगरानी इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध कंटेंट, फर्जी अलर्ट या भीड़ को प्रभावित करने वाली सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इससे सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाली संभावित डिजिटल चुनौतियों पर समय रहते नियंत्रण रखा जा सकेगा।
20 हजार वाहनों के लिए पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन लागू
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट पर भी विशेष जोर दिया गया है। प्रशासन ने 15 निर्धारित पार्किंग स्थलों पर 20,000 से अधिक वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की है। इन पार्किंग स्थलों को कार्यक्रम स्थल से जोड़ने के लिए अलग-अलग रूट मैप तैयार किए गए हैं।
भीड़भाड़ और जाम से बचने के लिए कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। यातायात पुलिस की टीमें विभिन्न चौराहों, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी पॉइंट्स और मुख्य पहुंच मार्गों पर तैनात की गई हैं। रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत रूट बदला जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों को असुविधा कम से कम हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की भी पहले से पहचान कर ली गई है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले वाहनों और सामान्य ट्रैफिक को अलग-अलग दिशा में संचालित करने की योजना पर भी काम किया गया है।
हेल्प डेस्क और जनसुविधाओं की भी व्यवस्था
आयोजन के दौरान आम लोगों, आमंत्रित अतिथियों और स्थानीय निवासियों को सुविधा देने के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलिस हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। इन हेल्प डेस्क पर मार्गदर्शन, सुरक्षा जानकारी, खोया-पाया और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
भीड़ वाले आयोजनों में अक्सर सूचना की कमी से भ्रम की स्थिति बनती है, इसलिए प्रशासन ने हेल्प डेस्क, दिशा संकेतक, बैरिकेडिंग और सूचना प्रसारण की व्यवस्था को भी मजबूत किया है।
आपदा प्रबंधन और मेडिकल रिस्पॉन्स सिस्टम पूरी तरह सक्रिय
किसी भी अनहोनी, स्वास्थ्य आपातकाल या दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा फायर ब्रिगेड, दमकल वाहन, रेस्क्यू टीम और आपदा राहत इकाइयों को भी स्टैंडबाय मोड में रखा गया है।
मेडिकल सुविधाओं के लिहाज से कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में मेडिकल डेस्क, एम्बुलेंस, फर्स्ट रिस्पॉन्स यूनिट्स और इमरजेंसी मेडिकल कॉरिडोर की व्यवस्था की गई है। खासतौर पर वीवीआईपी मूवमेंट और भीड़भाड़ वाले हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाओं को त्वरित रूप से उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से होगी निगरानी
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम सक्रिय किया है। इसके जरिए पुलिस, ट्रैफिक, फायर, मेडिकल, खुफिया और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी इकाइयों के बीच निर्बाध संपर्क सुनिश्चित किया गया है।
एक एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन नेटवर्क और विशेष वायरलेस सिस्टम के माध्यम से सभी विभागों को जोड़ा गया है, ताकि किसी भी सूचना का आदान-प्रदान तेज और सुरक्षित तरीके से हो सके।
यमुना किनारे के इलाके पर भी विशेष फोकस
चूंकि कार्यक्रम स्थल यमुना नदी के नजदीक स्थित है, इसलिए नदी तटीय और खुले इलाकों पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। इन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई है और संवेदनशील पॉइंट्स पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन नहीं चाहता कि किसी भी खुले या कम भीड़ वाले हिस्से को सुरक्षा में कमजोर कड़ी बनने दिया जाए।
भव्य आयोजन, लेकिन प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता—सुरक्षा और व्यवस्था
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। ऐसे में प्रशासन की कोशिश है कि कार्यक्रम पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारू तरीके से संपन्न हो। सुरक्षा एजेंसियों से लेकर ट्रैफिक पुलिस, आपदा प्रबंधन टीमों और मेडिकल स्टाफ तक—हर स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
आने वाले इस बड़े कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जैसी स्थिति है और प्रशासन किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता।
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