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टीटी बनकर ट्रेन में चोरी करता था शातिर, दानापुर रेल पुलिस ने 36 घंटे में दबोचा

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दानापुर रेल पुलिस ने टीटी का वेश बनाकर यात्रियों का सामान चुराने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से चोरी के मोबाइल और नकदी बरामद हुई है। वह पहले भी कई संगीन मामलों में जेल जा चुका है।

पटना आलम की खबर।दानापुर (पटना): ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले एक शातिर अपराधी को दानापुर रेल पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए महज 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की खास चाल यह थी कि वह खुद को टीटीई जैसा दिखाकर ट्रेन में घूमता था, ताकि यात्रियों को उस पर शक न हो और मौका मिलते ही उनका कीमती सामान लेकर फरार हो जाए। इस बार भी उसने एक परिवार को यात्रा के दौरान निशाना बनाया, लेकिन रेल पुलिस ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और लगातार छापेमारी के जरिए उसे आखिरकार दबोच लिया। पुलिस ने उसके पास से तीन चोरी के स्मार्टफोन और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान राम नरेश पांडेय के रूप में हुई है, जो बक्सर जिले के डुमरांव क्षेत्र के पुराना भोजपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, यह कोई सामान्य चोरी का आरोपी नहीं, बल्कि पहले से कई गंभीर मामलों में जेल जा चुका एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ सोना तस्करी, ड्रग्स स्मगलिंग और अन्य आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। अब रेल पुलिस उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क और पुराने मामलों की भी दोबारा जांच कर रही है।

यात्रा के दौरान परिवार को बनाया निशाना

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के सिकोहाबाद निवासी संजीव कुमार गुप्ता अपने परिवार के साथ न्यू जलपाईगुड़ी से आनंद विहार जा रहे थे। वे ट्रेन संख्या 12505 के एसी कोच A/01 में सफर कर रहे थे। इसी दौरान दानापुर पहुंचने के आसपास उनका तीन मोबाइल फोन, नकद रुपये और कुछ अन्य सामान चोरी हो गया। सफर के दौरान अचानक सामान गायब होने के बाद परिवार के बीच हड़कंप मच गया।

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित यात्री ने रेल पुलिस कंट्रोल रूम, पटना को सूचना दी। साथ ही ईमेल के जरिए भी इस चोरी की शिकायत दानापुर रेल थाना तक पहुंचाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसे सामान्य चोरी मानकर छोड़ने के बजाय तुरंत एक विशेष जांच टीम बनाई और पूरे घटनाक्रम की तह तक जाने की कार्रवाई शुरू कर दी।

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सीसीटीवी में खुला राज, टीटी के भेष में दिखा संदिग्ध

जांच के दौरान रेल पुलिस ने सबसे पहले स्टेशन और प्लेटफॉर्म के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति टीटीई जैसी वर्दी में कोच से उतरता दिखाई दिया। फुटेज में वह दूसरी लाइन पर खड़ी ट्रेन के नीचे से पार करते हुए भी नजर आया, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। आगे की जांच में वही व्यक्ति प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर चोरी किए गए बैग के साथ भी दिखाई दिया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कैप और मास्क का सहारा लिया था। लेकिन सीसीटीवी और तकनीकी विश्लेषण के जरिए उसकी गतिविधियों को लगातार ट्रैक किया गया। बाद में पता चला कि वह वहां से कैपिटल एक्सप्रेस पकड़कर आरा की ओर निकल गया था। इसके बाद दानापुर रेल पुलिस ने आरा रेल पुलिस और आरपीएफ को सतर्क कर दिया और संयुक्त स्तर पर उसकी तलाश शुरू की गई।

तकनीकी लोकेशन से फंसा, फिर दबिश देकर गिरफ्तारी

आरा स्टेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी वही संदिग्ध नजर आया। इसके बाद पुलिस टीम ने उसकी पहचान राम नरेश पांडेय के रूप में की। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की, लेकिन शुरुआती दौर में वह हाथ नहीं आया। हालांकि तकनीकी लोकेशन ट्रैकिंग से बाद में उसका मूवमेंट सामने आया और देर रात उसकी लोकेशन करबिगहिया स्टेशन के आसपास मिली।

पुलिस को आशंका हुई कि आरोपी फिर से किसी नई वारदात की तैयारी में है। इसी इनपुट के आधार पर दानापुर और आरा की संयुक्त टीम ने लगातार दबिश बनाए रखी और अंततः उसे कायमनगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से तीन चोरी किए गए टचस्क्रीन मोबाइल फोन और 20 हजार रुपये नकद बरामद हुए।

आरोपी और उसकी पत्नी दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड

रेल पुलिस के मुताबिक, आरोपी का अपराधिक इतिहास लंबा है। वह पहले भी अलग-अलग जगहों पर कई मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ आरा नवादा, डीडीयू, नया भोजपुर और अन्य थाना क्षेत्रों में गंभीर आरोपों से जुड़े मामले दर्ज रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी की पत्नी लक्ष्मी देवी भी पहले जेल जा चुकी है।

इलाके में यह दंपति कथित तौर पर ‘बंटी-बबली कपल’ के नाम से चर्चित बताया जाता है। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी अकेले ही वारदात को अंजाम देता था या इसके पीछे कोई बड़ा रेलवे चोरी गिरोह भी सक्रिय है।

अब न्यायिक हिरासत में आरोपी

दानापुर रेल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके अन्य संभावित अपराधों और नेटवर्क की भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस पूरे ऑपरेशन में दानापुर और आरा की रेल पुलिस, आरपीएफ और तकनीकी टीम की संयुक्त भूमिका रही।

कुल मिलाकर, यह कार्रवाई रेल यात्रियों के लिए एक बड़ा संदेश है कि ट्रेन में वर्दी या आधिकारिक रूप देखकर भी पूरी तरह निश्चिंत नहीं होना चाहिए। सफर के दौरान सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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