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दरभंगा ज्वेलरी लूटकांड में बड़ा खुलासा, बेगूसराय मुठभेड़ के बाद 6 बदमाश दबोचे गए

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दरभंगा के प्रेम ज्वेलर्स में हुए करीब 2 करोड़ रुपये के लूटकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बेगूसराय के मंसूरचक में एसटीएफ और बिहार पुलिस की कार्रवाई में 6 अपराधी गिरफ्तार हुए हैं, जिनके पास से हथियार, बाइक, मोबाइल और लूटी गई ज्वेलरी बरामद हुई है।

दरभंगा/बेगूसराय आलम की खबर:दरभंगा/बेगूसराय: दरभंगा के चर्चित ज्वेलरी लूटकांड में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मामले की गुत्थी सुलझाने की दिशा में अहम बढ़त दर्ज की है। नगर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार स्थित प्रेम ज्वेलर्स में 3 अप्रैल को दिनदहाड़े हुई करीब 2 करोड़ रुपये की लूट के बाद बिहार एसटीएफ और जिला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बेगूसराय के मंसूरचक इलाके में मुठभेड़ के बाद छह अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए आरोपियों के पास से हथियार, बाइक, मोबाइल फोन और लूट में शामिल कुछ जेवरात भी बरामद किए गए हैं।

यह कार्रवाई शनिवार को उस समय हुई जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दरभंगा लूटकांड से जुड़े छह से सात संदिग्ध अपराधी बेगूसराय के मंसूरचक इलाके में मौजूद हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए दरभंगा नगर थाना पुलिस, डीआईयू, बिहार एसटीएफ और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित घेराबंदी कर छापेमारी शुरू की। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम सुबह करीब 10 बजे नारायणपुर चौक के आसपास पहुंची, जहां संदिग्धों की मौजूदगी की पुष्टि हुई।

पुलिस के अनुसार, जैसे ही टीम ने इलाके में दबिश दी, वहां मौजूद अपराधियों ने खुद को घिरता देख भागने की कोशिश की। बताया गया कि कुछ आरोपी पास के खेतों की ओर भागे और इसी दौरान पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस को भी जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इसी मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद पुलिस ने सभी को काबू में कर लिया। इस कार्रवाई को पुलिस पूरे मामले में अब तक की सबसे बड़ी सफलता मान रही है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मधुबनी निवासी पवन झा, बेगूसराय के बछवारा निवासी आर्यन कुमार, मंसूरचक निवासी अविनाश कुमार, गौतम कुमार, विक्की कुमार और बलिया निवासी मंगल कुमार के रूप में की गई है। इनमें से कुछ आरोपियों का स्थानीय कनेक्शन भी सामने आया है, जिससे पुलिस को शुरुआती स्तर पर सुराग जुटाने में मदद मिली।

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पुलिस ने पकड़े गए अपराधियों के पास से एक देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा, पांच कारतूस, चार मोबाइल फोन और तीन बाइक बरामद की हैं। इसके अलावा पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि लूटे गए जेवरात का कुछ हिस्सा भी आरोपियों के कब्जे से मिला है। हालांकि बरामद ज्वेलरी की पूरी मात्रा और उसकी कीमत का आधिकारिक विवरण आगे की जांच के बाद स्पष्ट किया जाएगा।

दरअसल, 3 अप्रैल को दरभंगा के बड़ा बाजार स्थित प्रेम ज्वेलर्स में हुई यह वारदात शहर की हालिया सबसे बड़ी आपराधिक घटनाओं में गिनी जा रही है। दिनदहाड़े हुई इस लूट ने न केवल कारोबारियों बल्कि पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घटना के बाद नगर थाना में कांड संख्या 72/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी और पुलिस लगातार अपराधियों की तलाश में जुटी हुई थी।

दुकान मालिक मनोज कुमार ठाकुर ने प्राथमिकी में बताया था कि 3 अप्रैल की दोपहर करीब 2 बजकर 40 मिनट पर पांच से छह की संख्या में हथियारबंद अपराधी अचानक दुकान में घुस आए। उन्होंने आते ही स्टाफ, ग्राहकों और मालिक को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। जब विरोध करने की कोशिश हुई, तो अपराधियों ने पिस्टल तानकर सभी को जान से मारने की धमकी दी और मारपीट भी की।

शिकायत के मुताबिक, लुटेरों ने दुकान में मौजूद सभी लोगों को एक कोने में इकट्ठा कर दिया और फिर व्यवस्थित तरीके से दुकान के काउंटर, लॉकर और जेवरात के सेक्शन को निशाना बनाया। अपराधियों ने दुकान से करीब 700 ग्राम सोने के गहने और 20 से 25 किलो चांदी के आभूषण समेट लिए। इतना ही नहीं, वहां मौजूद एक ग्राहक रणधीर ठाकुर से करीब 8 लाख रुपये नकद भी लूट लिए गए, जबकि दुकान से करीब 10 लाख रुपये कैश ले जाने की भी बात सामने आई है।

इस पूरी वारदात के दौरान अपराधियों ने बेहद सुनियोजित और आक्रामक तरीके से काम किया। लूटपाट पूरी करने के बाद उन्होंने वहां मौजूद लोगों को दोबारा धमकाया कि अगर किसी को सूचना दी गई तो पूरे परिवार को अंजाम भुगतना पड़ेगा। इसके बाद वे दुकान के बाहर का गेट बंद कर फरार हो गए। जाते-जाते अपराधी दुकान मालिक, स्टाफ और कुछ अन्य लोगों के मोबाइल फोन भी साथ ले गए, ताकि तत्काल सूचना पुलिस तक न पहुंच सके।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में तकनीकी और स्थानीय इनपुट दोनों ने अहम भूमिका निभाई। दरभंगा में घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, संदिग्धों की आवाजाही और स्थानीय स्तर पर मिले इनपुट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। इसी दौरान यह जानकारी सामने आई कि कुछ संदिग्ध बेगूसराय के मंसूरचक इलाके में छिपे हुए हैं। इसके बाद विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई।

इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस की जांच सिर्फ इन छह आरोपियों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस लूटकांड में कोई बड़ा गिरोह सक्रिय था, क्या रेकी पहले से कराई गई थी, और क्या स्थानीय स्तर पर किसी ने अपराधियों की मदद की थी। पुलिस को यह भी शक है कि इस वारदात में शामिल कुछ अन्य सदस्य अब भी फरार हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहर के व्यस्त और कारोबारी इलाकों में दिनदहाड़े इस तरह की बड़ी वारदातें आखिर कैसे अंजाम तक पहुंच जाती हैं। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी ने कुछ हद तक भरोसा जरूर बहाल किया है, लेकिन कारोबारी वर्ग अब भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं दिख रहा।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ कर रही है और बरामद सामान के आधार पर पूरे गिरोह की कड़ियां जोड़ने में लगी है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। दरभंगा ज्वेलरी लूटकांड में हुई यह कार्रवाई फिलहाल बिहार पुलिस और एसटीएफ के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसने अपराधियों तक पहुंचने में तेजी और समन्वय दोनों का परिचय दिया है।

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