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देशभर में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में बारिश-आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट

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देश के कई हिस्सों में 7 से 10 अप्रैल के बीच मौसम बदलने वाला है। पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी, उत्तर भारत में आंधी-बारिश और दक्षिण के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी के आसार हैं। पढ़िए मौसम विभाग के अनुमान पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट।

दिल्ली‌ आलम की खबर:नई दिल्ली/आलम की खबर: अप्रैल की शुरुआत के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम ने फिर करवट लेना शुरू कर दिया है। जहां एक ओर कई इलाकों में गर्मी धीरे-धीरे तेज हो रही है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी और मैदानी राज्यों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का नया दौर लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 7 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच उत्तर, पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर हल्की बारिश होगी तो कहीं मध्यम से भारी वर्षा, तेज हवा और बिजली गिरने जैसी गतिविधियां भी दर्ज की जा सकती हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और अलग-अलग क्षेत्रों में नमी बढ़ने के कारण देश के कई हिस्सों में अस्थिर मौसम बना हुआ है। खासकर पहाड़ी राज्यों में इसका असर ज्यादा दिख सकता है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना लोगों को गर्मी से कुछ राहत दे सकती है।

पहाड़ी राज्यों में फिर बिगड़ सकता है मौसम

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 7 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच इन इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी देखने को मिल सकती है।

कश्मीर घाटी में 7 अप्रैल को कई इलाकों में वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि हिमाचल प्रदेश में 8 अप्रैल को कुछ स्थानों पर अपेक्षाकृत अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है। कहीं-कहीं भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है। इसके अलावा इन राज्यों में तेज हवाएं चलने के आसार हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में पहाड़ी मार्गों, पर्यटन स्थलों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पंजाब-हरियाणा से दिल्ली तक बदलेगा मौसम

उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों में भी मौसम का मिजाज एकदम स्थिर नहीं रहने वाला। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 7 और 8 अप्रैल के दौरान बारिश और तेज हवाओं का असर देखा जा सकता है। इस बदलाव का सबसे बड़ा असर दिन के तापमान और गर्मी की तीव्रता पर पड़ सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में अगले एक सप्ताह तक मौसम मिला-जुला बना रहने की संभावना है। 7 और 8 अप्रैल को हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इससे कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि यह राहत बहुत लंबी नहीं रहने वाली। 9 अप्रैल के बाद से दिल्ली में मौसम साफ होने लगेगा और 10 से 12 अप्रैल के बीच तेज धूप के साथ गर्मी बढ़ने की आशंका है। अधिकतम तापमान 30 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई दिनों तक बरस सकते हैं बादल

पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मौसम का यह बदला हुआ रुख कई दिनों तक बना रह सकता है। 7 अप्रैल से 9 अप्रैल के बीच कई स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यह स्थिति किसानों के लिए मिश्रित प्रभाव लेकर आ सकती है। जहां एक ओर गेहूं की कटाई और फसल सुखाने के काम में बाधा आ सकती है, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में मिट्टी की नमी बढ़ने से लाभ भी हो सकता है।

ग्रामीण इलाकों में खुले में रखी फसल, भूसा और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखने की जरूरत होगी। मौसम में इस तरह के उतार-चढ़ाव के बीच कृषि कार्यों की योजना सावधानी से बनाने की सलाह दी जा रही है।

गुजरात और पश्चिम भारत में भी सक्रिय रहेगा मौसम

सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। गुजरात में 7 अप्रैल को कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे हालात में कुछ जिलों में अचानक बादल छाने, तेज हवा चलने और कहीं-कहीं बिजली गिरने जैसी स्थितियां बन सकती हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में इस तरह की गतिविधियां असामान्य नहीं हैं, लेकिन तेज हवा और गरज के साथ होने वाली बारिश से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी हो जाती है।

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश का दौर

दक्षिण भारत में भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं रहने वाला। तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 7 से 9 अप्रैल के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 8 अप्रैल को और तटीय कर्नाटक में 9 से 10 अप्रैल के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। दक्षिण भारत में इस समय तापमान भी कई जगह बढ़ रहा है, ऐसे में बारिश और तेज हवा से कुछ समय के लिए मौसम सुहावना हो सकता है।

राजस्थान में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर

राजस्थान में मौसम का यह बदलाव सबसे ज्यादा असरदार रूप में दिखाई दे सकता है। 7 अप्रैल को राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के कई संभागों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना है। खासकर बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में वर्षा की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक रह सकती है। इससे खेतों में खड़ी फसलों, बागवानी और खुले में रखे सामान पर असर पड़ सकता है। 8 अप्रैल को भी राजस्थान के कुछ उत्तरी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन इसके बाद 9 अप्रैल से अगले कुछ दिनों तक मौसम के शुष्क रहने की संभावना है। इसी के साथ तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

किसानों, यात्रियों और आम लोगों के लिए क्या है संकेत

मौसम में यह बदलाव सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर खेती, सड़क यातायात, बिजली व्यवस्था और दैनिक जीवन पर भी पड़ सकता है। जिन इलाकों में तेज हवा और गरज-चमक की संभावना है, वहां पेड़ों की कमजोर शाखाएं टूटने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और खुले इलाकों में असुविधा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

किसानों को सलाह दी जा रही है कि कटाई के बाद खेत में पड़ी फसल को जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। फल-सब्जी उत्पादक किसान भी मौसम की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियों को मजबूत करें। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों और यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखना चाहिए।

आने वाले दिनों में गर्मी फिर दिखाएगी असर

हालांकि फिलहाल कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं से राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम विभाग का संकेत है कि यह राहत स्थायी नहीं होगी। 9 अप्रैल के बाद उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में मौसम फिर से साफ होने लगेगा और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में गर्मी का असर दोबारा तेज हो सकता है।

अप्रैल का महीना आमतौर पर गर्मी के विस्तार का समय होता है, लेकिन इस बार बीच-बीच में सक्रिय हो रहे मौसम तंत्र के कारण लोगों को गर्मी और राहत दोनों का मिला-जुला अनुभव हो रहा है। यही वजह है कि आने वाले एक सप्ताह तक मौसम पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

निष्कर्ष

देश के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी, मैदानों में आंधी-बारिश, पश्चिम भारत में गरज-चमक और दक्षिण भारत में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी का दौर देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

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