:
Breaking News

गया में पुलिस टीम पर हमला, एएसआई का हाथ टूटा; वार्ड पार्षद समेत कई पर केस

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

रात दो बजे गया में गश्ती पुलिस पर हमला, एएसआई विक्रम पासवान गंभीर रूप से घायल; वार्ड पार्षद और साथियों पर प्राथमिकी

गया/आलम की खबर:बिहार में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक और गंभीर घटना सामने आई है। गया शहर में देर रात गश्ती पर निकली पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया, जिसमें ड्यूटी पर तैनात एएसआई विक्रम पासवान गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना में उनका हाथ टूट गया और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं। पुलिसकर्मी पर हुए इस हमले ने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन को अलर्ट कर दिया है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर अपराधियों और दबंग तत्वों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो रहे हैं कि वे सीधे पुलिस टीम को ही निशाना बनाने लगे हैं।

घटना शहर के गेवालबिगहा मोड़ के पास की बताई जा रही है, जहां देर रात गश्ती के दौरान पुलिस टीम ने एक दुकान खुली देखी और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और कुछ ही देर में बात मारपीट तक पहुंच गई। आरोप है कि मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया और एएसआई विक्रम पासवान को घेरकर बुरी तरह पीट दिया। हमले के दौरान उनके साथ मौजूद अन्य जवानों और वाहन चालक के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस बल को अतिरिक्त सहायता के लिए मौके पर बुलाना पड़ा।

रात के सन्नाटे में अचानक भड़की हिंसा

बताया जा रहा है कि गश्ती टीम नियमित रात्रि निगरानी पर निकली थी और शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए देर रात गेवालबिगहा मोड़ के पास पहुंची थी। पुलिस की नजर एक ऐसी दुकान पर पड़ी जो देर रात तक खुली थी और उसके आसपास कई लोग जमा थे। पुलिसकर्मियों ने सामान्य पूछताछ और समझाइश के तौर पर दुकान बंद करने और वहां मौजूद लोगों को हटने के लिए कहा। लेकिन इसी दौरान विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया।

मौके पर मौजूद एक व्यक्ति के साथ पुलिस की कहासुनी शुरू हुई और फिर माहौल तेजी से बिगड़ता चला गया। आरोप है कि उस व्यक्ति को नियंत्रण में लेने की कोशिश के दौरान उसके समर्थक और आसपास मौजूद अन्य लोग उग्र हो गए। देखते ही देखते पुलिस टीम पर चारों तरफ से हमला शुरू हो गया। इस हमले में एएसआई विक्रम पासवान सबसे ज्यादा चोटिल हुए। उन पर लाठी-डंडे और हाथापाई के जरिए हमला किया गया, जिससे उनका हाथ टूट गया और पीठ में भी गंभीर चोट आई।

पुलिसकर्मी को छुड़ाकर आरोपी फरार

घटना का सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि जिस व्यक्ति को पुलिस हिरासत में लेने की कोशिश कर रही थी, उसे हमलावरों ने पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया। इसका मतलब साफ है कि हमला सिर्फ गुस्से में नहीं, बल्कि पुलिस कार्रवाई को विफल करने के इरादे से भी किया गया। पुलिस टीम पर इस तरह का संगठित हमला कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद चिंताजनक माना जा रहा है।

हमले के बाद घायल पुलिसकर्मी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि अन्य जवानों ने किसी तरह हालात को संभाला और अतिरिक्त फोर्स को सूचना दी। थोड़ी ही देर में आसपास के थानों की पुलिस और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद पूरे इलाके में घेराबंदी और छापेमारी शुरू की गई। पुलिस ने रात से ही संभावित ठिकानों पर दबिश देनी शुरू कर दी थी।

घायल एएसआई का अस्पताल में इलाज जारी

हमले में गंभीर रूप से घायल एएसआई विक्रम पासवान को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। शुरुआती जांच में हाथ की हड्डी टूटने और पीठ में गहरी चोट की पुष्टि हुई है। उन्हें कुछ समय तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि उन्हें पूरी तरह ठीक होने में समय लग सकता है।

पुलिसकर्मी पर ड्यूटी के दौरान हुआ यह हमला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि इससे न सिर्फ एक सरकारी कर्मी घायल हुआ है, बल्कि पुलिस की कार्यवाही को खुलेआम चुनौती भी दी गई है। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में भी नाराजगी और सतर्कता दोनों बढ़ गई हैं। विभागीय स्तर पर इस मामले को गंभीर श्रेणी में लेकर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

मुख्य आरोपी की पहचान, कई लोगों पर केस

घटना के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और हमले में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में वार्ड पार्षद समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं। कुछ आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि अन्य अज्ञात हमलावरों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेने में सफलता पाई है, जबकि मुख्य आरोपी और उसके कुछ साथी अभी भी गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त संदेश देने वाली कार्रवाई की जाएगी।

कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

गया जैसे बड़े शहर में गश्ती पुलिस पर इस तरह का हमला कई गंभीर सवाल छोड़ गया है। अगर देर रात शहर की सड़कों पर पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है। यह घटना बताती है कि कुछ इलाकों में असामाजिक तत्वों के हौसले अब भी इतने बुलंद हैं कि वे पुलिस की मौजूदगी को भी चुनौती देने से नहीं डरते।

ऐसे मामलों में सिर्फ गिरफ्तारी ही काफी नहीं मानी जाती, बल्कि यह भी जरूरी होता है कि आरोपियों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कानूनी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई भी पुलिस टीम या सरकारी कर्मी पर हमला करने की हिम्मत न जुटा सके। बिहार में पिछले कुछ समय में पुलिस पर हमले की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, जिससे यह मुद्दा और संवेदनशील हो गया है।

सख्त कार्रवाई की मांग तेज

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिसकर्मी ही निशाने पर होंगे, तो अपराधियों के मन से कानून का भय पूरी तरह खत्म हो जाएगा। ऐसे में इस मामले को उदाहरण बनाकर कार्रवाई करना प्रशासन के लिए जरूरी माना जा रहा है।

गया की यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि कानून-व्यवस्था सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर सख्ती और जवाबदेही से कायम होती है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि फरार आरोपी कब तक गिरफ्त में आते हैं और इस मामले में पुलिस-प्रशासन कितनी तेजी से चार्जशीट और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *