:
Breaking News

रोसड़ा में 7वां रक्तदान शिविर आयोजित, 50 से अधिक लोगों ने किया रक्तदान

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

मारवाड़ी विवाह भवन में सेवा का बड़ा आयोजन, रक्तदान शिविर में युवाओं और समाजसेवियों की दिखी भागीदारी

रोसड़ा/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले के रोसड़ा में बुधवार को सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना का एक प्रेरक दृश्य देखने को मिला, जब स्थानीय मारवाड़ी विवाह भवन में 7वें रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन और मारवाड़ी युवा मंच, रोसड़ा शाखा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में समाजसेवियों, चिकित्सकों, युवाओं और स्थानीय गणमान्य लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। रक्तदान जैसे जीवनदायी कार्य के प्रति लोगों का उत्साह इतना रहा कि दोपहर तक ही 50 से अधिक यूनिट रक्त संग्रहित होने की जानकारी सामने आई, जबकि आयोजकों ने संख्या 60 तक पहुंचने की संभावना जताई।

यह आयोजन केवल एक औपचारिक शिविर नहीं था, बल्कि समाज में सेवा भावना को मजबूत करने और युवाओं को सकारात्मक सामाजिक भागीदारी के लिए प्रेरित करने का एक सशक्त प्रयास भी रहा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि किसी जरूरतमंद के लिए दिया गया रक्त जीवन बचाने का माध्यम बन सकता है, इसलिए समाज के हर सक्षम व्यक्ति को समय-समय पर इस पुनीत कार्य में भागीदारी करनी चाहिए।

मारवाड़ी विवाह भवन में जुटा सेवा का कारवां

रोसड़ा के स्थानीय मारवाड़ी विवाह भवन में आयोजित इस शिविर में सुबह से ही रक्तदाताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की चहल-पहल बनी रही। आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से की गई थीं, जिससे रक्तदाताओं को किसी तरह की परेशानी न हो। शिविर में शामिल होने पहुंचे लोग न केवल रक्तदान के लिए उत्साहित दिखे, बल्कि उन्होंने इसे सामाजिक दायित्व और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी के रूप में भी देखा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कई प्रमुख लोग शामिल हुए। मंच पर मौजूद अतिथियों ने रक्तदान को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक और प्रेरणादायी कार्य बताया। इस अवसर पर मंच से यह संदेश भी दिया गया कि रक्तदान केवल एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि समाज में जीवन बचाने की सतत संस्कृति का हिस्सा बनना चाहिए।

डॉ. महेश कुमार लखोटिया ने सेवा कार्यों की सराहना की

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. महेश कुमार लखोटिया ने कहा कि बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन और मारवाड़ी युवा मंच लंबे समय से राष्ट्रीय स्तर पर अनेक सेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविर, दधीचि देहदान, कृत्रिम पैर प्रत्यारोपण शिविर और अन्य जनसेवा कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

उन्होंने रोसड़ा में आयोजित इस सातवें रक्तदान शिविर को अत्यंत सराहनीय पहल बताया और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में परोपकार की भावना को मजबूत करते हैं। उनके अनुसार, जब समाज के युवा इस तरह की गतिविधियों में आगे आते हैं, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनता है। उन्होंने आयोजकों को इस पुनीत कार्य के लिए धन्यवाद देते हुए इसे निरंतर जारी रखने की अपील की।

‘सेवा ही समाज की सबसे बड़ी पहचान’

कार्यक्रम के दौरान डॉ. अमित कुमार पंजियार ने भी अपने संबोधन में समाजसेवा के महत्व पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज जहां भी रहता है, वहां केवल व्यापार या आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि गोशाला, पाठशाला, धर्मशाला, प्याऊ और अन्य लोककल्याणकारी कार्यों के जरिए समाज को कुछ लौटाने की परंपरा निभाता है।

उन्होंने कहा कि निस्वार्थ सेवा की यह परंपरा ही किसी समाज की असली ताकत होती है। रक्तदान शिविर जैसे आयोजन इसी सोच को आगे बढ़ाते हैं। उनके मुताबिक, जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर रक्त उपलब्ध होना कई बार जीवन और मृत्यु के बीच फर्क तय करता है, इसलिए रक्तदान को जनआंदोलन का रूप देना समय की मांग है।

स्थानीय वक्ताओं ने भी युवाओं का बढ़ाया हौसला

कार्यक्रम के दौरान मानमल गुप्ता, मामराज अग्रवाल और नितेश कुमार सर्राफ सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक संगठनों की असली पहचान उनके सेवा कार्यों से बनती है और रोसड़ा में इस तरह के आयोजन समाज के बीच सकारात्मक संदेश देने का काम करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी की सराहना की और कहा कि यही ऊर्जा समाज को आगे बढ़ाने का आधार है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यह भी रेखांकित किया कि रक्तदान को लेकर लोगों में अभी भी कई तरह की भ्रांतियां मौजूद हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सही जानकारी के जरिए अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा सकता है।

रेडक्रॉस समस्तीपुर की टीम ने संभाली जिम्मेदारी

रक्त संग्रहण की प्रक्रिया को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए रेडक्रॉस, समस्तीपुर की टीम विशेष रूप से मौके पर मौजूद रही। टीम में अशोक कुमार, राजीव कुमार शर्मा, जथ प्रकाश, शिवम कुमार और अनुराग शर्मा समेत कई सदस्य शामिल रहे। इनकी देखरेख में रक्तदाताओं की जांच, रजिस्ट्रेशन और रक्त संग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई।

आयोजकों ने रेडक्रॉस टीम के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों की सफलता केवल आयोजन की इच्छा से नहीं, बल्कि मेडिकल टीम की पेशेवर और समर्पित भूमिका से भी तय होती है। पूरे कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया।

युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने बढ़ाया उत्साह

इस रक्तदान शिविर की सबसे बड़ी खासियतों में से एक युवाओं की बड़ी और उत्साही भागीदारी रही। आयोजन को सफल बनाने में दीपक गोयल, राहुल अग्रवाल, हर्ष चौधरी, विकास अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, विकास शर्मा सहित कई युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी भागीदारी ने कार्यक्रम को ऊर्जा, अनुशासन और सकारात्मक माहौल प्रदान किया।

आयोजकों का कहना था कि जब युवा समाजसेवा के कार्यों में आगे आते हैं, तो ऐसे अभियान केवल एक कार्यक्रम बनकर नहीं रह जाते, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन का रूप लेने लगते हैं। यही वजह है कि रोसड़ा में आयोजित यह रक्तदान शिविर सिर्फ एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का उदाहरण बनकर सामने आया।

50 से अधिक रक्तदाताओं ने दिखाया बड़ा दिल

शिविर में डॉक्टर अमित कुमार पंजियार, संजू सोनी, सज्जल कुमार, सौरव कुमार, राजेन्द्र शर्मा सहित कई लोगों ने रक्तदान कर दूसरों के लिए मिसाल पेश की। दोपहर तक 50 से अधिक लोगों द्वारा रक्तदान किए जाने की जानकारी सामने आई, जबकि आयोजकों ने उम्मीद जताई कि यह संख्या 60 तक पहुंच सकती है।

रक्तदान करने वाले लोगों ने कहा कि यदि उनके एक छोटे से कदम से किसी मरीज की जान बच सकती है, तो इससे बड़ा संतोष और कुछ नहीं हो सकता। इस भावना ने पूरे आयोजन को और भी अर्थपूर्ण बना दिया। उपस्थित लोगों ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और कई युवाओं ने भविष्य में भी नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प लिया।

रोसड़ा में सेवा और संवेदना का मजबूत संदेश

यह शिविर केवल रक्त संग्रहण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने रोसड़ा में सेवा, सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदना का एक मजबूत संदेश भी दिया। ऐसे आयोजन यह साबित करते हैं कि जब समाज, संगठन, चिकित्सक और युवा एक मंच पर आते हैं, तो जनहित के बड़े काम संभव हो जाते हैं।

आने वाले समय में भी यदि इस तरह के सामाजिक कार्यक्रम लगातार आयोजित होते रहे, तो न सिर्फ लोगों में जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि जरूरतमंदों को समय पर मदद भी मिल सकेगी। रोसड़ा का यह 7वां रक्तदान शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरक कदम माना जा रहा है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *