Breaking News
Tata Sons News: टाटा समूह में बढ़ा अंदरूनी तनाव, घाटे और IPO को लेकर नोएल टाटा-चंद्रशेखरन आमने-सामने
Samastipur School Timing Changed: भीषण गर्मी के कारण 31 मई तक स्कूलों में 11 बजे के बाद पढ़ाई पर रोक
नौतन में घर के बाहर बैठे युवक की गोली मारकर हत्या, बुलेट अंसारी की मौत से बवाल, सड़क जाम कर प्रदर्शन
विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण पूरा, जल्द शुरू होगा यातायात, बीआरओ ने तेज की मरम्मत प्रक्रिया
बेउर नाला निर्माण में लापरवाही पर बड़ा एक्शन: ठेकेदार कंपनी पर 10 लाख जुर्माना, ब्लैकलिस्ट की तैयारी
Bihar Politics: मुजफ्फरपुर में मंत्री की जुबान फिसली, खुद को बता बैठे स्वास्थ्य मंत्री, वीडियो वायरल
Bihar School: सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई के बाद होगी स्पेशल कोचिंग, शिक्षकों को मिलेगा अलग इंसेंटिव
बिहार में दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए चलेगी स्पेशल बस सेवा, पटना में शुरू होंगी लो-फ्लोर CNG बसें
राजधानी एक्सप्रेस में लगी आग: राजस्थान में AC कोच में धुआं उठते ही मची अफरा-तफरी, 68 यात्री सुरक्षित
آج کی قومی خبریں: بھارت میں سیاسی، معاشی، سماجی اور تکنیکی شعبوں میں بڑی تبدیلیاں، مکمل تفصیلی رپورٹ
बेगूसराय में बिहार पुलिस की तैयारी कर रहे युवक ने की आत्महत्या, मां के इलाज का खर्च बना चिंता की वजह
Iran Internet Toll Plan: हॉर्मुज स्ट्रेट की केबल्स पर टैक्स की तैयारी, इंटरनेट स्पीड पर असर की आशंका
समस्तीपुर में सनसनी: खानपुर में युवक का गला रेतकर कत्ल, बगीचे से मिला शव, शराब की बोतलों ने खोला राज
Bihar Bridge Safety Alert: पुल टूटा तो नहीं बचेंगे अफसर! बिहार सरकार ने इंजीनियरों को किया हाई अलर्ट
1 लाख से कम में बेस्ट गेमिंग लैपटॉप: दमदार प्रोसेसर, RTX ग्राफिक्स और हाई परफॉर्मेंस वाले टॉप ऑप्शंस
ممبئی تربوز موت معاملہ: فارنسک رپورٹ میں بڑا انکشاف، چوہا مار زہر سے ایک ہی خاندان کے 4 افراد کی موت
मोकामा विधायक अनंत सिंह पर FIR के बाद सियासत गरम, जनेऊ कार्यक्रम में डांस-हथियार विवाद पर बयान वायरल
पूर्णिया में मिड-डे मील में कीड़ा मिलने पर सख्ती, जांच में लापरवाही उजागर, निगरानी बढ़ाने के निर्देश
लॉन्च के 6 महीने में OnePlus 15 हुआ महंगा, 6,000 रुपये तक बढ़ी कीमत, जानिए नए फीचर्स और स्पेसिफिकेशन
Samastipur/Delhi: कैबिनेट विस्तार से पहले दिल्ली में तेज हलचल, सम्राट चौधरी की शाह-राजनाथ से मुलाकात
Bihar Police News: गया में लव ट्रायंगल विवाद में फायरिंग, निजी ड्राइवर ने सरकारी सिपाही को मारी गोली
नालंदा के पावापुरी में सोशल मीडिया प्रेमजाल से अपहरण और फिरौती का खुलासा, मुख्य आरोपी युवती गिरफ्तार
बिहार में पंचायत चुनाव से पहले साइबर ठगी तेज, मानदेय के नाम पर जनप्रतिनिधियों को बनाया जा रहा निशाना
Bihar Judges Transfer: पटना हाईकोर्ट की अनुशंसा पर 8 न्यायाधीशों का तबादला, कई जिलों में नई पोस्टिंग
मनु भाकर से वैभव सूर्यवंशी पर सवाल से छिड़ा विवाद, सोशल मीडिया पर क्रिकेट बनाम अन्य खेलों की बहस तेज
गया जंक्शन पर 20 दिन का मेगा ब्लॉक, राजधानी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों के रूट और प्लेटफॉर्म में बदलाव
बिहार में प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी, कैबिनेट विस्तार के बाद कई जिलों में नए डीएम और आईएएस तबादले तय
मधुबनी में मुकेश सहनी का बड़ा बयान, कहा—समाज के बिना ‘मलाई’ नहीं चाहिए, निषाद आरक्षण पर फिर उठी मांग
Apple MacBook Ultra: 2027 में आ सकता है नया प्रीमियम लैपटॉप, OLED और टच स्क्रीन समेत बड़े बदलाव संभव
Bihar Satellite Township: बिहार में 11 सैटेलाइट टाउनशिप की शुरुआत, जमीन मालिकों को मिलेगा 55% हिस्सा
Instagram का नया Instants ऐप लॉन्च, Snapchat को मिलेगी टक्कर—बिना फिल्टर फोटो शेयरिंग फीचर चर्चा में
काजोल ने तोड़ा 30 साल पुराना नियम, पहली बार किया ऑन-स्क्रीन किसिंग सीन—खुद बताया क्यों लिया यह फैसला
पीएम मोदी का बंगाल दौरा: कोलकाता में रोड शो के बाद हुगली नदी में नौका विहार, तस्वीरों ने खींचा ध्यान
कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर पार, अमेरिका-ईरान तनाव से बाजार धड़ाम, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
Bihar NH Projects Update: पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे सहित 6 बड़ी सड़क योजनाएं कैबिनेट मंजूरी में अटकी
Iran–US Diplomatic Breakthrough in Islamabad: High-Level Talks Expected Amid Tight Security Lockdown
Iran–US Diplomatic Breakthrough in Islamabad: High-Level Talks Expected Amid Tight Security Lockdown
बिहार में सैलरी-पेंशन भुगतान पर संकट, 10% कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन, करोड़ों लाभार्थी इंतजार में
जमुई में शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत 5 गिरफ्तार, नाबालिगों के इस्तेमाल का खुलासा
कटिहार में खेत में करंट लगने से पति-पत्नी की दर्दनाक मौत, चार बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
दरभंगा में 128 राजस्व कर्मचारी निलंबित, सामूहिक अवकाश से सरकारी काम बाधित करने पर डीएम का बड़ा एक्शन
बक्सर में सुकन्या योजना के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 80 महिलाओं के खातों से करोड़ों का लेनदेन
Imad Mughniyeh: The Shadow Commander Behind Hezbollah’s Global Network and Modern Asymmetric Warfare
बिहार में सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण से पहले पटना में हाई अलर्ट, ट्रैफिक व्यवस्था बदली, कई रास्ते बंद
भागलपुर में शराबबंदी पर बड़ा सवाल: उत्पाद विभाग की गाड़ी से शराब बरामद, चालक नशे में हंगामा करता रहा
Bihar Airport Expansion: Survey to Be Conducted in 4 Districts, AAI Team from Delhi to Inspect Sites
बिहार के सरकारी स्कूलों में सख्त निगरानी लागू, अधिकारियों को रोज 3 स्कूलों का निरीक्षण करना अनिवार्य
पटना में RJD अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कार्यक्रम में गरजे तेजस्वी यादव, केंद्र-राज्य सरकार पर बोला हमला
शराबबंदी पर मांझी का बड़ा बयान, बोले- पाव भर शराब वालों पर सख्ती क्यों, बड़े तस्कर कैसे बच जाते हैं?
समस्तीपुर में अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने LPG, PNG और जनकल्याण सेवाओं का लिया विस्तृत जायजा
रोहतास में मंदिर से चांदी का गदा और कीमती सामान चोरी, ग्रामीणों में उबाल—“अब भगवान भी सुरक्षित नहीं”
आस्था, अनुशासन और प्रकृति उपासना का महापर्व: चैती छठ 22 मार्च से, चार दिनों तक गूंजेगा भक्ति का स्वर
पश्चिम चंपारण में जमीन विवाद बना खून-खराबे की वजह, पिता और भाई पर हत्या का आरोप, एक की मौत, दो गंभीर
पटना में BPSC TRE-4 नोटिफिकेशन को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का महा आंदोलन, पैदल मार्च में जताई नाराजगी
बिहार में इफ्तार डिप्लोमेसी: नीतीश कुमार और चिराग पासवान की दावतें सियासी गलियारों में चर्चा का विषय
निशांत कुमार की जदयू में धमाकेदार एंट्री: जिम्मेदारी तय होने की प्रतीक्षा, पार्टी और विपक्ष में हलचल
हाजीपुर कोर्ट में सनसनी: पेशी के दौरान कैदी ने छत से पोखर में लगाई छलांग, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
युद्ध की आंच से रसोई तक संकट: दरभंगा में गैस सिलेंडर के लिए सुबह 4 बजे से लाइन, खाली हाथ लौट रहे लोग
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का राजनीतिक डेब्यू: राज्यसभा की राह और बिहार की राजनीति में नई पारी
भारत में अप्रैल से अनिवार्य: E20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल की नई ऑक्टेन रेटिंग, आयात पर निर्भरता घटेगी
बिहार में अब जमीन दलालों की खैर नहीं: सरकार ने हर अंचल कार्यालय में लगाए CCTV, सख्त कार्रवाई का एलान
राजद-जदयू विवाद: नीरज कुमार ने सुनील कुमार सिंह पर जमकर साधा निशाना, शराब और इलेक्ट्रॉल बांड पर घेरा
दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की उड़ान तकनीकी खराबी के कारण वापस दिल्ली लौट आई, सभी यात्री सुरक्षित
बिहार विधानसभा में विधायक निधि बढ़ाने को लेकर हंगामा: सत्ता और विपक्ष एकजुट, सदन में देर तक नारेबाजी
बजट सत्र के 15वें दिन सदन में हंगामा: अपराध पर घिरी सरकार, जीआई टैग और छात्र योजनाओं पर भी गरमाई बहस
पीरपैंती पावर प्रोजेक्ट पर अडानी की नजर: बिहार की ऊर्जा तस्वीर बदलने वाली योजना की आज करेंगे समीक्षा
बयानबाज़ी से गरमाया बिहार—तेजस्वी यादव बनाम मैथिली ठाकुर टकराव में ‘पुराना-नया बिहार’ की बहस फिर तेज
बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: AIMIM ने खुद का उम्मीदवार उतारने का किया ऐलान, पांचवीं सीट के समीकरण बदले
मुजफ्फरपुर: 16 वर्षीय छात्रा की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने थाने में आत्मसमर्पण किया, इलाके में सनसनी
फुलवारी शरीफ छात्रा मौत मामला: संदिग्ध परिस्थितियों में छात्रा की मौत, हत्या या आत्महत्या की बहस तेज
पटना: तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान, बोले- राजनीति में साजिशें आम हैं, मेरी हत्या की साजिश भी होती रही
लोकसभा स्पीकर पर घिरा विवाद: हटाने के प्रस्ताव से गरमाया बजट सत्र, जानिए क्या है संवैधानिक प्रक्रिया
सिवान में पत्रकार पर हमला: शादी से लौटते वक्त बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर किया गंभीर रूप से घायल
“होली पर बिहार आने वालों के लिए रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों के लिए तत्काल टिकट भी उपलब्ध
मुजफ्फरपुर में स्नातक छात्र पर बाइक सवार बदमाशों ने किया हमला, पेट में लगी गोली, पुलिस जांच में जुटी
बिहार बजट में महिला सशक्तिकरण का रोडमैप: गांव की इकाई से शहर के बाजार तक, ट्रेनिंग से सीधे रोजगार तक
मोदी सरकार में बिहार को रेलवे की नई ताकत:रेल बजट नौ गुना बढ़ा,हाईस्पीड कॉरिडोर से बदलेगी कनेक्टिविटी
बिहार में जमीन दस्तावेजों का डिजिटल युग:1908 से अब तक की रजिस्ट्री एक क्लिक पर,दफ्तरों के चक्कर खत्म
बजट 2026-27: ‘शी मार्ट’ से जीविका दीदियों को मिलेगा नया बाजार, बिहार बन सकता है महिला उद्यमिता का हब
कैथी लिपि के दस्तावेज अब नहीं बनेंगे सिरदर्द, सरकार ने तय किया रेट और उपलब्ध कराए प्रशिक्षित अनुवादक
समस्तीपुर जिले के अपर जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने गणतंत्र दिवस पर जिलेवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं
निष्ठा, सेवा और स्मृतियों से सजी विदाई: आचार्य विजयव्रत कंठ को भावभीनी सम्मान-समारोह में दी गई विदाई
समृद्धि यात्रा का सातवां पड़ाव: मुजफ्फरपुर को 850 करोड़ की विकास सौगात देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
बिहार में CM सस्पेंस चरम पर, NDA में मंथन तेज; 7 नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा
- Repoter 11
- 09 Apr, 2026
नीतीश के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट, अगले मुख्यमंत्री को लेकर भाजपा में हलचल तेज.
पटना/आलम की खबर:बिहार की राजनीति इन दिनों ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां हर राजनीतिक बयान, हर मुलाकात और हर चुप्पी के अपने अलग मायने निकाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की प्रक्रिया ने राज्य की सत्ता संरचना को लेकर अटकलों का बाजार और गर्म कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा सिर्फ एक सवाल पर सिमट गई है—नीतीश कुमार के बाद बिहार की कमान किसके हाथ में जाएगी? सत्ता परिवर्तन को लेकर भले ही आधिकारिक तौर पर संयमित भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा हो, लेकिन अंदरखाने में समीकरणों, जातीय संतुलन, संगठनात्मक वफादारी और राजनीतिक उपयोगिता के आधार पर गहन मंथन जारी है।
नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। इसी के बाद बिहार की राजनीति में अगला बड़ा कदम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं के बीच भाजपा की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि सब कुछ नियंत्रण में है और गठबंधन के भीतर किसी तरह का तनाव नहीं है। लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि असली तस्वीर उसी समय साफ होगी, जब यह तय हो जाएगा कि मुख्यमंत्री पद के लिए अंतिम मुहर किस नाम पर लगती है। फिलहाल भाजपा के भीतर कई नामों की चर्चा तेज है और इन्हीं चेहरों को लेकर बिहार का अगला राजनीतिक अध्याय लिखा जा सकता है।
NDA एकजुट दिखाने की कोशिश, लेकिन नजरें ‘फाइनल नाम’ पर
गठबंधन के भीतर यह संदेश लगातार दिया जा रहा है कि सब कुछ आपसी सहमति और तय प्रक्रिया के अनुसार होगा। भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की ओर से भी यह स्पष्ट संकेत देने की कोशिश की गई है कि किसी तरह के मतभेद की स्थिति नहीं है। लेकिन बिहार की राजनीति को नजदीक से देखने वाले लोग जानते हैं कि ऐसे दौर में असली खेल अक्सर अंतिम क्षणों में सामने आता है। ऊपर से शांति और अंदरखाने में गहन रणनीति—यह भारतीय राजनीति का पुराना फार्मूला रहा है, और बिहार में भी वही तस्वीर बनती दिख रही है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह है कि मुख्यमंत्री का चेहरा केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं होगा, बल्कि 2026-27 की बिहार राजनीति, जातीय समीकरण, संगठनात्मक नियंत्रण और आगामी चुनावी रणनीति का भी आधार बनेगा। यही वजह है कि संभावित नामों की सूची में हर चेहरा अपने साथ अलग राजनीतिक संदेश और सामाजिक समीकरण लेकर चल रहा है।
सम्राट चौधरी: सबसे आगे दिखता चेहरा
अगर मुख्यमंत्री पद की चर्चा में सबसे ज्यादा कोई नाम उभरकर सामने आया है, तो वह सम्राट चौधरी का है। मौजूदा डिप्टी सीएम और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सम्राट चौधरी ने पिछले कुछ समय में खुद को पार्टी के मजबूत चेहरों में शामिल कराया है। संगठन पर पकड़, कार्यकर्ताओं के बीच स्वीकार्यता और सत्ता-संरचना के भीतर उनकी बढ़ती भूमिका ने उनके दावे को मजबूत किया है।
सम्राट चौधरी का सबसे बड़ा राजनीतिक आधार उनका सामाजिक प्रतिनिधित्व भी माना जा रहा है। वे कुशवाहा समाज से आते हैं, जो बिहार की राजनीति में प्रभावशाली ओबीसी वर्गों में गिना जाता है। भाजपा लंबे समय से इस वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम करती रही है। ऐसे में सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाना पार्टी के लिए केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक संदेश के रूप में भी देखा जा सकता है। हालांकि, उनके नाम के साथ यह सवाल भी जुड़ा हुआ है कि क्या पार्टी अंतिम क्षण में किसी ‘सरप्राइज कार्ड’ का इस्तेमाल करेगी या नहीं।
नित्यानंद राय: केंद्र और बिहार के बीच सेतु बनने की क्षमता
मुख्यमंत्री पद की संभावित सूची में दूसरा बड़ा नाम नित्यानंद राय का माना जा रहा है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के रूप में उनकी भूमिका पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित है। बिहार में उनकी संगठनात्मक पकड़ और पिछड़े वर्गों के बीच उनकी पहुंच को भाजपा की बड़ी ताकत माना जाता है। वे लंबे समय से पार्टी के अनुशासित और भरोसेमंद नेता के रूप में देखे जाते रहे हैं।
अगर पार्टी ऐसा चेहरा चाहती है जो केंद्र और बिहार के बीच बेहतर राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय बना सके, तो नित्यानंद राय एक मजबूत विकल्प के रूप में सामने आते हैं। उनके नाम के साथ यह भी जुड़ा है कि वे सीधे संगठन और सत्ता के बीच संतुलन साधने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, यह भी देखना होगा कि क्या पार्टी उन्हें दिल्ली की भूमिका से हटाकर पटना की जिम्मेदारी देना चाहेगी या नहीं।
विजय कुमार सिन्हा: सख्त छवि और स्पष्ट राजनीतिक स्टैंड
भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा भी उन चेहरों में हैं, जिनका नाम गंभीरता से लिया जा रहा है। विधानसभा में उनकी सक्रियता, विपक्ष पर हमलावर शैली और प्रशासनिक मामलों पर स्पष्ट स्टैंड ने उन्हें पार्टी के भीतर एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया है। उनकी साफ-सुथरी छवि और राजनीतिक स्पष्टता उन्हें मुख्यमंत्री पद की चर्चा में बनाए हुए है।
विजय सिन्हा के समर्थकों का मानना है कि वे एक ऐसे नेता हैं जो प्रशासनिक अनुशासन और राजनीतिक आक्रामकता दोनों को साथ लेकर चल सकते हैं। बिहार जैसे राज्य में, जहां कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक गति हमेशा चुनावी मुद्दा रहती है, वहां उनकी छवि पार्टी के लिए उपयोगी मानी जा सकती है। हालांकि, मुख्यमंत्री पद के लिए अंतिम चयन में केवल छवि नहीं, बल्कि जातीय और गठबंधन संतुलन भी अहम होगा।
दिलीप जायसवाल: अनुभव और शहरी-व्यापारी नेटवर्क
संभावित नामों में दिलीप जायसवाल भी चर्चा में हैं। बिहार भाजपा के अनुभवी चेहरों में गिने जाने वाले जायसवाल का संगठन और सत्ता दोनों में लंबा अनुभव रहा है। उनकी पकड़ खासकर शहरी इलाकों, व्यापारी वर्ग और पार्टी के पुराने नेटवर्क में मानी जाती है। वे ऐसे नेता के रूप में देखे जाते हैं जो विकास, व्यापार और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों पर फोकस रखने वाली राजनीति का चेहरा बन सकते हैं।
अगर भाजपा ऐसा चेहरा सामने लाना चाहे जो अपेक्षाकृत कम विवादित, संतुलित और प्रशासनिक तौर पर ‘सेफ’ विकल्प लगे, तो दिलीप जायसवाल का नाम अचानक आगे बढ़ सकता है। हालांकि, उनके सामने चुनौती यह होगी कि वे व्यापक जनभावना और राज्यव्यापी राजनीतिक ऊर्जा के स्तर पर कितने प्रभावी माने जाते हैं।
रेणु देवी: महिला और सामाजिक प्रतिनिधित्व का बड़ा कार्ड
अगर भाजपा सामाजिक और प्रतीकात्मक राजनीति के स्तर पर बड़ा दांव खेलना चाहे, तो रेणु देवी का नाम सबसे अहम बन सकता है। पूर्व उपमुख्यमंत्री के रूप में वे पहले ही राज्य की सत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं। महिला नेतृत्व, दलित प्रतिनिधित्व और अपेक्षाकृत सादगीपूर्ण राजनीतिक छवि उनके पक्ष में जाती है।
रेणु देवी को आगे बढ़ाने का अर्थ केवल एक चेहरा बदलना नहीं होगा, बल्कि यह संदेश देना भी होगा कि भाजपा बिहार में सामाजिक विस्तार और प्रतिनिधित्व की राजनीति को नए स्तर पर ले जाना चाहती है। खासकर तब, जब बिहार की राजनीति लंबे समय से पुरुष-प्रधान और जातीय ध्रुवीकरण वाली रही है, ऐसे में महिला मुख्यमंत्री का कार्ड बड़ा राजनीतिक संदेश दे सकता है। हालांकि, यह विकल्प उतना ही बड़ा होगा, जितना पार्टी इसे रणनीतिक रूप से जरूरी समझे।
संजीव चौरसिया और जनक राम: संतुलन के समीकरण वाले नाम
मुख्यमंत्री पद की चर्चा में संजीव चौरसिया और जनक राम जैसे नाम भी सामने आ रहे हैं। ये दोनों चेहरे भले शीर्ष दावेदारों की तरह न दिखते हों, लेकिन बिहार की राजनीति में कई बार ऐसे नाम ही निर्णायक मोड़ पर ‘सहमति उम्मीदवार’ बनकर उभरते रहे हैं। दोनों नेताओं की अपने-अपने सामाजिक और क्षेत्रीय आधार पर पकड़ मानी जाती है।
संजीव चौरसिया को ब्राह्मण समाज और शहरी नेटवर्क के संदर्भ में देखा जा रहा है, जबकि जनक राम को दलित-पिछड़े संतुलन के एक विकल्प के रूप में परखा जा रहा है। अगर भाजपा अंत में ऐसा नाम चुनना चाहे जो अंदरूनी गुटबाजी को कम करे और गठबंधन में संतुलन बनाए रखे, तो ऐसे चेहरे अचानक चर्चा के केंद्र में आ सकते हैं।
अंतिम फैसला केवल चेहरा नहीं, 2026 की रणनीति भी तय करेगा
बिहार में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह सवाल केवल वर्तमान सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं है। यह फैसला आने वाले विधानसभा चुनाव, जातीय गठजोड़, भाजपा-जदयू के समीकरण और विपक्ष के खिलाफ एनडीए की रणनीति की दिशा भी तय करेगा। पार्टी ऐसा चेहरा चुनना चाहेगी जो सिर्फ शपथ लेने तक सीमित न हो, बल्कि आगे जाकर चुनावी नैरेटिव भी संभाल सके।
यही वजह है कि इस पूरे सस्पेंस को केवल पद परिवर्तन के रूप में नहीं देखा जा रहा। यह सत्ता के साथ-साथ संदेश की लड़ाई भी है। भाजपा के लिए यह अवसर भी है और चुनौती भी—एक ऐसा चेहरा चुनने की, जो नीतीश कुमार के बाद प्रशासनिक स्थिरता, राजनीतिक नियंत्रण और सामाजिक संतुलन तीनों को साध सके।
10 अप्रैल के बाद तेज हो सकती है राजनीतिक हलचल
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, 10 अप्रैल के बाद पटना और दिल्ली के बीच बैठकों का दौर और तेज हो सकता है। इसके बाद एनडीए के भीतर औपचारिक बातचीत, विधायक दल की बैठक और सरकार गठन की दिशा में तेजी आने की संभावना है। खरमास समाप्त होने के बाद नई सरकार के गठन को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
फिलहाल बिहार की राजनीति एक बार फिर उसी मोड़ पर खड़ी है, जहां हर नाम के पीछे एक कहानी है और हर संभावना के पीछे एक समीकरण। जनता की नजर अब इस पर है कि क्या भाजपा सबसे चर्चित नाम पर भरोसा करेगी या फिर अंतिम क्षण में कोई ऐसा फैसला आएगा, जो एक बार फिर बिहार की राजनीति को चौंका देगा। अगले कुछ दिन न केवल बिहार, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी बेहद अहम माने जा रहे हैं।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *







