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पटना में ‘फर्जी कस्टम अधिकारी’ बनकर 14.9 किलो सोना लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 3 गिरफ्तार

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पटना के दानापुर स्टेशन के पास हुए 14.9 किलो सोना लूटकांड का पुलिस और STF ने खुलासा किया। तीन अपराधी गिरफ्तार, 5.403 किलो सोना, कारतूस और नकदी बरामद।

पटना/आलम की खबर: राजधानी पटना के खगौल थाना क्षेत्र में दानापुर स्टेशन के समीप हुए हाई-प्रोफाइल सोना लूटकांड का आखिरकार पटना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि लूटे गए सोने का एक बड़ा हिस्सा भी बरामद कर लिया गया है।

बताया जा रहा है कि यह वारदात 4 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब अपराधियों ने खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताकर एक व्यक्ति को अपने जाल में फंसा लिया। झांसे में लेकर बदमाशों ने उसके पास मौजूद करीब 14.9 किलोग्राम सोना लूट लिया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस के लिए यह बड़ी चुनौती बन गई।

घटना की सूचना मिलते ही खगौल थाना पुलिस हरकत में आई और आसपास के इलाकों में सघन जांच अभियान शुरू किया गया। भागने के संभावित रास्तों पर नजर रखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। इसी क्रम में वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन और अन्य अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे, जिसने केस को सुलझाने में निर्णायक भूमिका निभाई।

जांच के दौरान एसटीएफ की टीम को भी शामिल किया गया, जिसके बाद कार्रवाई तेज कर दी गई। वैज्ञानिक और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमरनाथ उर्फ गोपी, आदित्य गिरी उर्फ सनी और संजय कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में तीनों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 5.403 किलोग्राम सोना बरामद किया है। इसके अलावा 9 जिंदा कारतूस और करीब 1.97 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। बरामदगी से यह साफ हो गया है कि गिरोह बड़े स्तर पर संगठित तरीके से अपराध को अंजाम दे रहा था।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस लूटकांड की योजना अचानक नहीं बल्कि काफी समय से बनाई जा रही थी। आरोपी पिछले करीब डेढ़ साल से इलाके की रेकी कर रहे थे और सही मौके की तलाश में थे। जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर इस वारदात को अंजाम दे दिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है ताकि इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

इस पूरे मामले के खुलासे के बाद पटना पुलिस की कार्यशैली की सराहना हो रही है, वहीं आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले उसकी पहचान की पूरी तरह पुष्टि कर लें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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