:
Breaking News

पटना में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: 41 राजस्व अधिकारी निलंबित, CO समेत पूरे बिहार में मचा हड़कंप

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार में नई सरकार गठन से पहले 41 राजस्व अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। हड़ताल और कार्य बहिष्कार के कारण यह बड़ी कार्रवाई की गई है। CO सहित पूरी सूची सामने आई है।

पटना/आलम की खबर: बिहार में नई सरकार के गठन से ठीक पहले प्रशासनिक स्तर पर बड़ा और सख्त कदम उठाया गया है। राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताल पर गए कुल 41 अधिकारियों को निलंबित कर पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी है। इनमें अधिकांश अंचलाधिकारी (CO), सहायक चकबंदी पदाधिकारी और राजस्व अधिकारी शामिल हैं। यह कार्रवाई मंगलवार को की गई, जबकि बुधवार को नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां अपने चरम पर हैं।

सूत्रों के अनुसार, ये सभी अधिकारी लंबे समय से विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार पर थे, जिससे जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य—जैसे दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद निपटारा और प्रमाणपत्र सेवाएं—पूरी तरह प्रभावित हो रही थीं। लगातार चेतावनी के बावजूद जब अधिकारी काम पर वापस नहीं लौटे, तो सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए निलंबन का निर्णय लिया।

निलंबित अधिकारियों की पूरी सूची (CO और अन्य अधिकारी)

सरकारी आदेश के अनुसार निलंबित 41 अधिकारियों की सूची इस प्रकार है—

अमलेश कुमार – अंचलाधिकारी, एकमा (सारण)

सौरभ कुमार – अंचलाधिकारी, दावथ (रोहतास)

संजीव कुमार – अंचलाधिकारी, पूर्णिया पूर्व (पूर्णिया)

विश्वास आनंद – अंचलाधिकारी, घाटकुसुम्बा (शेखपुरा)

रंजित कुमार उपाध्याय – अंचलाधिकारी, मखदुमपुर (जहानाबाद)

लखेंद्र कुमार – अंचलाधिकारी, पिरो (भोजपुर)

नजमुल हसन – अंचलाधिकारी, जोकीहाट (अररिया)

मोहित सिन्हा – अंचलाधिकारी, परवलपुर (नालंदा)

मधुसुदन चौरसिया – अंचलाधिकारी, नोखा (रोहतास)

प्रेम आनंद प्रसाद – अंचलाधिकारी, सोनभद्र बंसी सूर्यपुर (अरवल)

अमित कुमार – अंचलाधिकारी, बेलदौर (खगड़िया)

रश्मि प्रिया – अंचलाधिकारी, राघोपुर (सुपौल)

पुष्कल कुमार – अंचलाधिकारी, पहाड़पुर (पूर्वी चंपारण)

निकिता अग्रवाल – अंचलाधिकारी, श्रीनगर (पूर्णिया)

नरेन्द्र कुमार सिंह – अंचलाधिकारी, बाढ़ (पटना)

विवेक कुमार सिंह – अंचलाधिकारी, गौनाहा (पश्चिम चंपारण)

अर्चना कुमारी – अंचलाधिकारी, टेटिया बम्बर (मुंगेर)

सुमन सौरभ – अंचलाधिकारी, हिसुआ (नवादा)

पुनीत कौशल – अंचलाधिकारी, खगड़िया सदर

गजानंद मेहता – अंचलाधिकारी, बेलागंज (गया)

शैलेन्द्र कुमार यादव – अंचलाधिकारी, दाउदनगर (औरंगाबाद)

कुमार रोहित – अंचलाधिकारी, तरियानी (शिवहर)

आयुष चंद्र हंस – अंचलाधिकारी, एकांगारसराय (नालंदा/गोपालगंज क्षेत्रीय पदस्थापन)

संजय कुमार – सहायक चकबंदी पदाधिकारी, भोजपुर

रजत कुमार बर्नवाल – अंचलाधिकारी, गोपालगंज

रविकांत – अंचलाधिकारी, लक्ष्मीपुर (जमुई)

प्रशांत कुमार झा – अंचलाधिकारी, झंझारपुर (मधुबनी)

रंधीर रमण – अंचलाधिकारी, विभूतिपुर (समस्तीपुर)

रविकांत – अंचलाधिकारी, मनिगाछी (दरभंगा)

सतीश कुमार गुप्ता – अंचलाधिकारी, चाँद (कैमूर)

नंदन कुमार – अंचलाधिकारी, चेरिया बरियारपुर (बेगूसराय)

राकेश आनंद – अंचलाधिकारी, बड़हिया (लखीसराय)

राम विकास सिंह – राजस्व अधिकारी, जहानाबाद

उदयकांत मिश्र – अंचलाधिकारी, चौसा (मधेपुरा)

मनीष कुमार – अंचलाधिकारी, बरारी (कटिहार)

मोहित राज – अंचलाधिकारी, पोठिया (किशनगंज)

पंकज कुमार – अंचलाधिकारी, सिसवन (सिवान)

सतीश कुमार सिंह – अंचलाधिकारी, इसुआपुर (सारण)

विश्वजीत सिंह – अंचलाधिकारी, बोचहाँ (मुजफ्फरपुर)

विवेक कुमार मिश्रा – ADLAO, मधुबनी

सुधीर ओंकारा – राजस्व अधिकारी, मुख्यालय (HQ)हड़ताल बना

कार्रवाई की मुख्य वजह

जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग के अधिकारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। कार्य बहिष्कार के कारण राज्य में भूमि संबंधी सेवाएं लगभग ठप पड़ गई थीं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग दाखिल-खारिज, जमीन रजिस्ट्रेशन और प्रमाण पत्र के लिए परेशान हो रहे थे।

सरकार ने कई बार बातचीत और चेतावनी दी, लेकिन जब स्थिति नहीं सुधरी तो यह कठोर कदम उठाया गया।

प्रशासनिक गलियारों में मचा हड़कंप

इस बड़े निलंबन के बाद बिहार प्रशासनिक सेवा में हड़कंप मच गया है। कई जिलों में अंचल कार्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है ताकि जनता के कार्य प्रभावित न हों। अधिकारियों की अनुपस्थिति से कई जगह कामकाज धीमा पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज

इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ इसे प्रशासनिक अनुशासन बहाल करने का कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे कर्मचारियों पर दबाव की रणनीति मान रहे हैं। हालांकि सरकार का स्पष्ट कहना है कि यह निर्णय जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

आगे क्या?

अब सभी की नजर इस बात पर है कि निलंबित अधिकारी आगे क्या रुख अपनाते हैं। क्या हड़ताल खत्म होगी या यह विवाद और बढ़ेगा—यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *