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Air New Zealand Skynest: अब इकोनॉमी क्लास में भी लेटकर सोएंगे यात्री, 45 हजार में मिलेगा ‘आसमान में बेड’
- Reporter 12
- 16 Apr, 2026
Air New Zealand अपने Boeing 787-9 में Skynest सुविधा ला रहा है, जिससे इकोनॉमी क्लास यात्री भी फ्लाइट में लेटकर सो सकेंगे। जानिए इसकी कीमत, फीचर्स और बुकिंग डिटेल।
DESK:लंबी दूरी की हवाई यात्राओं में घंटों तक एक ही सीट पर बैठे रहने की परेशानी अब धीरे-धीरे खत्म होने वाली है। एविएशन सेक्टर में लगातार हो रहे बदलावों के बीच Air New Zealand ने एक ऐसी सुविधा पेश करने की तैयारी की है, जो इकोनॉमी क्लास के यात्रियों के सफर के अनुभव को पूरी तरह बदल सकती है। “स्काईनेस्ट” नाम की इस नई व्यवस्था के तहत अब सामान्य किराए पर यात्रा करने वाले यात्री भी उड़ान के दौरान लेटकर आराम से सो सकेंगे। यह कदम खासतौर पर उन लंबी उड़ानों के लिए अहम माना जा रहा है, जहां यात्रियों को 12 से 17 घंटे तक लगातार यात्रा करनी पड़ती है।
अब तक फ्लाइट में आरामदायक नींद लेना केवल बिजनेस या फर्स्ट क्लास यात्रियों तक ही सीमित था, लेकिन स्काईनेस्ट के आने से यह सुविधा इकोनॉमी यात्रियों के लिए भी उपलब्ध हो जाएगी, हालांकि इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
क्या है Skynest और कैसे करेगा काम
Air New Zealand द्वारा पेश की जा रही स्काईनेस्ट सुविधा दरअसल विमान के भीतर बनाए गए स्लीपिंग पॉड्स का एक सेट है, जिसे खास तौर पर इकोनॉमी क्लास यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है। ये पॉड्स बंक बेड की तरह होंगे, यानी एक के ऊपर एक लेयर में बने छोटे-छोटे बेड, जहां यात्री अपनी बारी आने पर कुछ घंटों के लिए आराम कर सकेंगे।
इन पॉड्स की लंबाई लगभग 6 फीट 8 इंच रखी गई है, जिससे लंबे कद के यात्रियों को भी कोई परेशानी नहीं होगी। एक समय में कुल छह यात्री इनका उपयोग कर सकेंगे, और हर यात्री को एक तय समय के लिए यह सुविधा मिलेगी।
यह पूरी व्यवस्था विमान के एक अलग हिस्से में बनाई जाएगी, ताकि बाकी यात्रियों की यात्रा में कोई व्यवधान न हो और जो यात्री आराम करना चाहते हैं, उन्हें शांत वातावरण मिल सके।
आराम के लिए खास डिजाइन
स्काईनेस्ट को डिजाइन करते समय यात्रियों के आराम को प्राथमिकता दी गई है। हर पॉड में मुलायम गद्दा, तकिया और कंबल उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा प्राइवेसी बनाए रखने के लिए पर्दे लगाए जाएंगे, ताकि यात्री बिना किसी बाधा के आराम कर सकें।
हर बेड के साथ व्यक्तिगत रीडिंग लाइट, मोबाइल चार्जिंग पोर्ट और सुरक्षा के लिए सीट बेल्ट जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यात्री न केवल आराम से सो सकें, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित भी रहें।
एयरलाइन का कहना है कि हर उपयोग के बाद पॉड की साफ-सफाई की जाएगी और चादर व कंबल बदले जाएंगे, ताकि अगला यात्री स्वच्छ वातावरण में आराम कर सके।
कितने समय के लिए मिलेगी सुविधा
इस सेवा का उपयोग करने के लिए यात्रियों को पहले से बुकिंग करनी होगी। एक बार में अधिकतम चार घंटे के लिए पॉड उपलब्ध कराया जाएगा।
चार घंटे का यह समय यूं ही तय नहीं किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक सामान्य नींद चक्र लगभग 90 मिनट का होता है, इसलिए चार घंटे में यात्री दो से तीन नींद चक्र पूरे कर सकते हैं और तरोताजा महसूस कर सकते हैं।
इस दौरान यात्रियों को पूरी तरह लेटने और आराम करने का मौका मिलेगा, जो लंबी उड़ानों में बेहद महत्वपूर्ण होता है।
कीमत सुनकर चौंक सकते हैं आप
हालांकि यह सुविधा जितनी आकर्षक है, उतनी ही महंगी भी है। स्काईनेस्ट का उपयोग करने के लिए यात्रियों को अलग से भुगतान करना होगा।
एक 4 घंटे के सत्र के लिए लगभग 495 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 40 से 45 हजार रुपये तक खर्च करने होंगे। यह राशि इकोनॉमी टिकट के किराए से अलग होगी।
ऐसे में यह सुविधा हर यात्री के लिए सुलभ नहीं मानी जा रही है, लेकिन जो लोग लंबी दूरी की यात्रा में आराम को प्राथमिकता देते हैं, उनके लिए यह एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
लंबी दूरी की उड़ानों में होगा इस्तेमाल
इस सुविधा को सबसे पहले लंबी दूरी की इंटरनेशनल फ्लाइट्स में शुरू किया जाएगा। खास तौर पर न्यूयॉर्क के John F. Kennedy International Airport से ऑकलैंड तक की लगभग 17 घंटे लंबी उड़ान में इसे लागू किया जा सकता है।
यह रूट दुनिया की सबसे लंबी उड़ानों में गिना जाता है, जहां यात्रियों को लंबे समय तक सीट पर बैठे रहना पड़ता है। ऐसे में स्काईनेस्ट जैसी सुविधा यात्रियों के अनुभव को काफी बेहतर बना सकती है।
कब से शुरू होगी बुकिंग
जानकारी के अनुसार, इस सुविधा के लिए बुकिंग मई से शुरू की जाएगी, जबकि नवंबर से उड़ानों में इसका उपयोग शुरू हो सकता है।
यात्रियों को पहले से स्लॉट बुक करना होगा, क्योंकि सीमित संख्या में ही पॉड्स उपलब्ध होंगे। इस कारण मांग ज्यादा होने की संभावना भी जताई जा रही है।
अन्य एयरलाइंस भी कर रहीं प्रयोग
एविएशन इंडस्ट्री में यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई एयरलाइंस नए-नए प्रयोग कर रही हैं। United Airlines जैसी कंपनियां भी अपने स्तर पर सीटिंग और आराम से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
इससे साफ संकेत मिलता है कि आने वाले समय में हवाई यात्रा केवल एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का साधन नहीं रहेगी, बल्कि यह एक आरामदायक अनुभव में बदल जाएगी।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, Air New Zealand की स्काईनेस्ट सुविधा हवाई यात्रा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। यह पहली बार है जब इकोनॉमी क्लास के यात्रियों को भी लेटकर सोने का विकल्प दिया जा रहा है।
हालांकि इसकी कीमत हर किसी के लिए आसान नहीं है, लेकिन यह उन यात्रियों के लिए खास राहत बन सकती है, जो लंबी उड़ानों में आराम और नींद को प्राथमिकता देते हैं।
आने वाले समय में अगर यह प्रयोग सफल होता है, तो संभव है कि अन्य एयरलाइंस भी इस दिशा में कदम बढ़ाएं और हवाई यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल जाए।
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