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CBSE 10th Second Exam 2026: रिजल्ट के बाद सेकंड बोर्ड परीक्षा प्रक्रिया शुरू, स्कूलों को LOC जमा करने का निर्देश

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CBSE 10th Second Exam 2026 की प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्कूलों को 16 से 20 अप्रैल तक LOC जमा करना होगा। परीक्षा सुधार और कंपार्टमेंट छात्रों के लिए अहम अवसर है।

DESK:सीबीएसई ने कक्षा 10वीं के रिजल्ट 2026 जारी होने के तुरंत बाद अब सेकंड बोर्ड परीक्षा यानी दूसरे अवसर की परीक्षा प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है, जिसके तहत छात्रों को एक ही शैक्षणिक सत्र में अपने अंकों में सुधार करने या कंपार्टमेंट परीक्षा पास करने का अतिरिक्त मौका मिलेगा और इस नई व्यवस्था को बोर्ड के टू-एग्जाम सिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जिससे छात्रों को अपनी शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर करने का अवसर मिलता है।

सीबीएसई के निर्देशों के अनुसार इस प्रक्रिया की शुरुआत लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स यानी सीबीएसई द्वारा LOC जमा करने के साथ की गई है, जिसके तहत सभी स्कूलों को 16 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक बिना किसी लेट फीस के छात्रों का डेटा और परीक्षा शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा, जबकि यदि किसी कारणवश स्कूल समय सीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते हैं तो उन्हें 21 और 22 अप्रैल को लेट फीस के साथ आवेदन करने की अनुमति दी गई है, लेकिन इसके बाद किसी भी स्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

इस पूरी परीक्षा प्रणाली का उद्देश्य छात्रों को एक और अवसर देना है ताकि वे या तो अपने अंकों में सुधार कर सकें या कंपार्टमेंट विषयों को सफलतापूर्वक पास कर सकें, और इस परीक्षा में केवल वही छात्र शामिल हो सकते हैं जिन्होंने मुख्य परीक्षा पास कर ली हो और वे अधिकतम तीन विषयों में सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं, जबकि कंपार्टमेंट श्रेणी के छात्र भी निर्धारित नियमों के तहत इस परीक्षा में भाग ले सकते हैं, इसके अलावा वे छात्र जो किसी कारणवश पहले चरण की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे, उन्हें भी यह अवसर दिया गया है।

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बार गणित विषय में छात्रों को स्टैंडर्ड और बेसिक स्तर के बीच बदलाव करने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन अन्य विषयों में किसी प्रकार का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा और एक बार आवेदन जमा होने के बाद उसमें कोई संशोधन नहीं किया जा सकेगा, साथ ही यह भी साफ किया गया है कि यदि कोई छात्र इस परीक्षा में शामिल नहीं होता है तो उसका मुख्य परीक्षा परिणाम ही अंतिम माना जाएगा।

शुल्क संरचना की बात करें तो भारत और नेपाल के छात्रों के लिए परीक्षा शुल्क 320 रुपये प्रति विषय निर्धारित किया गया है, जिसमें अधिकतम तीन विषयों तक आवेदन किया जा सकता है, यानी कुल शुल्क 960 रुपये तक होगा, जबकि लेट फीस के रूप में अतिरिक्त 2000 रुपये का भुगतान करना होगा, और यह पूरी प्रक्रिया केवल ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।

इसके अलावा प्राइवेट कैंडिडेट्स के लिए भी आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें वे 16 से 20 अप्रैल तक सामान्य शुल्क के साथ और 21 से 22 अप्रैल तक लेट फीस के साथ आवेदन कर सकते हैं, लेकिन बिना शुल्क के किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऑफलाइन फॉर्म पूरी तरह से अमान्य रहेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सेकंड बोर्ड परीक्षा प्रणाली छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार है, जिससे उन्हें अपने प्रदर्शन को सुधारने का दूसरा अवसर मिलता है और इससे परीक्षा प्रणाली अधिक लचीली और छात्र-केंद्रित बनती है, हालांकि इसके साथ ही स्कूलों पर LOC समय पर जमा करने की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है ताकि किसी भी छात्र का अवसर न छूटे।

कुल मिलाकर, CBSE का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे छात्रों को तनाव कम करने और बेहतर परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलेगी, अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस नई परीक्षा प्रणाली का प्रभाव छात्रों के परिणामों और शिक्षा स्तर पर किस तरह पड़ता है।

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