:
Breaking News

ChatGPT New Update: ‘Trusted Contact’ फीचर से अब यूजर की सुरक्षा और बढ़ेगी, जरूरत पर भेजेगा अलर्ट

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

OpenAI ChatGPT नया ‘Trusted Contact’ फीचर ला रहा है, जो गंभीर स्थिति में यूजर के चुने गए भरोसेमंद व्यक्ति को अलर्ट भेज सकता है। जानें यह कैसे काम करेगा

टेक्नोलॉजी डेस्क/आलम की खबर:टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से अपनी भूमिका बदल रहा है और अब यह सिर्फ सवालों के जवाब देने वाला टूल नहीं रह गया है, बल्कि इंसानों की भावनाओं और मानसिक स्थिति को समझने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में OpenAI अपने लोकप्रिय चैटबॉट ChatGPT के लिए एक नए और महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर पर काम कर रहा है, जिसका नाम ‘Trusted Contact’ बताया जा रहा है। यह फीचर यूजर की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परिस्थितियों में एक अहम भूमिका निभा सकता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नए फीचर के तहत यूजर को पहले से किसी एक या अधिक भरोसेमंद व्यक्ति को चुनने का विकल्प मिलेगा, जो परिवार का सदस्य, करीबी दोस्त या कोई विश्वसनीय संपर्क हो सकता है। यदि चैट के दौरान सिस्टम को यह संकेत मिलता है कि यूजर किसी गंभीर मानसिक तनाव, भावनात्मक संकट या असुरक्षित स्थिति में है, तो यह फीचर सक्रिय होकर चुने गए ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट को एक अलर्ट भेज सकता है, ताकि समय रहते उस व्यक्ति तक मदद पहुंच सके।

इस पूरी प्रक्रिया में ChatGPT यूजर की भाषा, शब्दों के चयन, बातचीत के पैटर्न और भावनात्मक संकेतों का विश्लेषण करेगा। अगर सिस्टम को लगेगा कि स्थिति संवेदनशील है और यूजर को वास्तविक सहायता की जरूरत हो सकती है, तो वह स्वचालित रूप से एक चेतावनी या नोटिफिकेशन भेज सकता है, जिससे संबंधित व्यक्ति तुरंत संपर्क कर सके और आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जा सके।

कंपनी इस फीचर को विकसित करने के लिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद ले रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सिस्टम अत्यधिक संवेदनशील परिस्थितियों में सही निर्णय ले और किसी भी तरह की गलत अलर्टिंग से बचा जा सके। OpenAI का उद्देश्य इस फीचर को पूरी तरह जिम्मेदार और सुरक्षित बनाना है, जिससे तकनीक का उपयोग केवल सुविधा ही नहीं बल्कि सुरक्षा के लिए भी किया जा सके।

हालांकि इस नए फीचर को लेकर प्राइवेसी से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं। कई उपयोगकर्ता ChatGPT को एक निजी और सुरक्षित बातचीत का माध्यम मानते हैं, जहां वे बिना किसी झिझक के अपनी बात साझा करते हैं। ऐसे में यह चिंता भी सामने आ सकती है कि उनकी बातचीत के आधार पर किसी तीसरे व्यक्ति को अलर्ट भेजा जाना उनकी गोपनीयता को प्रभावित कर सकता है।

इन चिंताओं को देखते हुए कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह फीचर पूरी तरह ऑप्शनल होगा। इसका मतलब यह है कि जब तक यूजर स्वयं इसे सक्रिय नहीं करेगा और किसी व्यक्ति को ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट के रूप में नहीं चुनेगा, तब तक यह फीचर काम नहीं करेगा। यानी यूजर की अनुमति और नियंत्रण इस सिस्टम का सबसे अहम हिस्सा होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में AI चैटबॉट्स लोगों के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं। कई लोग अपनी व्यक्तिगत समस्याएं, तनाव और भावनात्मक स्थिति इन प्लेटफॉर्म्स पर साझा करते हैं, जिससे AI की भूमिका केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रह गई है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि तकनीक सिर्फ सहायक न रहे, बल्कि जरूरत पड़ने पर सुरक्षा का माध्यम भी बने।

इसके अलावा OpenAI अन्य सुरक्षा फीचर्स पर भी काम कर रहा है, जिनमें लंबे समय तक लगातार चैट करने वाले यूजर्स को ब्रेक लेने की सलाह देना, संवेदनशील बातचीत के लिए बेहतर और सुरक्षित मॉडल का उपयोग करना, तथा जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन और प्रोफेशनल सहायता की जानकारी देना शामिल है।

अगर यह फीचर सफल होता है, तो यह AI टेक्नोलॉजी की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, जहां चैटबॉट सिर्फ डिजिटल असिस्टेंट नहीं रहेगा, बल्कि एक ऐसा सिस्टम बन जाएगा जो इंसानी भावनाओं को समझकर सही समय पर सही लोगों तक मदद पहुंचाने का संकेत दे सकेगा। आने वाले समय में यह तकनीक डिजिटल सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *