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अररिया में AIMIM विधायक मुर्शीद आलम को फिर मिली 5 लाख की रंगदारी धमकी, पुलिस जांच में जुटी

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अररिया के जोकीहाट से AIMIM विधायक मुर्शीद आलम को डेढ़ महीने में दूसरी बार 5 लाख की रंगदारी और जान से मारने की धमकी मिली है। पुलिस जांच जारी है।

अररिया/आलम की खबर:बिहार के अररिया जिले में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां जोकीहाट से AIMIM विधायक मुर्शीद आलम को डेढ़ महीने के भीतर दूसरी बार 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगते हुए जान से मारने की धमकी मिली है, जिससे पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

ताजा मामला 14 अप्रैल की शाम का बताया जा रहा है, जब विधायक के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया और कॉलर ने खुद को पहले पूर्णिया का रहने वाला बताया, लेकिन बाद में बातचीत के दौरान उसने खुद को “साजिद आलम” बताते हुए 5 लाख रुपये की मांग की। कॉलर ने स्पष्ट धमकी दी कि यदि रकम नहीं दी गई तो विधायक को गोली मार दी जाएगी, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया।

सूत्रों के अनुसार, इसी दिन शाम को करीब 7:09 बजे व्हाट्सएप कॉल के जरिए फिर से संपर्क किया गया, जिसमें कॉलर ने दोबारा पैसे की मांग दोहराई और रकम सीधे खाते में भेजने का दबाव बनाया। विधायक ने इस दौरान कॉलर से कहा कि वह किसी व्यक्ति को भेज दे, जिसे पैसे दिए जा सकें, लेकिन इसके बाद कॉल अचानक काट दिया गया।

इस घटना के बाद मुर्शीद आलम ने पलासी थाने में लिखित प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) व तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय पुलिस के अनुसार, सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किसी संगठित गिरोह का हिस्सा है या फिर किसी व्यक्तिगत रंजिश का मामला।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। वहीं, सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने कहा कि तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही गिरफ्तारी संभव है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विधायक को इस तरह की धमकी मिली हो। इससे पहले 6 मार्च को भी उन्हें 5 लाख रुपये की रंगदारी की धमकी दी गई थी, जिसमें कॉलर ने खुद को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया था। उस मामले में पुलिस ने जांच के बाद नवादा से एक नाबालिग को हिरासत में लिया था, जो नालंदा जिले का निवासी था।

लगातार दो बार इस तरह की धमकियों ने स्थानीय राजनीति और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर जनप्रतिनिधियों को इस तरह की कॉल और धमकियां कैसे लगातार मिल रही हैं। फिलहाल पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की कड़ियों को जोड़कर भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

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