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गिरिडीह में गोलगप्पा कांड: 36 लोग बीमार, 6 साल के बच्चे की मौत से गांव में मातम

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गिरिडीह के बजटो गांव में गोलगप्पे खाने के बाद 36 लोग बीमार पड़ गए, एक 6 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। प्रशासन जांच में जुटा।

गिरिडीह/आलम की खबर: झारखंड के गिरिडीह जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित बजटो गांव से एक बेहद चिंताजनक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। शनिवार शाम गांव में एक ठेले पर बिक रहे गोलगप्पे खाने के बाद अचानक बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए, जिनमें अधिकतर बच्चे शामिल हैं। देखते ही देखते यह मामला गंभीर हो गया और एक 6 वर्षीय मासूम की जान चली गई, जिससे पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल फैल गया है।घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम गांव में एक फेरीवाला गोलगप्पे बेचने पहुंचा था। गांव के कई लोगों, खासकर बच्चों और महिलाओं ने उससे गोलगप्पे खाए। उस समय किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह साधारण लगने वाला नाश्ता कुछ ही घंटों में एक बड़ी त्रासदी का कारण बन जाएगा। रात होते-होते कई लोगों को हल्की तबीयत खराब होने की शिकायत शुरू हुई, जिसे शुरुआत में सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया गया, लेकिन रविवार सुबह तक स्थिति अचानक बिगड़ गई और बड़ी संख्या में लोग तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याओं से पीड़ित हो गए।

जब हालात नियंत्रण से बाहर होने लगे तो परिजन और ग्रामीण घबराकर सभी बीमार लोगों को आनन-फानन में सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में एक साथ इतने मरीजों के पहुंचने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने तुरंत सभी का इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान 6 वर्षीय रंजन कुमार की हालत ज्यादा गंभीर हो गई और उसे बचाया नहीं जा सका। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया।

अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों में कई बच्चे और महिलाएं शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और फिलहाल अधिकांश मरीजों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। हालांकि, इस घटना ने गांव के लोगों के बीच डर और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। मौके पर उपायुक्त, एसडीएम, एसडीपीओ, बीडीओ और सिविल सर्जन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हाल जाना। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में लोग कैसे बीमार पड़े।

प्राथमिक जांच में फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि गोलगप्पे में इस्तेमाल किए गए पानी या मसाले में किसी तरह की गड़बड़ी हो सकती है, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

इधर, गोलगप्पे बेचने वाले ठेलेवाले की पहचान भी कर ली गई है, जो मुफस्सिल थाना क्षेत्र के ही पालमो गांव का निवासी बताया जा रहा है। घटना के बाद से वह फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। झारखंड पुलिस ने बताया कि आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और उससे पूछताछ कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी।

सिविल सर्जन ने बताया कि अस्पताल में कुल 18 मरीजों को भर्ती किया गया था, जिनमें से एक बच्चे की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी सभी का इलाज चल रहा है और उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव में जाकर स्थिति का आकलन कर रही है और एहतियात के तौर पर लोगों को साफ-सफाई और सुरक्षित भोजन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

इस घटना के बाद ग्रामीण इलाकों में बिकने वाले खुले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोग अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि बिना किसी जांच या नियंत्रण के बिकने वाले ऐसे खाद्य पदार्थ कितने सुरक्षित हैं।

यह घटना केवल एक गांव की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि खाने-पीने की चीजों में लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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