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समस्तीपुर में 1.38 लाख पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित, 30 अप्रैल से विशेष शिविर

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समस्तीपुर में 1.38 लाख पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित है। जिला प्रशासन ने 30 अप्रैल से 30 मई तक मुफ्त शिविर लगाने का निर्णय लिया है, जहां CSC के माध्यम से बायोमेट्रिक और वैकल्पिक सत्यापन किया जाएगा।

समस्तीपुर/आलम की खबर:जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत बड़ी संख्या में लाभुकों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित रहने के कारण पेंशन भुगतान प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए रोशन कुशवाहा के निर्देशन में जिला प्रशासन ने व्यापक विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, समस्तीपुर जिले में करीब 1 लाख 38 हजार पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण अभी तक नहीं हो सका है, जिसके चलते कई लाभुकों की पेंशन राशि समय पर जारी नहीं हो पा रही है।

जिला पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए 30 अप्रैल 2026 से 30 मई 2026 तक जिले के सभी प्रखंडों और नगर निकायों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। पंचायतों से लेकर शहरी वार्डों तक इन शिविरों का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिकतम पेंशनधारियों को उनके निकट ही सुविधा उपलब्ध हो सके और उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

मुफ्त होगा प्रमाणीकरण, CSC के जरिए होगी प्रक्रिया

इस विशेष अभियान की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जीवन प्रमाणीकरण की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क होगी। शिविरों में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से पेंशनधारियों का प्रमाणीकरण कराया जाएगा। इसके लिए बायोमेट्रिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिसमें फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन के जरिए पहचान सुनिश्चित की जाएगी। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और गलत लाभुकों की पहचान भी संभव हो सकेगी।

जिला प्रशासन का मानना है कि CSC नेटवर्क के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में तेजी से सेवा पहुंचाई जा सकती है, इसलिए इस अभियान में इसे प्रमुख भूमिका दी गई है।

बायोमेट्रिक असफल होने पर वैकल्पिक व्यवस्था

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन पेंशनधारियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण संभव नहीं हो पाता है, उनके लिए भौतिक सत्यापन की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। कई बार वृद्ध या बीमार व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट स्पष्ट नहीं होने के कारण मशीन पहचान नहीं कर पाती है, ऐसे मामलों में अधिकारी मौके पर सत्यापन कर प्रक्रिया पूरी करेंगे। इससे किसी भी वास्तविक लाभुक को तकनीकी कारणों से वंचित नहीं होना पड़ेगा।

मृत पेंशनधारियों की पहचान कर रोका जाएगा फर्जी भुगतान

अभियान के दौरान मृत पेंशनधारियों की पहचान कर उनके नाम को ई-लाभार्थी पोर्टल पर ‘Death Mark’ किया जाएगा। इससे ऐसे मामलों पर रोक लगेगी, जहां मृत्यु के बाद भी पेंशन जारी रहती है। प्रशासन का उद्देश्य है कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे और सरकारी राशि का दुरुपयोग न हो।

सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर

पेंशनधारियों की सुविधा के लिए राज्य स्तर पर हेल्पडेस्क की व्यवस्था भी की गई है। किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए लाभुक टोल-फ्री नंबर 1800-345-62-62 पर संपर्क कर सकते हैं। यह सेवा सोमवार से शनिवार, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहेगी।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने सभी पेंशनधारियों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी शिविर में पहुंचकर अनिवार्य रूप से जीवन प्रमाणीकरण कराएं। समय पर प्रमाणीकरण नहीं कराने की स्थिति में पेंशन भुगतान बाधित हो सकता है। इसलिए सभी लाभुकों को निर्धारित अवधि के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

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