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Bihar to Delhi Travel: नए एक्सप्रेसवे से सफर होगा आसान, 15–18 घंटे में पहुंचेगी राजधानी

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गंगा एक्सप्रेसवे और शामली–गोरखपुर एक्सप्रेसवे से बिहार से दिल्ली की सड़क यात्रा 15–18 घंटे में पूरी होगी, कई जिलों को मिलेगा बड़ा फायदा।

बिहार/आलम की खबर:बिहार से दिल्ली के बीच सड़क यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा तेज, आसान और सुविधाजनक होने जा रही है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में बन रहे दो बड़े एक्सप्रेसवे—गंगा एक्सप्रेसवे और शामली–गोरखपुर एक्सप्रेसवे—इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने वाले हैं, इन परियोजनाओं के पूरी तरह तैयार होने के बाद यात्रियों को राजधानी दिल्ली तक पहुंचने में अब 24 घंटे नहीं बल्कि लगभग 15 से 18 घंटे का ही समय लगेगा, जिससे आम यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और परिवहन क्षेत्र को भी बड़ा फायदा मिलेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे इस पूरे नेटवर्क की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है, जिसे हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किया गया है, यह एक्सप्रेसवे लगभग 594 किलोमीटर लंबा है और इसे अत्याधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया गया है, इस पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक निर्धारित की गई है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा बेहद तेज और सुगम हो जाती है, इस परियोजना पर लगभग 36,320 करोड़ रुपये की लागत आई है।

इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा दक्षिण बिहार के जिलों को मिलने वाला है, जिनमें रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, आरा और बक्सर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं, इन क्षेत्रों से दिल्ली या उत्तर भारत के अन्य हिस्सों की यात्रा करने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में काफी कम समय लगेगा, हालांकि इन जिलों से सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए यात्रियों को वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख मार्गों का उपयोग करना होगा, जो आगे चलकर इस नेटवर्क से जुड़ते हैं।

इसके साथ ही शामली–गोरखपुर एक्सप्रेसवे भी इस पूरे ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में अहम भूमिका निभाने वाला है, यह लगभग 700 किलोमीटर लंबा 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 35,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है, यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश–हरियाणा सीमा पर शामली से शुरू होकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर तक जाएगा, इसे भारतमाला परियोजना के तहत नॉर्दर्न इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है।

यह एक्सप्रेसवे आगे चलकर गोरखपुर–सिलीगुड़ी कॉरिडोर से भी जोड़ा जाएगा, जिससे पूर्वी भारत और उत्तर भारत के बीच एक मजबूत सड़क नेटवर्क तैयार होगा, इससे न केवल यात्री यात्रा आसान होगी, बल्कि माल परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा, विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास की गति को कई गुना बढ़ा देती हैं।

इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ उत्तर बिहार के आठ जिलों को मिलने वाला है, जिनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल हैं, इन जिलों को अब देश के अन्य हिस्सों से बेहतर और तेज सड़क संपर्क मिलेगा, जिससे स्थानीय आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की संभावना है।

जब ये दोनों एक्सप्रेसवे पूरी तरह से चालू हो जाएंगे, तब बिहार से दिल्ली का सड़क मार्ग काफी हद तक बदल जाएगा, वर्तमान में जहां लंबी दूरी और जाम के कारण यात्रा में अधिक समय लगता है, वहीं भविष्य में यह सफर अधिक सुगम और समयबद्ध हो जाएगा, पटना से दिल्ली जाने के लिए प्रस्तावित रूट भी अधिक व्यवस्थित होगा, जिसमें पटना से आरा, बक्सर, गाजीपुर, बलिया होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जरिए लखनऊ, फिर आगरा और यमुना एक्सप्रेसवे से दिल्ली पहुंचा जा सकेगा।

इस पूरे बदलाव को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि लोगों की जीवनशैली, व्यापार और क्षेत्रीय विकास पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा, खासकर बिहार जैसे राज्य के लिए यह कनेक्टिविटी एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है, जहां से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली और अन्य महानगरों की ओर रोजगार के लिए यात्रा करते हैं।

कुल मिलाकर कहा जाए तो गंगा एक्सप्रेसवे और शामली–गोरखपुर एक्सप्रेसवे मिलकर उत्तर भारत के ट्रैवल नेटवर्क को एक नई दिशा देने वाले हैं, जिससे बिहार से दिल्ली का सफर अब केवल दूरी नहीं बल्कि सुविधा और गति का प्रतीक बन जाएगा, आने वाले समय में यह बदलाव यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा और देश के आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार देगा।

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