:
Breaking News

वैशाली में 50 हजार रिश्वत लेते अमीन गिरफ्तार, जमीन मापी और परिमार्जन के नाम पर मांग रहा था घूस

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

वैशाली के लालगंज अंचल में जमीन मापी और परिमार्जन के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेते अमीन सुजीत कुमार को निगरानी विभाग की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया। शिकायत के बाद पटना से पहुंची विशेष निगरानी इकाई ने कार्रवाई की।

वैशाली/आलम की खबर:बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की लगातार कार्रवाई के बावजूद सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला वैशाली जिले के लालगंज अंचल से सामने आया है, जहां जमीन मापी और परिमार्जन के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेते एक अमीन को निगरानी विभाग की विशेष टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके के सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार अमीन लंबे समय से जमीन से जुड़े कार्यों के बदले पैसे की मांग कर रहा था और बिना रिश्वत लिये फाइल आगे बढ़ाने से इनकार कर देता था।

जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान लालगंज अंचल में पदस्थापित अमीन सुजीत कुमार के रूप में हुई है। इस मामले में वैशाली के सराय थाना क्षेत्र स्थित एनायतपुर प्रबोधी गांव निवासी आनंद कुमार तथा लालगंज थाना क्षेत्र के मुर्गियाचक निवासी पप्पू कुमार ने लिखित शिकायत दर्ज करायी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जमीन की मापी और परिमार्जन के कार्य के बदले लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। परिवादियों ने कहा कि कई बार कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी उनका काम नहीं किया गया और स्पष्ट रूप से पैसे की मांग की गयी।

शिकायत मिलने के बाद विशेष निगरानी इकाई ने मामले की गुप्त जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पटना से विशेष टीम वैशाली पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया। इसी दौरान आरोपी अमीन सुजीत कुमार को 50 हजार रुपये नकद रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। निगरानी टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अपने साथ पटना ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।

निगरानी विभाग की ओर से बताया गया कि आनंद कुमार और पप्पू Kumar की शिकायत के आधार पर आरोपी अमीन के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 के तहत कांड संख्या 18/2026 दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया था कि जमीन संबंधित कार्य को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा था और रिश्वत नहीं देने पर काम रोक देने की धमकी दी जा रही थी। इसके बाद तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

यह भी सामने आया है कि लालगंज अंचल कार्यालय में जमीन मापी और परिमार्जन से जुड़े मामलों में आम लोगों को लंबे समय तक परेशान होना पड़ता है। कई लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि बिना पैसे के फाइल आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। हालांकि इस कार्रवाई के बाद अब विभागीय कर्मचारियों में भय का माहौल है और लोग उम्मीद जता रहे हैं कि भ्रष्टाचार पर कुछ हद तक लगाम लगेगी।

बिहार में पिछले कुछ महीनों के दौरान निगरानी विभाग ने कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। बावजूद इसके सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। खासकर जमीन, दाखिल-खारिज, मापी और परिमार्जन से जुड़े मामलों में आम लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन विवाद पहले से ही बड़ी समस्या बने हुए हैं, ऐसे में सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगना लोगों की परेशानी और बढ़ा देता है।

विशेष निगरानी इकाई के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अमीन सुजीत कुमार को मंगलवार 12 मई को निगरानी कोर्ट पटना में पेश किया जाएगा। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि इस मामले में किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका तो नहीं है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि आखिर लगातार गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के बावजूद सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी क्यों नहीं रुक रही है। आम लोगों का कहना है कि जब तक भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह के मामले सामने आते रहेंगे। फिलहाल निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है और इलाके में इसकी चर्चा तेज है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *