:
Breaking News

वायरल वीडियो मामले में अनंत सिंह को पुलिस नोटिस, FSL जांच के लिए बुलावा

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

गोपालगंज वायरल वीडियो मामले में मोकामा विधायक अनंत सिंह को पुलिस ने FSL और बैलेस्टिक जांच के लिए नोटिस जारी किया है। मामले में सुनवाई भी तेज हो गई है।

गोपालगंज/आलम की खबर: बिहार की राजनीति में अक्सर चर्चा में रहने वाले मोकामा विधायक अनंत सिंह एक बार फिर कानूनी विवादों के घेरे में आ गए हैं। गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में दर्ज वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। पुलिस ने विधायक को नोटिस जारी कर 15 मई को मीरगंज थाना में उपस्थित होकर हथियारों की फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और बैलेस्टिक जांच कराने को कहा है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

मामला उस वायरल वीडियो से जुड़ा है जिसमें कथित तौर पर सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हथियारों का प्रदर्शन दिखाई दिया था। वीडियो सामने आने के बाद गोपालगंज पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने मीरगंज थाना में कांड संख्या 247/2026 दर्ज किया। इस केस में अनंत सिंह के अलावा भोजपुरी गायक गुंजन सिंह, कार्यक्रम आयोजक गुड्डू राय समेत कुल नौ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।

पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो में सार्वजनिक स्थान पर हथियारों के प्रदर्शन, शांति भंग करने और अश्लीलता फैलाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वीडियो में दिखाई देने वाले हथियार लाइसेंसी थे या अवैध। इसी उद्देश्य से FSL और बैलेस्टिक जांच को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।

इस बीच मामले की सुनवाई को लेकर भी कोर्ट में गतिविधियां तेज हो गई हैं। गोपालगंज की एडीजे-1 अदालत में 12 और 13 मई को इस मामले की सुनवाई हुई, लेकिन विधायक को राहत नहीं मिली। अदालत ने मामले को MP-MLA स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। बाद में यह केस जिला जज की अदालत में भेजा गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार अनंत सिंह ने इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए भी अदालत का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि अभी तक उन्हें राहत नहीं मिल सकी है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर कार्रवाई होगी।

दूसरी ओर विधायक अनंत सिंह ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि वे केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे और बिहार में इस तरह के आयोजन आम बात हैं। उन्होंने खुद पर लगे हथियार प्रदर्शन और अश्लीलता के आरोपों को निराधार बताया है। विधायक समर्थकों का भी कहना है कि वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

हालांकि विपक्षी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मामला अब केवल वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक आयोजनों में हथियारों के खुले प्रदर्शन पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। बिहार में कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में हथियार लहराने और फायरिंग जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं, जिस पर प्रशासन लगातार सख्ती की बात करता रहा है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जांच में हथियार अवैध पाए जाते हैं, तो संबंधित आरोपियों पर आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई हो सकती है। बैलेस्टिक जांच से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि हथियारों का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। इसके अलावा वीडियो की तकनीकी जांच के जरिए उसकी प्रमाणिकता की भी पुष्टि की जा रही है।

गोपालगंज पुलिस ने मामले को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। मीरगंज थाना क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है और जांच टीम लगातार सबूत जुटाने में लगी हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वीडियो से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ हो सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में भी नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है कि सार्वजनिक आयोजनों में हथियारों का प्रदर्शन आखिर कैसे हो रहा है। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी नियम से ऊपर नहीं माना जाएगा।

अनंत सिंह पहले भी कई मामलों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। बिहार की राजनीति में उनकी छवि एक प्रभावशाली लेकिन विवादित नेता के रूप में देखी जाती रही है। ऐसे में यह नया मामला राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में कोर्ट की सुनवाई और पुलिस जांच इस केस की दिशा तय करेगी।

फिलहाल सबकी नजर 15 मई की सुनवाई और पुलिस जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। यदि FSL और बैलेस्टिक रिपोर्ट में गंभीर तथ्य सामने आते हैं, तो विधायक की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। दूसरी ओर उनके समर्थक उम्मीद जता रहे हैं कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। पूरे मामले को लेकर गोपालगंज से लेकर पटना तक राजनीतिक हलचल बनी हुई है।

यह भी पढ़ें: पटना के कंकड़बाग में दिनदहाड़े चेन लूट से मचा हड़कंप

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *