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छपरा में झाड़ियों से मिला नवजात बच्चा, पूरी रात मौत से लड़ता रहा मासूम; ग्रामीणों ने बचाई जान

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छपरा के कोपा थाना क्षेत्र में एनएच-531 किनारे झाड़ियों से एक नवजात बच्चा बरामद हुआ। ग्रामीणों ने रोने की आवाज सुनकर मासूम को बचाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

छपरा/आलम की खबर: बिहार के छपरा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने लोगों को अंदर तक झकझोर कर रख दिया। कोपा थाना क्षेत्र में छपरा–सीवान मुख्य मार्ग एनएच-531 के किनारे झाड़ियों में एक नवजात बच्चा पूरी रात जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा। शुक्रवार सुबह जब ग्रामीणों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी, तब जाकर इस दर्दनाक घटना का खुलासा हुआ। मासूम को जिस हालत में देखा गया, उसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। घटना के बाद पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और लोग इस अमानवीय हरकत को लेकर गहरा आक्रोश जता रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, यह घटना कोपा थाना क्षेत्र स्थित बसडीला शिव मंदिर के पास की है। शुक्रवार सुबह कुछ ग्रामीण मंदिर के आसपास मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें किसी बच्चे के रोने जैसी आवाज सुनाई दी। शुरुआत में लोगों ने सोचा कि आसपास के किसी घर से आवाज आ रही होगी, लेकिन जब रोना लगातार सुनाई देता रहा तो लोगों को शक हुआ। इसके बाद कुछ ग्रामीण आवाज की दिशा में आगे बढ़े और सड़क किनारे झाड़ियों की तलाशी लेने लगे। जैसे ही लोगों ने झाड़ियों के भीतर देखा, वहां कपड़े में लिपटा एक नवजात बच्चा पड़ा हुआ मिला।

मासूम की हालत बेहद खराब थी। बताया जा रहा है कि बच्चा पूरी रात खुले में पड़ा रहा। रातभर की ठंड और भूख के कारण वह लगातार रो रहा था। बच्चे के शरीर पर मिट्टी और घास चिपकी हुई थी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। कई महिलाएं बच्चे को देखकर रो पड़ीं। लोगों ने तुरंत बच्चे को उठाकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी।

ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सुबह समय रहते बच्चे के रोने की आवाज नहीं सुनाई देती, तो उसकी जान भी जा सकती थी। ग्रामीणों की तत्परता और मानवता की वजह से मासूम को नया जीवन मिल सका। सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। हर कोई यही सवाल कर रहा था कि आखिर कोई इतनी बेरहमी से एक नवजात को झाड़ियों में कैसे छोड़ सकता है।

घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। लोगों ने पुलिस प्रशासन से दोषियों की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की। कई लोगों ने कहा कि समाज में लगातार ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है। लोगों का मानना है कि नवजात को जन्म देने के बाद किसी ने जानबूझकर उसे वहां छोड़ दिया।

पुलिस ने बच्चे को पहुंचाया अस्पताल

घटना की जानकारी मिलने के बाद कोपा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने नवजात को तुरंत इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल भेजा। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने बच्चे का प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चा फिलहाल खतरे से बाहर है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इलाज के बाद बच्चे को चाइल्ड केयर विभाग को सौंप दिया गया, जहां उसकी देखभाल की जा रही है।

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक बच्चा काफी कमजोर अवस्था में था। डॉक्टरों ने समय पर इलाज मिलने को राहत की बात बताया। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में बच्चे की सेहत पर नजर रखी जा रही है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं बच्चा किसी अवैध संबंध या सामाजिक दबाव के कारण तो नहीं छोड़ा गया। जांच टीम आसपास के अस्पतालों, क्लीनिकों और दाइयों से भी जानकारी जुटा रही है ताकि बच्चे के जन्म से जुड़े सुराग मिल सकें।

समाज के सामने बड़ा सवाल

यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल भी है। लोग चर्चा कर रहे हैं कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी रही होगी, जिसने किसी को नवजात को झाड़ियों में छोड़ने पर मजबूर कर दिया। हालांकि कई लोग इसे सीधी अमानवीयता बता रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि कोई परिवार बच्चे का पालन-पोषण नहीं कर सकता, तो उसे सुरक्षित तरीके से प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन के हवाले किया जा सकता है, लेकिन इस तरह खुले में छोड़ना बेहद खतरनाक और गैरकानूनी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि समाज में जागरूकता की कमी और सामाजिक दबाव के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन के साथ-साथ समाज को भी संवेदनशील भूमिका निभाने की जरूरत है।

इलाके में चर्चा और भावुक माहौल

घटना के बाद पूरे इलाके में दिनभर इसी मामले की चर्चा होती रही। मंदिर आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय लोग नवजात को लेकर चिंता जताते रहे। कई लोगों ने बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए दुआ भी की। महिलाओं ने कहा कि मासूम को भगवान ने दूसरी जिंदगी दी है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की जल्द पहचान कर उन्हें कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

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