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पटना में कैश वैन लूटकांड का मुख्य आरोपी एनकाउंटर में घायल, पुलिस ने शूटर आकाश ओझा को दबोचा

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पटना में पुलिस और STF की संयुक्त कार्रवाई में कैश वैन लूटकांड का मुख्य आरोपी आकाश ओझा उर्फ सन्नी एनकाउंटर में घायल होकर गिरफ्तार हुआ। पुलिस ने हथियार, कारतूस, बाइक और लूट के पैसे से खरीदे गए महंगे आईफोन भी बरामद किए हैं।

पटना/आलम की खबर:राजधानी पटना में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। बीते कुछ दिनों से बिहार पुलिस जिस आक्रामक रणनीति के तहत बड़े अपराधियों पर शिकंजा कस रही है, उसका असर अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगा है। मंगलवार सुबह राजधानी में एक बार फिर पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें कैश वैन लूटकांड का मुख्य आरोपी और कुख्यात शूटर आकाश ओझा उर्फ सन्नी घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

यह मुठभेड़ पटना के संपतचक इलाके के उदयनी गांव में हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी तलाश में कई टीमों को लगाया गया था। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। इस कार्रवाई को राजधानी में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक 13 मई को गोपालपुर थाना क्षेत्र में एक बड़ी लूट की वारदात हुई थी। अपराधियों ने सीएमएस कैश वैन को निशाना बनाते हुए करीब 27 लाख रुपये लूट लिए थे। इस वारदात ने पूरे पटना पुलिस प्रशासन को हिला दिया था। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कई सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान की गई। जांच में सामने आया कि इस लूटकांड का मुख्य साजिशकर्ता आकाश ओझा था, जो वारदात के दौरान शूटर की भूमिका में भी शामिल था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार सुबह गुप्त सूचना मिली कि आकाश ओझा उदयनी गांव में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही STF और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। जैसे ही पुलिस टीम संदिग्ध ठिकाने के पास पहुंची, आरोपी ने खुद को घिरता देख फायरिंग शुरू कर दी। अपराधी की ओर से लगातार गोलियां चलाई गईं, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद जवानों ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।

मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया। घटनास्थल से एक अवैध पिस्टल, कई जिंदा कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की गई। पुलिस ने आसपास के इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया ताकि आरोपी के अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। घायल आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि इस कैश वैन लूटकांड में शामिल तीन अन्य अपराधियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब तक करीब पांच लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि लूट की रकम से अपराधियों ने कई महंगे आईफोन खरीदे थे। पुलिस ने ऐसे पांच प्रीमियम आईफोन भी जब्त किए हैं, जिन्हें अपराधियों ने वारदात के बाद खरीदा था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आकाश ओझा पहले भी कई संगीन मामलों में शामिल रहा है। उस पर पुलिसकर्मियों पर हमला करने, ज्वेलरी शोरूम में डकैती, रंगदारी और हथियारबंद लूट जैसी कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी एक सक्रिय आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ था और राजधानी समेत आसपास के जिलों में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

पटना में हाल के दिनों में अपराधियों के खिलाफ लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 27 दिनों के भीतर बिहार पुलिस ने अलग-अलग जिलों में कुल आठ बड़े एनकाउंटर किए हैं। इनमें दो कुख्यात अपराधी मारे गए, जबकि कई अपराधियों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इस रणनीति को अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि इन लगातार हो रहे एनकाउंटरों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दल पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि कार्रवाई केवल उन्हीं अपराधियों के खिलाफ हो रही है, जो पुलिस पर हमला कर रहे हैं या गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल हैं।

इधर राजधानी पटना में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर आम लोगों में भी चिंता बनी हुई है। व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि शहर में सुरक्षा का माहौल मजबूत हो सके। कई लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे ऑपरेशन से अपराधियों के मन में डर पैदा होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस अब पहले की तुलना में अधिक आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है। तकनीकी निगरानी, STF की सक्रियता और लगातार छापेमारी के कारण कई बड़े अपराधी पुलिस के निशाने पर हैं। हालांकि कानून व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने के लिए सिर्फ एनकाउंटर नहीं, बल्कि मजबूत जांच और तेज न्यायिक प्रक्रिया भी जरूरी मानी जा रही है।

फिलहाल पटना पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कैश वैन लूटकांड में और कौन-कौन शामिल था तथा लूट की बाकी रकम कहां छिपाई गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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