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Jewellers Robbery: मुर्शिदाबाद ज्वेलर्स लूटकांड का वैशाली कनेक्शन, महिला आरोपी गिरफ्तार

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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद स्थित सेनको ज्वेलर्स लूटकांड मामले में वैशाली की महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके पास से 17 हीरा जड़ित अंगूठियां बरामद की हैं। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

वैशाली/आलम की खबर:पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुए चर्चित सेनको ज्वेलर्स लूटकांड की जांच अब बिहार के कई जिलों तक पहुंच चुकी है। समस्तीपुर के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले का तार वैशाली जिले से भी जुड़ गया है। बंगाल पुलिस ने वैशाली पुलिस और बिहार एसटीएफ की मदद से एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महिला के पास से 17 हीरा जड़ित सोने की अंगूठियां बरामद की हैं। इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले में कई नए खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज थाना क्षेत्र स्थित सेनको ज्वेलर्स शोरूम में 14 मई को दिनदहाड़े बड़ी लूट की घटना हुई थी। बताया गया कि 6 से 7 हथियारबंद अपराधियों ने दुकान में घुसकर कर्मचारियों को डराया-धमकाया और करीब पांच किलोग्राम सोने के आभूषण के साथ लगभग तीन लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और पुलिस ने तत्काल विशेष जांच शुरू कर दी थी।

इस मामले में शमशेरगंज थाना में कांड संख्या 342/26 दर्ज किया गया। शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली कि लूटकांड में शामिल कुछ आरोपी बिहार में छिपे हुए हैं और लूटे गए आभूषणों को अलग-अलग जगहों पर खपाने की कोशिश की जा रही है।

इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने बिहार पुलिस से संपर्क कर अंतरराज्यीय समन्वय के तहत संयुक्त कार्रवाई शुरू की। बैंक एवं ज्वेलरी कोषांग एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक आनंद कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। इस टीम में वैशाली जिले की डीआईयू टीम और वैशाली थाना पुलिस को भी शामिल किया गया।

संयुक्त टीम ने वैशाली थाना क्षेत्र के रोहन गांव में छापेमारी की। इस दौरान सच्चिदानंद सिंह की पुत्री कंचन कुमारी को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार महिला आरोपी के पास से कुल 17 पीस हीरा जड़ित सोने की अंगूठियां बरामद हुई हैं। पूछताछ में महिला ने इस मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। बरामद आभूषणों को जब्त कर लिया गया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

वैशाली एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि पश्चिम बंगाल पुलिस के अनुरोध पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि लूटे गए बाकी आभूषण कहां छिपाए गए हैं और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में इससे पहले समस्तीपुर जिले से भी दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। बिहार एसटीएफ ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र से सुधीर शर्मा और अमन कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके पास से करीब 1.118 किलोग्राम आभूषण और पांच लाख रुपये नकद बरामद किए थे। बताया जा रहा है कि इन्हीं आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर वैशाली में महिला आरोपी तक पहुंचा गया।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह केवल एक साधारण लूटकांड नहीं बल्कि संगठित अपराध गिरोह का मामला हो सकता है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अपराधियों का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।

इस पूरे मामले में तकनीकी जांच की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल ट्रैकिंग और डिजिटल लोकेशन के जरिए आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की है। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक की मदद से अपराधियों को जल्द पकड़ने में सहायता मिल रही है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी चर्चा है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी लूट की घटना में बिहार कनेक्शन सामने आने से अपराधियों के नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो लूटे गए आभूषणों को आसानी से ठिकाने लगाया जा सकता था।

पश्चिम बंगाल और बिहार पुलिस के बीच हुए बेहतर समन्वय को भी इस मामले में बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराज्यीय अपराधों पर नियंत्रण के लिए राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। इसी वजह से पुलिस लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहकर कार्रवाई कर रही है।

फिलहाल गिरफ्तार महिला आरोपी को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बंगाल पुलिस अपने साथ ले गई है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।

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