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मोकामा का कुख्यात अपराधी सोनू सिंह फरार, STF और पुलिस की 8 जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी

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बिहार के मोकामा में गोलीबारी मामले के बाद कुख्यात अपराधी सोनू सिंह और उसके भाई मोनू की गिरफ्तारी के लिए STF और पुलिस की 8 जिलों में छापेमारी जारी है। दोनों पर 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पटना/आलम की खबर:बिहार में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई तेज हो गई है। मोकामा के कुख्यात अपराधी सोनू सिंह और उसके भाई मोनू सिंह की गिरफ्तारी के लिए राज्य के आठ जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी चल रही है। हालांकि कई दिनों से चल रहे इस बड़े ऑपरेशन के बावजूद दोनों आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती और बढ़ गई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला 24 मई को पंचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव में हुई गोलीबारी की घटना से जुड़ा है। इस मामले में पैक्स अध्यक्ष मुकेश सिंह के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें सोनू सिंह, उसके पिता प्रमोद सिंह और सौरव सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी सोनू सिंह फरार चल रहा है, जिसके बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।

इस कार्रवाई को गंभीरता से लेते हुए बिहार पुलिस ने तीन डीएसपी के नेतृत्व में अलग-अलग विशेष टीमों का गठन किया है। वहीं, एसटीएफ की एक विशेष इकाई भी लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस ने छपरा, सीवान, मोतिहारी, कटिहार, गया, गोपालगंज, समस्तीपुर और बेगूसराय समेत कई जिलों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया है। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में भी कड़ी निगरानी और चेकिंग अभियान बढ़ा दिया गया है, क्योंकि पुलिस को आशंका है कि आरोपी राज्य से बाहर भागने की कोशिश कर सकते हैं।

सूत्रों का कहना है कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी और स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है। कई जगहों पर पुलिस की टीमों ने रातभर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन आरोपी बार-बार पुलिस की पकड़ से बच निकलने में सफल रहा है।

ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार ने बताया कि पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय हैं और हर संभावित ठिकाने पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह एक संगठित अपराध का मामला है, इसलिए जांच को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। एसपी ने यह भी दावा किया कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

सोनू सिंह और उसका भाई मोनू सिंह नौरंगा जलालपुर गांव के रहने वाले हैं और पिछले करीब 18 वर्षों से अपराध की दुनिया में सक्रिय बताए जाते हैं। शुरुआती दौर में दोनों छोटे-मोटे अपराधों में शामिल थे, लेकिन समय के साथ उनका नेटवर्क और प्रभाव बढ़ता गया। वर्ष 2009 में मोकामा रेल थाना में दर्ज लूट के मामले के बाद दोनों पहली बार गंभीर अपराध के दायरे में आए।

इसके बाद दोनों भाइयों पर लखीसराय, बेगूसराय और पटना के विभिन्न थानों में लूट, अपहरण और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज होते चले गए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों भाइयों के खिलाफ 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें अधिकतर मामलों में दोनों को सह-आरोपी बनाया गया है।

वर्ष 2019 में दोनों भाइयों पर एक बड़ा आपराधिक मामला दर्ज हुआ था, जिसमें उन्होंने एक मनरेगा अधिकारी का अपहरण कर लिया था। हालांकि उस समय तेघड़ा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अधिकारी को सकुशल बरामद कर लिया था। इस घटना के बाद दोनों का नाम इलाके में और ज्यादा कुख्यात हो गया था।

पुलिस का कहना है कि दोनों भाइयों का नेटवर्क सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि कई जिलों में फैला हुआ है। इसी वजह से इस बार ऑपरेशन को कई जिलों में एक साथ चलाया जा रहा है ताकि उन्हें किसी भी तरह भागने का मौका न मिले।

फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गोलीबारी की घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इस पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा आपराधिक गिरोह सक्रिय है। साथ ही तकनीकी निगरानी और सर्विलांस के जरिए भी आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।

इस पूरे ऑपरेशन को बिहार पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

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