:
Breaking News

IGIMS पटना में आयुष्मान भारत योजना में 35 लाख की हेराफेरी का खुलासा

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

IGIMS पटना में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के नाम पर करीब 35 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। चार आउटसोर्सिंग कर्मियों पर फर्जी बिलिंग और गबन का केस दर्ज किया गया है।

पटना/आलम की खबर:पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के नाम पर करीब 35 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता और गबन का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि योजना के तहत आने वाले मरीजों का इलाज नियमों के विपरीत कैश बेसिस पर किया गया और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

यह मामला तब सामने आया जब एक मरीज ने शिकायत दर्ज कराई कि वह आयुष्मान भारत योजना का लाभार्थी था, लेकिन इसके बावजूद उससे इलाज के लिए नकद राशि ली गई। शिकायत के बाद IGIMS प्रशासन ने तुरंत जांच समिति का गठन किया, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई।

जांच में सामने आया कि मरीजों के दावों में फर्जीवाड़ा किया गया, मेडिकल बिलों को बढ़ाकर दिखाया गया और कई मामलों में जाली दस्तावेजों का उपयोग किया गया। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाले फंड की जगह कैश पेमेंट लेकर राशि को हड़पने का भी आरोप है।

इस पूरे मामले में IGIMS के चार आउटसोर्सिंग कर्मियों अमरजीत राज, चंदन कुमार, साकेत कुमार और अभिषेक कुमार के खिलाफ शास्त्रीनगर थाने में केस दर्ज किया गया है। यह शिकायत IGIMS के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रफुल्ल रंजन की ओर से दी गई थी।

प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को तुरंत नौकरी से हटा दिया है। साथ ही आउटसोर्सिंग कंपनी ने कथित तौर पर गबन की गई राशि को संस्थान को वापस कर दिया है, हालांकि जांच अभी जारी है।

यह मामला सिर्फ आर्थिक गड़बड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज देना है, लेकिन इस तरह की घटनाएं सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करती हैं।

फिलहाल शास्त्रीनगर पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अलग से ऑडिट कर रही है।

IGIMS प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अस्पताल में सिस्टम को और पारदर्शी बनाया जाएगा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *