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SKMCH Muzaffarpur Fire News: सुपर स्पेशलिटी बिल्डिंग में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

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मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच अस्पताल की सुपर स्पेशलिटी बिल्डिंग में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। नर्स ड्यूटी रूम के पास उठे धुएं से अफरातफरी मच गई, लेकिन कर्मचारियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।

मुजफ्फरपुर/आलम की खबर:उत्तर बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में मंगलवार को उस समय अचानक हलचल बढ़ गई जब सुपर स्पेशलिटी बिल्डिंग के एक हिस्से से धुआं उठता दिखाई दिया। अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच कुछ देर के लिए चिंता का माहौल बन गया। हालांकि कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता के कारण आग को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित कर लिया गया, जिससे किसी बड़े नुकसान की नौबत नहीं आई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना सुपर स्पेशलिटी बिल्डिंग के प्रथम तल पर स्थित नर्स ड्यूटी रूम के समीप हुई। यहां खिड़की में लगाए गए एडजस्टिंग फैन में तकनीकी खराबी आने के बाद अचानक चिंगारी उठी और कुछ ही देर में धुआं फैलने लगा। आसपास मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए तत्काल बिजली आपूर्ति बंद करवाई और आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए।

अस्पताल में कुछ देर के लिए मची अफरातफरी

आग लगने की सूचना मिलते ही भवन के विभिन्न हिस्सों में मौजूद कर्मचारियों और मरीजों के परिजनों के बीच हलचल तेज हो गई। अस्पताल परिसर में मौजूद लोग यह जानने की कोशिश करने लगे कि आखिर धुआं कहां से निकल रहा है। कुछ लोगों ने एहतियात के तौर पर आसपास के कमरों से बाहर निकलना शुरू कर दिया।

हालांकि अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए लोगों से शांत रहने की अपील की। कर्मचारियों की तत्परता के कारण आग अधिक फैल नहीं सकी और कुछ ही मिनटों में उस पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा कारण

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने की वजह विद्युत शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। बताया गया कि खिड़की में लगे एडजस्टिंग फैन के अंदर तकनीकी खराबी उत्पन्न हुई, जिसके बाद स्पार्किंग शुरू हो गई। देखते ही देखते वहां धुआं भरने लगा और आग की छोटी लपटें दिखाई देने लगीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों जैसे संवेदनशील संस्थानों में लगातार चलने वाले विद्युत उपकरणों की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी होती है। छोटी सी तकनीकी गड़बड़ी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

बड़ा नुकसान होने से बचा अस्पताल

राहत की बात यह रही कि घटना सीमित क्षेत्र तक ही रही। आग नर्स ड्यूटी रूम के आसपास के हिस्से तक ही सीमित रही और अस्पताल के अन्य वार्डों, आईसीयू या मरीजों के इलाज वाले विभागों तक नहीं पहुंच सकी। यदि आग फैल जाती तो अस्पताल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती थी।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार किसी भी मरीज को स्थानांतरित करने की आवश्यकता नहीं पड़ी और चिकित्सा सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं। आग बुझाने के बाद भवन की सुरक्षा की दोबारा जांच की गई।

हाल की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

मुजफ्फरपुर में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाल के दिनों में लगातार चर्चा होती रही है। कुछ समय पहले शहर के एक निजी अस्पताल में भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई थी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। उस दर्दनाक हादसे के बाद अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।

ऐसे में एसकेएमसीएच जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में आग लगने की सूचना मिलते ही लोगों की चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गई। हालांकि इस बार समय रहते स्थिति नियंत्रण में आ जाने से संभावित खतरा टल गया।

अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने भवन की विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों की समीक्षा शुरू कर दी है। तकनीकी टीम को भी आवश्यक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में फायर अलार्म सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी एग्जिट और विद्युत उपकरणों की नियमित जांच बेहद आवश्यक है। इससे किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है।

मरीजों और परिजनों ने ली राहत की सांस

घटना के बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने राहत महसूस की। कई लोगों ने कहा कि शुरुआत में धुआं देखकर घबराहट हुई थी, लेकिन कर्मचारियों की तत्परता से स्थिति जल्द सामान्य हो गई।

अस्पताल प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि, मरीजों को नुकसान या बड़े आर्थिक नुकसान की सूचना नहीं है। सभी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।अस्पताल ऐसे संस्थान होते हैं जहां हर समय सैकड़ों लोगों की जान और सुरक्षा जुड़ी होती है। ऐसे में छोटी सी तकनीकी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। एसकेएमसीएच में समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन यह घटना अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की आवश्यकता को भी उजागर करती है। प्रशासन को चाहिए कि सभी भवनों की विद्युत जांच और फायर सेफ्टी ऑडिट नियमित रूप से कराया जाए।

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