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मियाजाकी से लेकर जर्दालू तक, पटना के ग्रैंड मैंगो फेस्टिवल में मिलेगा आमों का अनोखा संसार

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पटना में दो दिवसीय ग्रैंड मैंगो फेस्टिवल का आयोजन होने जा रहा है। महोत्सव में 100 से अधिक देशी-विदेशी आमों की प्रदर्शनी लगेगी। जापानी मियाजाकी आम, मैंगो टेस्टिंग, किसानों के लिए तकनीकी सत्र और बच्चों की प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र होंगी।

पटना/आलम की खबर:राजधानी पटना में इस सप्ताहांत आम प्रेमियों के लिए एक खास आयोजन होने जा रहा है। आम के स्वाद, सुगंध और विविधता को समर्पित दो दिवसीय ग्रैंड मैंगो फेस्टिवल में देश और विदेश की अनेक दुर्लभ किस्मों को एक ही छत के नीचे प्रदर्शित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल आम प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि किसानों, बागवानी से जुड़े लोगों और कृषि क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए भी ज्ञानवर्धक साबित होगा।

पटना के आशियाना-दीघा रोड स्थित बधाई बैंक्वेट हॉल में आयोजित होने वाला यह महोत्सव शनिवार और रविवार को लोगों के लिए खुला रहेगा। आयोजन को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं और परिसर को विभिन्न किस्मों के आमों की प्रदर्शनी के लिए सजाया जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि इस बार महोत्सव में 100 से अधिक प्रकार के आमों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिनमें कई ऐसी प्रजातियां भी शामिल होंगी जो आमतौर पर बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं।

इस आयोजन की सबसे बड़ी चर्चा जापान की प्रसिद्ध मियाजाकी किस्म को लेकर है। दुनिया के सबसे चर्चित और महंगे आमों में गिने जाने वाले इस फल को देखने और खरीदने का अवसर लोगों को इस महोत्सव में मिलेगा। अपनी विशिष्ट रंगत, स्वाद और सीमित उत्पादन के कारण मियाजाकी आम अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशेष पहचान रखता है। यही वजह है कि इस बार महोत्सव में आने वाले अधिकांश लोगों की नजरें इसी किस्म पर टिकी रहने वाली हैं।

महोत्सव में केवल विदेशी किस्में ही नहीं बल्कि बिहार और भारत की पहचान बन चुके कई पारंपरिक आम भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें भागलपुर का प्रसिद्ध जर्दालू, मालदह, लंगड़ा, गुलाबखास, अल्फांसो, सिंधु सीडलेस और कई अन्य लोकप्रिय किस्में शामिल रहेंगी। इसके अलावा कई नई और प्रयोगात्मक प्रजातियां भी लोगों के सामने प्रस्तुत की जाएंगी, जिनके बारे में आम उपभोक्ताओं को सामान्यतः कम जानकारी होती है।

आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा। यहां आने वाले लोगों को विभिन्न किस्मों के आमों का स्वाद चखने का भी अवसर मिलेगा। विशेष मैंगो टेस्टिंग जोन बनाया जा रहा है, जहां आगंतुक अलग-अलग प्रजातियों के स्वाद, मिठास और विशेषताओं को समझ सकेंगे। इससे लोगों को यह जानने में भी मदद मिलेगी कि किस प्रकार का आम उनकी पसंद और जरूरत के अनुसार सबसे बेहतर हो सकता है।

महोत्सव का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य किसानों और बागवानी क्षेत्र से जुड़े लोगों को नई तकनीकों से परिचित कराना भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल पर कृषि एवं उद्यानिकी विशेषज्ञों द्वारा विशेष परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में आम की उन्नत खेती, पौधों की देखभाल, रोग नियंत्रण, उत्पादन बढ़ाने की तकनीक और व्यावसायिक बागवानी के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी जाएगी।

विशेषज्ञ किसानों को यह भी बताएंगे कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के बीच आम की खेती को किस प्रकार अधिक लाभदायक बनाया जा सकता है। आधुनिक तकनीक, सिंचाई प्रबंधन और पौध संरक्षण से जुड़े कई विषयों पर भी चर्चा होगी। इससे किसानों को अपनी आय बढ़ाने और बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन करने में मदद मिल सकती है।

महोत्सव में आने वाले लोग सीधे किसानों और नर्सरी संचालकों से आम के पौधे भी खरीद सकेंगे। फलदार पौधों की बिक्री के लिए अलग व्यवस्था की गई है, जहां लोगों को विभिन्न किस्मों के पौधे उपलब्ध होंगे। इससे बागवानी में रुचि रखने वाले लोग अपने घरों और खेतों में नई प्रजातियों के पौधे लगा सकेंगे।

बच्चों और युवाओं को भी इस आयोजन से जोड़ने के लिए विशेष गतिविधियों की योजना बनाई गई है। मैंगो क्विज, चित्रकला प्रतियोगिता और ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को फल उत्पादन और कृषि से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। आयोजकों का मानना है कि ऐसी गतिविधियां नई पीढ़ी को प्रकृति और कृषि से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

बिहार लंबे समय से उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले आमों के उत्पादन के लिए जाना जाता रहा है। भागलपुर का जर्दालू आम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान रखता है। ऐसे में पटना में आयोजित होने वाला यह महोत्सव राज्य की बागवानी क्षमता को प्रदर्शित करने का भी एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मिलता है और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पादों तक सीधी पहुंच प्राप्त होती है। साथ ही नई किस्मों और आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।

आयोजकों ने पटना और आसपास के जिलों के लोगों से परिवार सहित महोत्सव में पहुंचने की अपील की है। उनका कहना है कि यह आयोजन केवल आम खरीदने या देखने का अवसर नहीं बल्कि स्वाद, कृषि और संस्कृति का अनूठा संगम होगा।

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बिहार कृषि और बागवानी की समृद्ध परंपरा वाला राज्य है। ऐसे में ग्रैंड मैंगो फेस्टिवल जैसे आयोजन केवल प्रदर्शनी नहीं बल्कि किसानों और उपभोक्ताओं के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं। इससे स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलती है और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलता है।

आम भारतीय संस्कृति और खानपान का अभिन्न हिस्सा है। यदि ऐसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को बेहतर बाजार और नई तकनीकी जानकारी मिले तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था और बागवानी क्षेत्र के लिए भी लाभकारी साबित होगा।

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