:
Breaking News

Darbhanga News: बिरौल सिविल कोर्ट में नशे में पहुंचा गवाह, लड़खड़ाई जुबान तो कोर्ट के आदेश पर हुई जांच

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

दरभंगा के बिरौल सिविल कोर्ट में एक गवाह शराब के नशे में गवाही देने पहुंच गया। कोर्ट के निर्देश पर ब्रेथ एनालाइजर जांच में शराब सेवन की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया।

दरभंगा/आलम की खबर:बिहार के दरभंगा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को भी हैरान कर दिया। बिरौल सिविल कोर्ट में एक व्यक्ति शराब के नशे में गवाही देने पहुंच गया। न्यायालय में बयान देने के दौरान उसकी जुबान लड़खड़ाने लगी और उसके व्यवहार को देखकर वहां मौजूद लोगों को शक हुआ। इसके बाद कोर्ट के निर्देश पर हुई जांच में शराब सेवन की पुष्टि हो गई।

मामला बिरौल सिविल कोर्ट स्थित जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय का है। शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान गवाह बैजनाथ राय को अपना बयान दर्ज कराना था। न्यायालय की प्रक्रिया के तहत जब गवाह से पूछताछ शुरू हुई तो उसके बोलने के तरीके और व्यवहार में असामान्यता महसूस की गई।

गवाही के दौरान गवाह की आवाज और बोलने के अंदाज को देखकर वहां मौजूद अधिवक्ताओं को संदेह हुआ कि वह सामान्य स्थिति में नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ता रामचन्द्र यादव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय के समक्ष आवेदन देकर गवाह की जांच कराने का आग्रह किया।

अधिवक्ता की ओर से उठाई गई आपत्ति के बाद न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने बिरौल थाना पुलिस को तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गवाह की जांच कराई गई।

पुलिस ने ब्रेथ एनालाइजर मशीन से गवाह की जांच की। जांच रिपोर्ट में उसके शराब के प्रभाव में होने की पुष्टि हुई। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान रक्त में निर्धारित मात्रा से अधिक अल्कोहल की मौजूदगी पाई गई। इसके बाद पुलिस ने बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी गवाह की पहचान बैजनाथ राय के रूप में हुई है। वह बिरौल थाना क्षेत्र के हांसी गांव का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने जांच रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति को एक मामले में महत्वपूर्ण गवाही देनी थी, उसी के शराब के नशे में अदालत पहुंचने की घटना पूरे न्यायालय परिसर में चर्चा का विषय बन गई। अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों के बीच दिनभर इस घटना को लेकर चर्चा होती रही।

बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। इस कानून के तहत शराब का सेवन करना, शराब के नशे में सार्वजनिक स्थान पर पाया जाना या शराब से जुड़े किसी भी नियम का उल्लंघन करना अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे में न्यायालय जैसे संवेदनशील स्थान पर नशे की हालत में पहुंचना गंभीर मामला माना जा रहा है।

न्यायालय परिसर में गवाही देने वाले व्यक्ति से उम्मीद की जाती है कि वह पूरी तरह होश में रहे और न्यायिक प्रक्रिया में सही तरीके से सहयोग करे। लेकिन इस मामले में गवाह की स्थिति संदिग्ध पाए जाने के बाद जांच कराई गई, जिसमें सच्चाई सामने आ गई।

बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर गवाह की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जा रही है।

इस घटना ने शराबबंदी कानून के पालन को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू कर दी है। प्रशासन लगातार शराब के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करता रहा है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग कानून का उल्लंघन करते नजर आते हैं।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार न्यायालय की कार्यवाही में गवाह की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। गवाह का बयान किसी भी मामले की दिशा बदल सकता है। ऐसे में गवाही के समय उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति सामान्य होना बेहद जरूरी है।

फिलहाल पुलिस मामले की आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। न्यायालय को पूरी रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं, यह मामला बिरौल इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

यह घटना यह भी संदेश देती है कि कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई किसी भी परिस्थिति में की जा सकती है। चाहे मामला आम स्थान का हो या न्यायालय परिसर का, नियम सभी के लिए समान हैं।

यह भी पढ़ें:

https://alamkikhabar.com/⁠� बिहार की प्रमुख क्राइम खबरें

https://alamkikhabar.com/⁠� दरभंगा जिले की ताजा खबरें

दरभंगा के बिरौल सिविल कोर्ट में सामने आया शराबी गवाह का मामला कई सवाल खड़े करता है। न्यायालय देश की न्याय व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां हर व्यक्ति से अनुशासन और जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है।

गवाही किसी भी मुकदमे में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में गवाह का नशे की हालत में पहुंचना न्यायिक प्रक्रिया की गंभीरता को प्रभावित कर सकता है। अच्छी बात यह रही कि समय रहते संदेह होने पर जांच कराई गई और सच्चाई सामने आ गई।

बिहार में शराबबंदी कानून लागू है और इसके उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे मामलों में कानून का सख्ती से पालन जरूरी है ताकि लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़े।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *