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समस्तीपुर में सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद

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समस्तीपुर में सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले पुलिस ने सॉल्वर गैंग का खुलासा किया। 4 गिरफ्तार, कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद, कदाचार की बड़ी साजिश विफल।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले में होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले एक बड़ी साजिश का खुलासा करते हुए पुलिस ने कदाचार की योजना को पूरी तरह विफल कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की योजना बना रहे थे।

यह कार्रवाई 14 जून 2026 को आयोजित होने वाली केन्द्रीय चयन पर्षद द्वारा आयोजित मद्यनिषेध सिपाही, कक्षपाल एवं चलंत दस्ता सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान की गई सुरक्षा व्यवस्था के तहत की गई। परीक्षा को कदाचार मुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पहले से ही हाई अलर्ट पर था और विभिन्न एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही थीं।

सूत्रों के अनुसार, 13 जून 2026 की रात बेगूसराय पुलिस से प्राप्त एक महत्वपूर्ण इनपुट के आधार पर DIU समस्तीपुर को जानकारी मिली कि एक गिरोह परीक्षा में नकल कराने की बड़ी साजिश रच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर और सदर-1 के अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष SIT टीम का गठन किया गया।

टीम ने तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर जांच शुरू की और सोनवर्षा चौक के पास छापेमारी कर पहले एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान मिले खुलासों के आधार पर अन्य तीन लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस तरह कुल चार आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह परीक्षा केंद्रों के अंदर कैमरा, मोबाइल डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से प्रश्नपत्र प्राप्त कर बाहर भेजने और फिर उत्तर उपलब्ध कराने की योजना बना रहा था। इसके बदले चयनित अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने की तैयारी थी।

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें एंड्रॉयड मोबाइल, कीपैड मोबाइल, वॉकी-टॉकी, स्पाई डिवाइस, चार्जिंग उपकरण, बैटरी और अन्य संदिग्ध गैजेट शामिल हैं। कुछ उपकरणों को कपड़ों और मास्क के अंदर छिपाकर रखा गया था ताकि जांच से बचा जा सके।

Bihar Police और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह परीक्षा की गोपनीयता भंग करने और चुनिंदा अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने की योजना बना रहा था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी दी है, जिनकी तलाश जारी है।

इस कार्रवाई के बाद परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और अधिक कड़ी कर दी गई। सभी परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल, तकनीकी टीम और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई। हर अभ्यर्थी की बायोमेट्रिक जांच, मेटल डिटेक्टर और CCTV निगरानी के तहत परीक्षा संपन्न कराई गई।

पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई के कारण एक बड़ी परीक्षा कदाचार योजना पूरी तरह विफल हो गई और परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। प्रशासन ने इसे एक बड़ी सफलता बताया है, जिससे परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और मजबूत हुई है।

गिरफ्तार आरोपियों में बेगूसराय और समस्तीपुर जिले के अलग-अलग स्थानों के निवासी शामिल हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और किन अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने की योजना थी।

स्थानीय लोगों और अभ्यर्थियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह की सख्ती से मेहनती छात्रों का विश्वास बढ़ता है और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत होता है।

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समस्तीपुर पुलिस की यह कार्रवाई परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। जिस तरह से संगठित गिरोह इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से परीक्षा में कदाचार की योजना बना रहे थे, वह पूरी व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती थी।

आज के समय में परीक्षा में तकनीकी धोखाधड़ी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। ऐसे में पुलिस द्वारा समय रहते की गई यह कार्रवाई न केवल एक साजिश को रोकती है बल्कि भविष्य के लिए भी एक मजबूत संदेश देती है कि अब किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हालांकि, यह भी जरूरी है कि परीक्षा प्रणाली को लगातार और अधिक मजबूत किया जाए, ताकि ऐसे गिरोह भविष्य में भी सक्रिय न हो सकें। तकनीक का उपयोग जहां एक ओर सुविधा देता है, वहीं गलत हाथों में जाने पर यह खतरा भी बन सकता है।

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि सख्त निगरानी और समय पर कार्रवाई ही परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित रख सकती है।

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