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पटना में भीषण गर्मी का असर: कक्षा 5 तक के स्कूल 20 जून तक बंद, डीएम ने जारी किया आदेश

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पटना में बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा 5 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की शैक्षणिक गतिविधियों पर 20 जून तक रोक लगा दी है।

पटना/आलम की खबर:पटना में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। तेज धूप और गर्म हवा के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे संभावित खतरे को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने स्कूल संचालन के समय और कक्षाओं को लेकर नया आदेश जारी किया है।

जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने छात्रों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी सरकारी, निजी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का उद्देश्य गर्मी के कारण बच्चों को होने वाली परेशानियों और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को कम करना है।

जारी आदेश के अनुसार, पटना जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में प्री-स्कूल से लेकर कक्षा 5 तक की शैक्षणिक गतिविधियों को 20 जून 2026 तक स्थगित कर दिया गया है। यानी इस अवधि तक छोटे बच्चों के लिए नियमित कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाएगा।

वहीं कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने की अनुमति दी गई है, लेकिन उनके समय में बदलाव किया गया है। इन कक्षाओं का संचालन सुबह के समय ही किया जा सकेगा और विद्यालयों को सुबह 10:30 बजे तक ही कक्षाएं समाप्त करनी होंगी।

जिला प्रशासन ने अपने आदेश में कहा है कि वर्तमान समय में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। खासकर दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों को लू लगने, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

प्रशासन ने यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी हो गया था।

सभी विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे जिला प्रशासन के आदेश का पूरी तरह पालन करें। स्कूलों को अपनी समय-सारिणी में बदलाव करने और बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है।

इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों को भी आदेश के अनुसार गतिविधियों का संचालन करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे आदेश के पालन की निगरानी करें और किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करें।

पटना जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए सावधानी बरतें। बच्चों को जरूरत के अनुसार पानी पिलाते रहें, तेज धूप में बाहर निकलने से बचाएं और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से पटना समेत बिहार के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ा हुआ है। सुबह से ही गर्मी का असर देखने को मिल रहा है और दोपहर के समय स्थिति और कठिन हो जा रही है। मौसम की इस स्थिति में छोटे बच्चों के लिए स्कूल जाना स्वास्थ्य के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

शिक्षाविदों का भी मानना है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। छोटे बच्चों का शरीर गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होता है, इसलिए प्रशासन द्वारा लिया गया निर्णय उनकी सुरक्षा के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।

हालांकि, स्कूल बंद होने से पढ़ाई पर असर पड़ सकता है, लेकिन प्रशासन ने फिलहाल स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। मौसम में सुधार और तापमान में कमी आने के बाद ही आगे की स्थिति पर निर्णय लिया जाएगा।

जिला प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अगर गर्मी का प्रकोप आगे भी जारी रहता है तो परिस्थितियों के अनुसार नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

फिलहाल पटना में 15 जून से 20 जून 2026 तक यह आदेश प्रभावी रहेगा। इस दौरान विद्यालयों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।

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भीषण गर्मी के बीच पटना जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों के संचालन को लेकर लिया गया फैसला बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। गर्मी और लू का असर सबसे अधिक छोटे बच्चों पर पड़ता है, इसलिए उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए समय में बदलाव और कक्षाओं को स्थगित करना जरूरी कदम माना जा सकता है।

शिक्षा जरूरी है, लेकिन बच्चों का स्वास्थ्य उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। अत्यधिक तापमान में लंबे समय तक स्कूल में रहने से बच्चों को परेशानी हो सकती है। ऐसे समय में स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों दोनों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।

प्रशासन को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर समय रहते उचित निर्णय लेने चाहिए। साथ ही स्कूलों में पेयजल, छाया और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित होनी चाहिए।

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