:
Breaking News

समस्तीपुर में डीएम का जनता दरबार, भूमि विवाद से लेकर पेंशन और सड़क समस्या तक कई मामलों की हुई सुनवाई

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

समस्तीपुर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने जनता दरबार में जिलेभर से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं। डीएम ने अधिकारियों को समय सीमा के अंदर शिकायतों के समाधान का निर्देश दिया।

समस्तीपुर/आलम की खबर: जिले में आम लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में शुक्रवार को समाहरणालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की शिकायतें और समस्याएं सुनीं। जनता दरबार में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याओं को जिलाधिकारी के सामने रखा, जिसके बाद डीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों की जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जनता दरबार के दौरान जिले के अलग-अलग प्रखंडों और पंचायतों से पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं को लेकर आवेदन दिया। जिलाधिकारी ने सभी आवेदनों को गंभीरता से देखा और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निपटारा केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं बल्कि पूरी संवेदनशीलता और गुणवत्ता के साथ किया जाए।

इस दौरान सबसे अधिक मामले भूमि विवाद, राजस्व विभाग से जुड़े मामलों, अतिक्रमण, सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आवास योजना, बिजली आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, सड़क निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए तय समय सीमा के अंदर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

डीएम रोशन कुशवाहा ने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जनता दरबार लोगों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याएं सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाए। प्रत्येक आवेदन की जांच निष्पक्ष तरीके से करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए और आवेदकों को भी कार्रवाई की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनता दरबार में पहुंचे कई लोगों ने अपनी समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। किसी ने जमीन से जुड़े विवाद की शिकायत की तो किसी ने सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की समस्या बताई। कुछ लोगों ने सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर आवेदन दिया। जिलाधिकारी ने सभी मामलों पर संबंधित पदाधिकारियों से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मामलों की जांच कर जल्द से जल्द समाधान की प्रक्रिया पूरी करें।

प्रशासन का मानना है कि जनता दरबार जैसे कार्यक्रमों से आम लोगों की परेशानियों को नजदीक से समझने में मदद मिलती है। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की जानकारी भी मिलती है और उनका समाधान करने में आसानी होती है।

समस्तीपुर जिला प्रशासन द्वारा लगातार जन शिकायतों के निपटारे के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आम लोगों के साथ बेहतर व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ करें।

यह भी पढ़ें:

समस्तीपुर में प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा,

जनता की समस्याओं का समाधान ही सुशासन की असली पहचान

लोकतंत्र में प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद बेहद जरूरी होता है। जनता दरबार इसी उद्देश्य को पूरा करने का एक प्रभावी माध्यम है। समस्तीपुर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा द्वारा लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश देना प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करता है।

अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर लगाते रहते हैं। ऐसे में जनता दरबार उन्हें अपनी बात सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर देता है। भूमि विवाद, पेंशन, आवास, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं आम लोगों के जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं।

जरूरी है कि जनता दरबार में मिले आवेदनों का केवल रिकॉर्ड तैयार न हो, बल्कि उनका वास्तविक समाधान भी सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन की सफलता इसी में है कि आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके।

जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को समय सीमा के अंदर कार्रवाई करने का निर्देश सकारात्मक पहल है। यदि विभागीय अधिकारी भी इसी गंभीरता के साथ काम करें तो जनता का प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *