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कौशलेन्द्र प्रियदर्शी के पिता की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि, जीवन भर के संस्कार बने मार्गदर्शन

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न्यूज़4नेशन के प्रधान संपादक कौशलेन्द्र प्रियदर्शी के पिता की पुण्यतिथि पर राजनीतिक और सामाजिक गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। संपादक ने पिता के जीवन और संस्कारों को याद कर भावुक संदेश साझा किया।

पटना/आलम की खबर:पटना। आज न्यूज़4नेशन के प्रधान संपादक कौशलेन्द्र प्रियदर्शी के पूज्य पिता की पुण्यतिथि है, जिसे लेकर संपादक परिवार और समाज में गहरी भावनाएं उमड़ी हैं। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, प्रमुख समाजसेवी और शहर के गणमान्य लोग उपस्थित हुए और उन्होंने दिवंगत की समाज के प्रति योगदान और उनके व्यक्तित्व की सराहना करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

कौशलेन्द्र प्रियदर्शी ने पिता की याद में अत्यंत भावुकता के साथ अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, "आज ही के दिन आपने नश्वर शरीर का परित्याग किया था, लेकिन आपके द्वारा दिए गए संस्कार और सीख आज भी मेरे जीवन का आधार हैं। उन्हीं के सहारे मैं अपने कर्तव्य पथ पर निरंतर अग्रसर हूँ।" उन्होंने पिता के सरल और विनम्र स्वभाव को याद करते हुए बताया कि उन्होंने जीवन में मुस्कुराते हुए हर परिस्थिति का सामना करना उनसे ही सीखा।

पिता के व्यक्तित्व और जीवन मूल्यों का वर्णन

प्रियदर्शी ने अपने पिता के गुणों का विवरण देते हुए बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी उनका स्वभाव मधुर और शांत था। वे निंदा से दूर रहते थे और हर कार्य में परिवार और समाज के हित का ध्यान रखते थे। परिवार के प्रत्येक सदस्य का ख्याल रखना उनकी प्राथमिकता थी। कौशलेन्द्र ने कहा कि उनके पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए आज वे स्वयं जीवन की निरंतरता बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने अपने पिता को रोल मॉडल और हीरो बताते हुए कहा, "शारीरिक रूप से आप नहीं हैं, लेकिन आपका वजूद हमेशा मुझे मार्गदर्शन करता है। आपने गृहस्थ जीवन में भी ईश्वरीय गुणों से परिपूर्ण रहकर काम, क्रोध, मद और मोह से मुक्त जीवन जीना सिखाया। आपका जीवन मेरे लिए एक पाठशाला है, जहाँ मैं आज भी एक छात्र की तरह सीखता हूँ।"

गलतियों को माफ करने का अद्वितीय अंदाज

प्रियदर्शी ने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि उनके पिता किसी की गलती पर मुस्कुरा कर माफ करने और उचित रूप से समझाने का अद्भुत तरीका रखते थे। उन्होंने कहा कि पिता की यही सीख उन्हें आदर्श पिता और अभिभावक बनने में मार्गदर्शन कर रही है।

परिवार की भावनाएं और स्मृतियां

कौशलेन्द्र प्रियदर्शी के बड़े भाई अमरेन्द्र प्रियदर्शी ने कहा कि उनके पिता आज ही के दिन पंद्रह वर्ष पूर्व इस नश्वर संसार को छोड़कर पुण्य लोक के लिए प्रस्थान कर गए थे। उनका आशीर्वाद आज भी परिवार को मिलता है और यह आशीर्वाद सबके जीवन जीने का आधार बना हुआ है।

संपादक का संदेश और भावुकता

कौशलेन्द्र ने अपने पिता की शिक्षा और जीवन मूल्यों को याद करते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि उनके पिता द्वारा दी गई सीख समाज में भी दूसरों तक पहुंचे। उन्होंने सभी उपस्थित गणमान्य लोगों और नेताओं को धन्यवाद दिया कि उन्होंने इस पुण्यतिथि पर अपनी उपस्थिति से पिता के योगदान को याद किया।

प्रियदर्शी ने कहा कि पिता का जीवन सरलता, विनम्रता और अनुशासन का प्रतीक था। उन्होंने हमेशा परिवार और समाज के हित को सर्वोपरि रखा। उनका जीवन अनुकरणीय है और उनकी यादें आज भी परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

इस भावपूर्ण अवसर पर समाज और राजनीतिक गणमान्यों की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि जीवन में अच्छे संस्कार और मूल्य हमेशा स्मरणीय रहते हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं। कौशलेन्द्र प्रियदर्शी ने पिता के जीवन से मिली शिक्षा को अपने कार्यों और समाज सेवा में प्रतिबिंबित करने का संकल्प लिया।

इस प्रकार, आज के दिन न केवल संपादक और उनके परिवार के लिए, बल्कि समाज के लिए भी यह अवसर सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक बन गया है, जहाँ पिता के जीवन और उनके संस्कारों को याद करते हुए भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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