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समस्तीपुर मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में यांत्रिकी विभाग में दर्ज की अभूतपूर्व उपलब्धियाँ

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समस्तीपुर आलम की खबर:समस्तीपुर मंडल के यांत्रिकी विभाग (कैरेज एवं वैगन) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेलवे संचालन और रखरखाव के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। विभाग की यह सफलता न केवल तकनीकी दक्षता, बल्कि यात्रियों की संतुष्टि, संसाधनों के कुशल उपयोग और नवाचार की दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम है। इस वर्ष मंडल ने अनियोजित कोच डिटैचमेंट में उल्लेखनीय कमी, कोचों की रखरखाव गुणवत्ता में सुधार, स्क्रैप निस्तारण में रिकॉर्ड वृद्धि और रेल मदद (Rail Madad) प्रणाली में उत्कृष्ट प्रदर्शन जैसे कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं।

सबसे प्रमुख उपलब्धि अनियोजित कोच डिटैचमेंट में कमी है। वर्ष 2025-26 के दौरान प्राथमिक कोच होल्डिंग में अनियोजित कोच डिटैचमेंट प्रति 100 कोच होल्डिंग 144 से घटाकर 103 तक लाया गया, जबकि सेकेंडरी कोच डिटैचमेंट भी 54 से घटकर 45 हुआ। इस सुधार का सीधा लाभ ट्रेन संचालन की समयपालन क्षमता और विश्वसनीयता में देखा गया। अनियोजित डिटैचमेंट में कमी से ट्रेनें निर्धारित समय पर चल रही हैं, जिससे यात्रियों को सुविधा और भरोसा बढ़ा है।
कोचों की अकार्यकुशलता (Ineffectiveness) में भी सुधार हुआ है। एसी कोचों की अकार्यकुशलता 4.41 से घटकर 4.05 हो गई, जबकि नॉन-एसी कोचों में यह 2.24 से घटकर 1.76 पर आ गई। यह दर्शाता है कि विभाग ने कोचों की नियमित रखरखाव और तकनीकी सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। इन सुधारों ने न केवल कोचों की जीवन अवधि बढ़ाई है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव भी सुनिश्चित किया है।
स्क्रैप निस्तारण के क्षेत्र में समस्तीपुर मंडल ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस वर्ष फेरस स्क्रैप 44.67 मीट्रिक टन से बढ़कर 101.65 मीट्रिक टन हो गया, जबकि नॉन-फेरस स्क्रैप 2.15 मीट्रिक टन से बढ़कर 5.94 मीट्रिक टन तक पहुँच गया। इस वृद्धि ने विभाग के संसाधनों के कुशल उपयोग और राजस्व वृद्धि में योगदान दिया। स्क्रैप प्रबंधन के यह परिणाम यह दर्शाते हैं कि मंडल ने पुराने और निष्क्रिय संसाधनों को पुनः उपयोग योग्य सामग्री में परिवर्तित करने के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाया।
इसके अलावा, प्राथमिक कोच होल्डिंग में लगातार वृद्धि हुई है। पिछले तीन वर्षों में कोचों की संख्या 1084 से बढ़कर 1481 हो गई है। यह क्षमता विस्तार मंडल की तकनीकी प्रबंधन क्षमता और परिचालन दक्षता का प्रमाण है। विभाग ने मानव संसाधन और उपलब्ध उपकरणों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से इस वृद्धि को संभव बनाया।
रखरखाव कार्यों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2025-26 में 1191 TODs (Train On Demand) और 174 खाली कोचिंग रेक्स का सफलतापूर्वक रखरखाव किया गया। इसके अतिरिक्त, नेपाल के IDBR में 104 BLC रेक्स का फ्रेट परीक्षण भी किया गया। इन गतिविधियों से यह स्पष्ट होता है कि विभाग ने न केवल घरेलू स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग में भी तकनीकी मानक और विश्वसनीयता बनाए रखी है।
रेल मदद (Rail Madad) प्रदर्शन के क्षेत्र में समस्तीपुर मंडल ने उत्तम परिणाम हासिल किए हैं। शिकायतों के निस्तारण समय में 32 मिनट और लंबित समय में 17 मिनट के साथ विभाग ने पूर्व मध्य रेल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। कुल 23,398 शिकायतों में से 14,028 पर फीडबैक प्राप्त हुआ, जिनमें 9,306 को उत्कृष्ट और 3,605 को संतोषजनक रेटिंग दी गई। केवल 7.96% शिकायतों पर असंतोषजनक फीडबैक आया, जिससे मंडल का समग्र प्रदर्शन भारतीय रेलवे में दसवें स्थान पर रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 15वें स्थान पर था। इस उपलब्धि ने यह स्पष्ट किया कि विभाग यात्रियों की समस्याओं को शीघ्र और प्रभावी ढंग से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विभाग ने नवाचार और लागत बचत के उपायों में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इन पहलों में इन-हाउस उपकरण विकास, कोच मॉडिफिकेशन, वाटरिंग सिस्टम में सुधार, फायर एक्सटिंगुइशर टेस्टिंग और अन्य तकनीकी सुधार शामिल हैं। इन उपायों के माध्यम से लगभग 70 लाख रुपये की बचत हुई है। नवाचार और लागत प्रबंधन ने विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाई और सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया।
सभी क्षेत्रों में समस्तीपुर मंडल की यह उपलब्धि संचालन, रखरखाव, नवाचार और यात्री सेवा में संतुलित और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतीक है। विभाग ने तकनीकी दक्षता, मानव संसाधन प्रबंधन, स्क्रैप निस्तारण और रेल मदद प्रणाली में सुधार के माध्यम से यह साबित किया कि समस्तीपुर मंडल भारतीय रेलवे के मानक तय करने वाले क्षेत्रों में अग्रणी है।
विभाग की यह उपलब्धि केवल तकनीकी सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने, संसाधनों का कुशल उपयोग करने और रेलवे परिचालन में स्थिरता लाने का भी प्रमाण है। अनियोजित कोच डिटैचमेंट में कमी, कोचों की अकार्यकुशलता में सुधार, स्क्रैप प्रबंधन में वृद्धि और रेल मदद प्रणाली में उत्कृष्ट प्रदर्शन ने इसे वित्तीय वर्ष 2025-26 का सबसे सफल वर्ष बना दिया।
समस्तीपुर मंडल का यांत्रिकी (कैरेज एवं वैगन) विभाग न केवल पूर्व मध्य रेल के लिए, बल्कि पूरे भारतीय रेलवे के लिए एक मिसाल स्थापित करने में सफल रहा है। विभाग ने परिचालन दक्षता, रखरखाव गुणवत्ता, नवाचार और यात्रियों की संतुष्टि के सभी मानकों पर उच्चतम स्तर प्राप्त किया है। इन उपलब्धियों से यह स्पष्ट होता है कि विभाग की योजनाएं और क्रियान्वयन रणनीतियाँ प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं, जो भविष्य में भी रेलवे संचालन और यात्री सेवा को और बेहतर बनाएंगी।

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