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बंगाल चुनाव के पहले चरण के लिए कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत, 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी
- Reporter 12
- 07 Apr, 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण से पहले कांग्रेस ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई बड़े नेताओं को मैदान में उतारा गया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
कोलकाता/आलम की खबर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण से पहले कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज करते हुए स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान को ध्यान में रखते हुए 40 प्रमुख नेताओं को प्रचार अभियान की जिम्मेदारी सौंपी है। इस सूची में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे राष्ट्रीय स्तर के बड़े चेहरे शामिल हैं। कांग्रेस की ओर से जारी यह सूची साफ संकेत देती है कि पार्टी बंगाल के चुनावी मैदान में अपनी मौजूदगी को मजबूत तरीके से दर्ज कराना चाहती है। यह सूची कांग्रेस के आधिकारिक संचार और चुनावी तैयारी के तहत सामने आई है। �
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कांग्रेस की यह रणनीति सिर्फ बड़े नामों के भरोसे चुनाव लड़ने की नहीं दिखती, बल्कि इसमें संगठन, क्षेत्रीय समीकरण, अल्पसंख्यक वोट, महिला भागीदारी और युवा नेतृत्व को भी साधने की कोशिश साफ नजर आती है। पार्टी ने एक तरफ अपने अनुभवी और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले नेताओं को प्रचार में उतारा है, तो दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के स्थानीय चेहरों को भी पर्याप्त महत्व दिया है। इससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस इस चुनाव को केवल प्रतीकात्मक लड़ाई के तौर पर नहीं, बल्कि राजनीतिक पुनर्स्थापना के अवसर के रूप में देख रही है।
गांधी परिवार और खरगे पर रहेगा प्रचार का सबसे बड़ा भार
कांग्रेस की स्टार प्रचारक सूची में सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित करने वाले नाम पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के हैं। मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे नेता पार्टी के मुख्य प्रचार अभियान का चेहरा होंगे। बंगाल जैसे जटिल और बहुकोणीय राजनीतिक राज्य में इन नेताओं की मौजूदगी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और मीडिया नैरेटिव को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की सभाएं आम तौर पर पार्टी के लिए भीड़ जुटाने और राजनीतिक संदेश को धार देने का काम करती हैं, जबकि मल्लिकार्जुन खरगे संगठनात्मक मजबूती और राष्ट्रीय नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करेंगे। सोनिया गांधी का नाम सूची में शामिल होना भी इस बात का संकेत है कि कांग्रेस इस चुनाव को गंभीरता से ले रही है।
संगठन के भरोसेमंद चेहरों को भी बड़ी जिम्मेदारी
पार्टी ने सिर्फ करिश्माई चेहरों पर ही दांव नहीं लगाया है, बल्कि संगठन के मजबूत और अनुभवी नेताओं को भी मैदान में उतारा है। केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक, रणदीप सिंह सुरजेवाला और अशोक गहलोत जैसे नेता इस सूची में शामिल हैं। ये वे चेहरे हैं जो चुनावी रणनीति, संगठनात्मक समन्वय और संदेश प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कांग्रेस आम तौर पर उन राज्यों में जहां उसका सीधा मुकाबला बहुकोणीय हो, वहां केंद्रीय नेताओं के साथ संगठन के कुशल चेहरों को भी सक्रिय करती है। बंगाल में भी पार्टी का यही मॉडल दिख रहा है। इससे यह स्पष्ट है कि प्रचार सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बूथ और जिला स्तर तक रणनीतिक गतिविधियों को भी गति दी जाएगी।
चर्चित और प्रभावशाली चेहरों से बढ़ेगा प्रचार का असर
कांग्रेस ने अपनी सूची में कुछ ऐसे नाम भी शामिल किए हैं, जो राष्ट्रीय राजनीति और जनसभाओं में अपनी अलग पहचान रखते हैं। शशि थरूर, सचिन पायलट, मोहम्मद अजहरुद्दीन और कन्हैया कुमार जैसे नेता पार्टी के प्रचार अभियान को अलग रंग दे सकते हैं।
शशि थरूर अपने बौद्धिक और प्रभावशाली भाषणों के लिए जाने जाते हैं, जबकि सचिन पायलट युवा मतदाताओं और मध्यम वर्ग के बीच अच्छी पकड़ रखते हैं। मोहम्मद अजहरुद्दीन का नाम अल्पसंख्यक और खेल प्रेमी वर्ग में प्रभाव डाल सकता है, वहीं कन्हैया कुमार को आक्रामक और जनसंपर्क आधारित प्रचार शैली के लिए जाना जाता है। इन चेहरों के जरिए कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि वह पुराने और नए नेतृत्व का मिश्रण लेकर मैदान में उतरी है।
बंगाल के स्थानीय नेताओं को भी मिला अहम स्थान
किसी भी राज्य चुनाव में सिर्फ राष्ट्रीय चेहरे जीत की गारंटी नहीं देते। असली लड़ाई स्थानीय नेतृत्व, संगठन और जमीनी पकड़ के दम पर तय होती है। यही वजह है कि कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के अपने प्रमुख नेताओं को भी इस सूची में खास जगह दी है।
प्रदेश कांग्रेस के बड़े चेहरों में अधीर रंजन चौधरी का नाम सबसे प्रमुख माना जा रहा है। उनकी आक्रामक शैली और विपक्ष पर सीधे हमले की राजनीति लंबे समय से बंगाल में कांग्रेस की पहचान रही है। इसके अलावा दीपा दासमुंशी, प्रदीप भट्टाचार्य, ईशा खान चौधरी, डीपी रॉय, शुभंकर सरकार और अमिताभ चक्रवर्ती जैसे नाम भी सूची में शामिल हैं। ये नेता स्थानीय स्तर पर पार्टी के पुराने वोट बैंक को संभालने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
अल्पसंख्यक और सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
कांग्रेस की इस सूची को अगर ध्यान से देखा जाए तो उसमें सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन की स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है। इमरान प्रतापगढ़ी, इमरान मसूद, शकील अहमद खान और इरफान अंसारी जैसे नेताओं को शामिल कर पार्टी ने उन इलाकों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने का संकेत दिया है, जहां अल्पसंख्यक मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
इसके अलावा तारिक अनवर, मोहम्मद जावेद और सैयद नसीर हुसैन जैसे नेताओं की मौजूदगी भी बताती है कि कांग्रेस अपने परंपरागत सामाजिक आधार को फिर से सक्रिय करना चाहती है। पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यक वोट लंबे समय से एक बड़ा चुनावी कारक रहा है और कांग्रेस इस वर्ग में अपनी जगह दोबारा मजबूत करने की कोशिश में दिखाई दे रही है।
महिला और युवा मतदाताओं पर भी नजर
कांग्रेस ने इस सूची के जरिए महिला और युवा मतदाताओं को भी साधने की कोशिश की है। प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा अलका लांबा, अंबा प्रसाद, दीपिका पांडे सिंह और दीपा दासमुंशी जैसे नाम यह दिखाते हैं कि पार्टी महिला नेतृत्व को प्रचार में सामने लाना चाहती है।
युवा चेहरों में कन्हैया कुमार, सचिन पायलट, गौरव गोगोई और कुछ अन्य नेताओं को शामिल कर कांग्रेस ने यह संकेत दिया है कि वह सिर्फ परंपरागत वोटरों पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि नई पीढ़ी तक भी पहुंच बनाना चाहती है। बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से जागरूक राज्य में यह रणनीति असरदार साबित हो सकती है।
पहले चरण पर खास फोकस, मुकाबला होगा दिलचस्प
पश्चिम बंगाल विधानसभा की कुल 294 सीटों के लिए इस बार चुनाव दो चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होगी, जबकि दूसरे चरण के लिए मतदान 29 अप्रैल को प्रस्तावित है। मतगणना 4 मई को होगी। कांग्रेस ने फिलहाल जो 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, वह पहले चरण के मतदान को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि कांग्रेस का यह प्रचार अभियान बंगाल की त्रिकोणीय या बहुकोणीय लड़ाई में कितना असर डालता है। राज्य में मुकाबला सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि राजनीतिक उपस्थिति और भविष्य की जमीन तैयार करने का भी है। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह चुनाव सिर्फ जीत-हार से ज्यादा, अपनी राजनीतिक उपयोगिता साबित करने का मौका भी है।
यह भी पढ़ें: बंगाल चुनाव में किस दल की किस इलाके पर सबसे मजबूत पकड़
कांग्रेस के 40 स्टार प्रचारकों की पूरी सूची
मल्लिकार्जुन खरगे
सोनिया गांधी
राहुल गांधी
प्रियंका गांधी वाड्रा
केसी वेणुगोपाल
गुलाम अहमद मीर
शुभंकर सरकार
बीके हरिप्रसाद
सुखविंदर सिंह सुक्खू
अशोक गहलोत
मुकुल वासनिक
रणदीप सिंह सुरजेवाला
अधीर रंजन चौधरी
सलमान खुर्शीद
डॉ. शशि थरूर
सचिन पायलट
दीपा दासमुंशी
सैयद नसीर हुसैन
प्रो. प्रदीप भट्टाचार्य
डीपी रॉय
ईशा खान चौधरी
तारिक अनवर
मोहम्मद जावेद
गौरव गोगोई
केएल शर्मा
इमरान प्रतापगढ़ी
इमरान मसूद
सुदीप रॉय बर्मन
कन्हैया कुमार
अलका लांबा
उदय भानु चिब
बीपी सिंह
अंबा प्रसाद
पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी
शकील अहमद खान
मोहम्मद अजहरुद्दीन
दीपिका पांडे सिंह
अमिताभ चक्रवर्ती
मनीष तमांग
इरफान अंसारी
निष्कर्ष
कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के पहले चरण के लिए जिस तरह अपने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं की संयुक्त टीम उतारी है, उससे साफ है कि पार्टी इस बार प्रचार में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती। बड़े चेहरों, स्थानीय प्रभावशाली नेताओं, महिला प्रतिनिधित्व और सामाजिक समीकरणों के संतुलन के साथ कांग्रेस ने एक व्यापक चुनावी संदेश देने की कोशिश की है।अब देखना यह होगा कि स्टार प्रचारकों की यह फौज बंगाल की जमीनी राजनीति में कितनी ऊर्जा भर पाती है और चुनावी नतीजों पर इसका कितना असर पड़ता है।
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