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समस्तीपुर में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, PDS डीलरों के जरिए ‘स्व-जनगणना अभियान’ शुरू

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समस्तीपुर में जनगणना 2027 के लिए स्व-जनगणना अभियान शुरू किया गया है। PDS डीलरों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

समस्तीपुर जिले में जनगणना 2027 को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर आपूर्ति विभाग के जरिए एक विशेष “स्व-जनगणना अभियान” चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करना और डेटा संग्रह की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाना है। यह अभियान खासतौर पर जन वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिससे गांव-गांव तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो सके।

इस पहल के तहत जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में आने वाले सभी PDS डीलरों के माध्यम से इस कार्यक्रम की नियमित निगरानी करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए।

प्रशासन की रणनीति के अनुसार, उचित मूल्य की दुकानों को इस अभियान का केंद्र बनाया गया है। हर दिन बड़ी संख्या में लोग राशन लेने के लिए इन दुकानों पर पहुंचते हैं, ऐसे में इन्हीं स्थानों को जनगणना जागरूकता का माध्यम बनाया गया है। डीलरों को निर्देश दिया गया है कि वे न केवल अपने और अपने परिवार के सदस्यों का स्व-जनगणना पोर्टल या ऐप के जरिए पंजीकरण करें, बल्कि दुकान पर आने वाले लाभार्थियों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

इस अभियान के तहत राशन दुकानों पर स्व-जनगणना से जुड़ी जानकारी को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। पोस्टर, बैनर और सूचना पट्ट के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि वे किस तरह से खुद अपना डेटा दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा, राशन वितरण के दौरान डीलर लोगों को व्यक्तिगत रूप से भी समझा रहे हैं कि यह प्रक्रिया क्यों जरूरी है और इसमें भाग लेना कैसे उनके लिए फायदेमंद हो सकता है।

प्रशासन का मानना है कि स्व-जनगणना की प्रक्रिया से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि डेटा की सटीकता भी बढ़ेगी। जब लोग खुद अपने परिवार और व्यक्तिगत जानकारी को दर्ज करेंगे, तो उसमें गलती की संभावना कम हो जाएगी। इससे सरकार को योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी।

जिलाधिकारी ने इस अभियान को बेहद गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करना सभी की जिम्मेदारी है।

इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस चेतावनी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभियान पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ चलाया जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल माध्यम से स्व-जनगणना की यह पहल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाएं आसान होंगी, बल्कि आम लोगों की भागीदारी भी बढ़ेगी। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां तकनीकी जानकारी सीमित होती है, वहां PDS डीलरों के माध्यम से जागरूकता फैलाना एक प्रभावी तरीका साबित हो सकता है।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने परिवार का पंजीकरण जल्द से जल्द पूरा करें। प्रशासन का कहना है कि यह केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करे।

निष्कर्ष:

समस्तीपुर में शुरू किया गया स्व-जनगणना अभियान प्रशासन की दूरदर्शी सोच और बेहतर योजना का उदाहरण है। PDS नेटवर्क के माध्यम से इसे जमीनी स्तर तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जिससे अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। आने वाले समय में यह पहल जनगणना 2027 को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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