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Bihar News: अंचलाधिकारियों की हड़ताल खत्म, 4 मई से काम पर लौटेंगे सभी CO

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बिहार में 09 मार्च से जारी अंचलाधिकारियों की हड़ताल स्थगित कर दी गई है। सभी अधिकारी 4 मई से काम पर लौटेंगे, जिससे राजस्व और जमीन से जुड़े काम फिर शुरू होंगे।

पटना/आलम की खबर:बिहार में पिछले लगभग दो महीने से जारी अंचलाधिकारियों की हड़ताल अब खत्म हो गई है। 09 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन सामूहिक हड़ताल पर गए राजस्व अधिकारियों ने जनहित को देखते हुए आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद राज्यभर में ठप पड़े अंचल कार्यालयों का कामकाज एक बार फिर पटरी पर लौटने की उम्मीद है।

इस निर्णय की जानकारी Bihar Revenue Service Federation के संयुक्त मोर्चा की ओर से दी गई। मोर्चा ने बताया कि व्यापक जनहित और आम लोगों को हो रही परेशानियों को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। अब सभी अंचलाधिकारी 4 मई से अपने-अपने पदस्थापन स्थल पर योगदान देंगे।

दो महीने से ठप था कामकाज

अंचलाधिकारियों की हड़ताल के कारण राज्यभर में जमीन, दाखिल-खारिज, म्यूटेशन, दाखिला-रसीद, परिमार्जन जैसे जरूरी कार्य पूरी तरह बाधित हो गए थे। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक हजारों लोग रोजाना अंचल कार्यालयों का चक्कर काट रहे थे, लेकिन काम नहीं हो पा रहा था।

इस स्थिति से आम लोगों के साथ-साथ किसानों, जमीन खरीदने-बेचने वालों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर लंबित मामलों का ढेर लग गया था, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया था।

जनहित में लिया गया बड़ा फैसला

संयुक्त मोर्चा ने अपने बयान में कहा कि यह निर्णय पूरी तरह जनहित को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल की उम्मीद है।

मोर्चा के अनुसार, प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखना भी जरूरी था, इसलिए हड़ताल को फिलहाल स्थगित किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मांगें अभी खत्म नहीं हुई हैं और सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद की जा रही है।

सरकार से क्या हैं प्रमुख मांगें

राजस्व अधिकारियों की मुख्य मांगों में भूमि सुधार उप समाहर्ता (LRDC) के पद को पूरी तरह राजस्व विभाग के अधीन लाना शामिल है। इसके अलावा, सेवा संवर्ग के अंतर्गत अधिसूचित पदों पर बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुख रही है।

संयुक्त मोर्चा ने यह भी कहा कि 5 मार्च 2026 को प्रस्तुत 11 सूत्री मांग पत्र पर सरकार गंभीरता से विचार करे और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करे। उनका मानना है कि इससे न केवल अधिकारियों की समस्याएं दूर होंगी, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था भी और अधिक मजबूत होगी।

4 मई से फिर शुरू होगा काम

हड़ताल खत्म होने के बाद अब सभी अंचलाधिकारी 4 मई से अपने-अपने कार्यालयों में काम शुरू करेंगे। इससे सबसे बड़ा फायदा आम जनता को मिलेगा, जिनके लंबे समय से अटके हुए काम अब धीरे-धीरे पूरे होने लगेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआत में काम का दबाव ज्यादा रहेगा, क्योंकि दो महीने के लंबित मामलों को निपटाना आसान नहीं होगा। लेकिन धीरे-धीरे व्यवस्था सामान्य हो जाएगी।

प्रशासनिक व्यवस्था पर असर

इस हड़ताल ने यह साफ कर दिया कि राजस्व विभाग का काम आम लोगों के जीवन से कितना जुड़ा हुआ है। जमीन से जुड़े कामों में थोड़ी सी भी रुकावट सीधे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती है।

अब जब हड़ताल खत्म हो चुकी है, तो प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लंबित कार्यों को तेजी से निपटाने की होगी। इसके लिए अतिरिक्त प्रयास और बेहतर समन्वय की जरूरत होगी।

सरकार और अधिकारियों के बीच भरोसा

संयुक्त मोर्चा ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्हें राज्य सरकार और नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार राजस्व सेवा से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेगी और जल्द ही ठोस कदम उठाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी वे संवाद और सहयोग के जरिए समाधान की दिशा में काम करते रहेंगे, ताकि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सके।

आम जनता को राहत

इस फैसले के बाद सबसे बड़ी राहत आम लोगों को मिलने जा रही है। लंबे समय से अटके काम अब पूरे होंगे और लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

किसानों, जमीन मालिकों और अन्य नागरिकों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि उनके कई जरूरी कार्य अब आगे बढ़ सकेंगे।

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