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Patna News: छात्रों से मिले चिराग पासवान, CM सम्राट चौधरी के सामने रखेंगे TRE-4 समेत भर्ती की मांगें

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पटना के गर्दनीबाग में छात्र आंदोलन के बीच चिराग पासवान ने अभ्यर्थियों से मुलाकात की। अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने TRE-4 समेत भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी मांगें रखेंगे।

पटना, 25 अगस्त। बिहार में शिक्षक भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन मंगलवार को राजनीतिक तौर पर भी अहम मोड़ पर पहुंच गया। पटना के गर्दनीबाग में लंबे समय से धरना दे रहे अभ्यर्थियों के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पहुंचे और छात्रों से सीधे उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद वह मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने छात्रों की मांगों और आंदोलन से जुड़ी बात रखने की बात कही गई है।

चिराग पासवान के छात्रों के बीच पहुंचने से आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने की चर्चा तेज हो गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से सरकार और संबंधित भर्ती संस्थाओं के सामने रखी जा रही हैं, लेकिन अब वे स्पष्ट निर्णय चाहते हैं।

18 अगस्त से गर्दनीबाग में धरना

BPSC TRE-4 समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में बदलाव की मांग को लेकर छात्र 18 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर कई बिंदुओं पर आपत्ति जताई है।

छात्रों का कहना है कि शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें अभ्यर्थियों को समान अवसर मिले और चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।

आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने अपनी मांगों का एक विस्तृत एजेंडा भी रखा है।

TRE-4 को लेकर क्या चाहते हैं छात्र?

गर्दनीबाग में आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में TRE-4 में एकल परीक्षा प्रणाली लागू करना शामिल है।

इसके अलावा छात्र प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा यानी PT और Mains की अलग-अलग व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट बनाया जाए।

छात्र नेगेटिव मार्किंग खत्म करने और शिक्षक भर्ती में 100 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी कर रहे हैं।

इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और बिहार के अभ्यर्थियों को पर्याप्त अवसर देने की मांग आंदोलन का प्रमुख हिस्सा है।

छात्रों के बीच पहुंचे चिराग पासवान

आंदोलन के बीच चिराग पासवान का गर्दनीबाग पहुंचना छात्रों के लिए महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से बातचीत की और उनकी मांगों को समझने की कोशिश की।

चिराग ने छात्रों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने की बात कही। उनका कहना है कि छात्रों की जो मांगें उचित हैं, उन्हें सही मंच पर उठाया जाना चाहिए।

छात्रों से बातचीत के बाद उनका अगला कदम मुख्यमंत्री से मुलाकात करना रहा। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री के साथ बातचीत में छात्र आंदोलन और TRE-4 की मांगों को लेकर क्या चर्चा होती है।

मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएंगी मांगें

चिराग पासवान की ओर से छात्रों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखने की बात कही गई है। ऐसे में यह मुलाकात आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

यदि सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का रास्ता खुलता है तो लंबे समय से चल रहे धरने को लेकर समाधान की संभावना बन सकती है।

हालांकि छात्रों की प्रमुख मांगों पर सरकार का अंतिम रुख अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि उनकी मांगों पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट निर्णय लिया जाए।

मुख्यमंत्री आवास की ओर छात्रों का मार्च

मंगलवार को छात्र आंदोलन ने उस समय नया रूप ले लिया जब प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया।

गांधी मैदान से छात्रों का मार्च शुरू हुआ। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आगे बढ़ते हुए डाकबंगला चौराहे की ओर पहुंचे। वहां पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया।

छात्रों और पुलिस के बीच इस दौरान तनाव बढ़ गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

घटनाक्रम के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई।

डाकबंगला पर तनाव और पुलिस कार्रवाई

डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। कुछ पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की सूचना भी सामने आई है।

प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। राजधानी के प्रमुख मार्ग पर प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर सरकार तक आवाज पहुंचाना चाहते हैं, जबकि प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।

BPSC अधिकारी के बयान से भी बढ़ा विवाद

इसी छात्र आंदोलन के बीच BPSC परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के कथित बयान को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ। छात्रों की ओर से उनके बयान पर आपत्ति जताई गई।

मामला बढ़ने के बाद सरकार की ओर से उनके निलंबन का निर्देश दिए जाने की बात सामने आई। बाद में अधिकारी की ओर से अपने बयान को लेकर माफी मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई।

इस घटनाक्रम ने पहले से चल रहे छात्र आंदोलन को और राजनीतिक एवं प्रशासनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया।

अब चिराग की मुलाकात पर टिकी नजर

छात्रों से मुलाकात के बाद चिराग पासवान का मुख्यमंत्री से मिलना इस आंदोलन का महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

अभ्यर्थियों की उम्मीद है कि उनके मुद्दों को सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंचाया जाएगा। खासकर TRE-4 में परीक्षा प्रणाली, नेगेटिव मार्किंग और डोमिसाइल नीति जैसे मुद्दों पर सरकार के रुख को लेकर छात्रों की नजर मुख्यमंत्री की बातचीत पर है।

हालांकि यह स्पष्ट होना बाकी है कि मुख्यमंत्री और चिराग पासवान की बातचीत के बाद छात्रों की मांगों पर कोई ठोस फैसला होता है या सरकार बातचीत के लिए कोई नई पहल करती है।

क्या चिराग की पहल से निकलेगा छात्र आंदोलन का रास्ता?

गर्दनीबाग का छात्र आंदोलन अब केवल परीक्षा से जुड़ी मांगों तक सीमित नहीं दिख रहा है। मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस से टकराव और इसके बाद चिराग पासवान का छात्रों के बीच पहुंचना घटनाक्रम को राजनीतिक महत्व देता है।

छात्रों की मांगें स्पष्ट हैं—भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो, परीक्षा व्यवस्था को लेकर भ्रम खत्म किया जाए और TRE-4 में उनके अनुसार एकल परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।

सरकार के सामने चुनौती दोहरी है। एक तरफ राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, तो दूसरी तरफ बड़ी संख्या में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की शिकायतों का समाधान भी करना होगा।

चिराग पासवान यदि छात्रों की मांगों को मुख्यमंत्री तक प्रभावी तरीके से पहुंचाते हैं और सरकार बातचीत का रास्ता खोलती है, तो आंदोलन को शांत करने की दिशा में यह पहला महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुख्यमंत्री के सामने छात्रों की मांगें रखने के बाद सरकार क्या निर्णय लेती है।

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