:
Breaking News

Bihar Weather: पटना समेत 24 जिलों में बारिश का अलर्ट, गोपालगंज-सीवान-बक्सर में भारी बारिश की चेतावनी

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में मौसम ने करवट ली है। पटना समेत 24 जिलों में येलो अलर्ट और गोपालगंज, सीवान व बक्सर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

पटना, 26 अगस्त। बिहार में मानसून की सुस्ती के बीच बुधवार को मौसम ने करवट ली है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और आंधी-वज्रपात का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने पटना समेत 24 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं गोपालगंज, सीवान और बक्सर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी आशंका है। ऐसे में खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास रहने से बचने की सलाह दी गई है।

24 जिलों में मौसम विभाग की नजर

बुधवार को जिन जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, उनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, पटना, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, जमुई, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और बांका शामिल हैं।

इनमें गोपालगंज, सीवान और बक्सर में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है। इन जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।

वहीं राज्य के बाकी 14 जिलों में फिलहाल किसी विशेष अलर्ट की सूचना नहीं है। इन इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है।

42 फीसदी बारिश की कमी ने बढ़ाई चिंता

बिहार में इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी पीछे चल रहा है। 25 अगस्त तक राज्य में औसतन 732 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक करीब 425.4 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। यानी सामान्य बारिश की तुलना में लगभग 42 फीसदी कमी दर्ज की गई है।

मानसून की कमजोर गतिविधि का असर खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। हालांकि मौसम में अब बन रहे सिस्टम से कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बदल रहा मौसम

मौसम में अचानक बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में बने मौसमी सिस्टम को प्रमुख वजह माना जा रहा है। गंगा से लगे पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।

इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। यह परिसंचरण करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ बताया गया है। मानसून ट्रफ की स्थिति भी इस मौसमी सिस्टम को मजबूती दे रही है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 24 घंटे में यह सिस्टम झारखंड और उत्तरी ओडिशा से होकर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से बिहार के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

पटना समेत दक्षिण और पश्चिम बिहार में असर

पटना, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और आसपास के जिलों में मौसम के बदलते मिजाज का असर देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ हवा की गति बढ़ने की संभावना है।

शहरी इलाकों में अचानक तेज बारिश होने पर जलजमाव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवा से पेड़ या बिजली के तार गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

बीते 24 घंटे में कुछ इलाकों में बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान लखीसराय और नालंदा के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। हालांकि राज्य के बड़े हिस्से में मानसून की गतिविधि कमजोर बनी रही।

इसी दौरान बांका जिले से वज्रपात की एक दुखद घटना सामने आई, जिसमें 18 वर्षीय खुशबू कुमारी की मौत हो गई। इस घटना के बाद एक बार फिर मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की जरूरत सामने आई है।

मंगलवार को पश्चिमी चंपारण रहा सबसे गर्म

बारिश की संभावना के बावजूद मंगलवार को बिहार के कई हिस्सों में तापमान ऊंचा रहा। पश्चिमी चंपारण में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा।

पूर्णिया में 35.4 डिग्री, सारण और सुपौल में 35.2 डिग्री, अररिया में 34.4 डिग्री, कैमूर में 34.1 डिग्री और पटना में 33.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इससे साफ है कि बिहार में एक ही समय पर मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। कहीं बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है, तो कहीं गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है।

मौसम खराब हो तो इन बातों का रखें ध्यान

तेज हवा, गरज-चमक और वज्रपात के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम खराब होने पर खुले मैदान में खड़े होने से बचें। पेड़ के नीचे शरण लेने के बजाय सुरक्षित पक्के भवन में चले जाएं। बिजली के उपकरणों और खंभों से भी दूरी बनाए रखें।

किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर रखने की जरूरत है। तेज हवा के दौरान खेतों या खुले स्थानों में काम करने से बचना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।

आगे भी जारी रह सकती है बारिश की गतिविधि

बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण बिहार में बारिश की गतिविधियों में फिलहाल उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। मानसून की कमजोर स्थिति के कारण राज्य में बारिश की कुल कमी अभी बड़ी चिंता है, लेकिन आने वाले दिनों में सिस्टम की दिशा और ताकत के आधार पर कई जिलों में बारिश बढ़ सकती है।

बिहार के लोगों के लिए इस समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिलेवार मौसम चेतावनी को गंभीरता से लिया जाए। खासकर गोपालगंज, सीवान और बक्सर के लोगों को बुधवार को भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना के बीच अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

यह भी पढ़ें

बिहार में मानसून और मौसम अलर्ट से जुड़ी ताजा खबरें Alam Ki Khabar पर पढ़ें।

उत्तर बिहार में बारिश और वज्रपात से जुड़ी अन्य खबरें भी देखें।

बारिश की कमी के बीच बदला मौसम राहत भी, चुनौती भी

बिहार में सामान्य से 42 फीसदी कम बारिश का आंकड़ा चिंता पैदा करने वाला है। ऐसे समय में बारिश की गतिविधि बढ़ना किसानों और आम लोगों के लिए राहत की खबर हो सकती है। लेकिन तेज बारिश के साथ आंधी और वज्रपात का खतरा इसे चुनौतीपूर्ण भी बनाता है।

मौसम का यह बदलाव बताता है कि मानसून पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि उसकी गतिविधियां अलग-अलग इलाकों में असमान बनी हुई हैं। प्रशासन को अलर्ट वाले जिलों में बिजली, सड़क, जलजमाव और आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों को मजबूत रखना चाहिए।

आम लोगों को भी मौसम चेतावनी को सिर्फ बारिश की सूचना न समझकर सुरक्षा संदेश के तौर पर लेना चाहिए। खासकर वज्रपात के दौरान थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। मौसम विभाग की जिलेवार चेतावनी पर नजर रखना और खराब मौसम में सुरक्षित स्थान पर रहना सबसे बेहतर उपाय है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *